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सरकारी अस्पतालों में लगेंगे खुद के सोलर प्लांट
Updated Sun, 18 Jun 2017 07:31 PM IST
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सोलर प्लांट से चलेगी सरकारी भवनों की बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बिजली की खपत कम करने और प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था नेडा द्वारा प्रस्ताव मांगे हैं। इस पर नेडा ने कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला न्यायालय, जिला पंचायत भवन समेत कई सरकारी इमारतों पर प्लांट लगाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। जल्द ही 25 किलोवॉट तक के प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
बिजली की खपत और प्रदूषण कम करने के लिए शासन प्राकृतिक ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रदूषण से होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण किया जा सके। शासन की योजना के अंतर्गत जनपद को सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए नेडा द्वारा तय सरकारी भवनों पर 25 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाना है। नेडा द्वारा यह कार्य प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा। नेडा ने जनपद में सोलर प्लांट लगने लायक सरकारी इमारतों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। शहर में अब तक विकास भवन की बिल्डिंग, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कलेक्ट्रेट को इसके लिए चिह्नित किया है। इस पर काम करने के लिए नेडा ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। जबकि अन्य सरकारी भवनों जिला पंचायत भवन की बिल्डिंग, जीजीआईसी, जीआईसी, आईटीआई आदि भवनों को चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, जनपद न्यायालय द्वारा भी 60 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसका एस्टीमेट नेडा द्वारा तैयार किया गया है और सर्वे भी कराया जा रहा है।
दस प्रतिशत बिजली बिल कंपनी को होगा
नेडा के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि सरकारी भवनों पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांट से बिजली का उपयोग करने पर बिजली बिल का दस प्रतिशत चार्ज प्लांट लगाने वाली कंपनी को मिलेगा, जबकि बाकी अदा होने वाली राशि सरकारी खाते में जाएगी।
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यहां लगे हैं सोलर प्लांट
जनपद सौर ऊर्जा का हब बनता जा रहा है। यहां शासन द्वारा पूर्व में भी कई सोलर ऊर्जा प्लांट बनाए गए हैं। जिसके तहत जनपद में ग्राम चीरा व महरौनी खुर्द में दस मेगावाट और बीस मेगावाट के दो सोलर पावर प्लांट बनकर तैयार हैं, जिनसे वर्तमान में तीस मेगावाट बिजली बन रही है। वहीं महरौनी के ग्राम पठा विजयपुरा और बारचौन में भी तीस मेगावाट के दो सोलर ऊर्जा प्लांट बनाए गए हैं। जो वर्तमान में महरौनी क्षेत्र को रोशन कर रहे हैं। इसी प्रकार शहर में जिला अस्पताल की बिल्डिंग में तीस किलोवाट का सोलर प्लांट पहले ही लगाया जा चुका है। जबकि गल्ला मंडी परिषद परिसर में सब्जी मंडी में भी पचास मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जा चुका है।
दस विद्यालयों में लगेंगे सोलर आरओ प्लांट
शासन की योजना के तहत दस प्राथमिक विद्यालयों में सोलर आरओ प्लांट भी लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसकी सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से नेडा द्वारा मांगी गई है। हालांकि बीएसए द्वारा नेडा को अभी यह सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है।
- शासन ने कार्यदायी संस्था नेडा से सरकारी भवनों को चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा
- बिजली की खपत कम करने और प्राकृतिक ऊर्जा का भरपूर उपयोग है लक्ष्य
- नेडा ने कलेक्ट्रेट, विकास भवन समेत कई दफ्तरों में सोलर प्लांट की मंजूरी मांगी
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बिजली की खपत कम करने और प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था नेडा द्वारा प्रस्ताव मांगे हैं। इस पर नेडा ने कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला न्यायालय, जिला पंचायत भवन समेत कई सरकारी इमारतों पर प्लांट लगाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। जल्द ही 25 किलोवॉट तक के प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
बिजली की खपत और प्रदूषण कम करने के लिए शासन प्राकृतिक ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रदूषण से होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण किया जा सके। शासन की योजना के अंतर्गत जनपद को सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए चयनित किया गया है। इसके लिए नेडा द्वारा तय सरकारी भवनों पर 25 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाना है। नेडा द्वारा यह कार्य प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा। नेडा ने जनपद में सोलर प्लांट लगने लायक सरकारी इमारतों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। शहर में अब तक विकास भवन की बिल्डिंग, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कलेक्ट्रेट को इसके लिए चिह्नित किया है। इस पर काम करने के लिए नेडा ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। जबकि अन्य सरकारी भवनों जिला पंचायत भवन की बिल्डिंग, जीजीआईसी, जीआईसी, आईटीआई आदि भवनों को चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, जनपद न्यायालय द्वारा भी 60 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसका एस्टीमेट नेडा द्वारा तैयार किया गया है और सर्वे भी कराया जा रहा है।
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दस प्रतिशत बिजली बिल कंपनी को होगा
नेडा के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि सरकारी भवनों पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांट से बिजली का उपयोग करने पर बिजली बिल का दस प्रतिशत चार्ज प्लांट लगाने वाली कंपनी को मिलेगा, जबकि बाकी अदा होने वाली राशि सरकारी खाते में जाएगी।
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यहां लगे हैं सोलर प्लांट
जनपद सौर ऊर्जा का हब बनता जा रहा है। यहां शासन द्वारा पूर्व में भी कई सोलर ऊर्जा प्लांट बनाए गए हैं। जिसके तहत जनपद में ग्राम चीरा व महरौनी खुर्द में दस मेगावाट और बीस मेगावाट के दो सोलर पावर प्लांट बनकर तैयार हैं, जिनसे वर्तमान में तीस मेगावाट बिजली बन रही है। वहीं महरौनी के ग्राम पठा विजयपुरा और बारचौन में भी तीस मेगावाट के दो सोलर ऊर्जा प्लांट बनाए गए हैं। जो वर्तमान में महरौनी क्षेत्र को रोशन कर रहे हैं। इसी प्रकार शहर में जिला अस्पताल की बिल्डिंग में तीस किलोवाट का सोलर प्लांट पहले ही लगाया जा चुका है। जबकि गल्ला मंडी परिषद परिसर में सब्जी मंडी में भी पचास मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जा चुका है।
दस विद्यालयों में लगेंगे सोलर आरओ प्लांट
शासन की योजना के तहत दस प्राथमिक विद्यालयों में सोलर आरओ प्लांट भी लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसकी सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से नेडा द्वारा मांगी गई है। हालांकि बीएसए द्वारा नेडा को अभी यह सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है।
- शासन ने कार्यदायी संस्था नेडा से सरकारी भवनों को चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा
- बिजली की खपत कम करने और प्राकृतिक ऊर्जा का भरपूर उपयोग है लक्ष्य
- नेडा ने कलेक्ट्रेट, विकास भवन समेत कई दफ्तरों में सोलर प्लांट की मंजूरी मांगी