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अनाज घोटाले में फंस गए शहर के चार कोटेदार
Updated Mon, 27 Aug 2018 03:32 AM IST
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अनाज घोटाले में फंस गए शहर के चार कोटेदार
ललितपुर। शहर के चार कोटेदार सहित एक अन्य व्यक्ति पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने पर कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि आधार कार्डों में हेराफेरी कर अनाज वितरण में अनियमितता की गई है। इस प्रकरण ने शासन प्रशासन की नींद उड़ाकर रख दी है।
निर्धन परिवारों को सस्ती दरों पर अनाज मुहैया कराने के लिए जगह-जगह कोटे की दुकानें खोली गई हैं। जहां पर गड़बड़ी रोकने के लिए ई- पॉस मशीन लगाई गई हैं। जिससे राशन वितरण किया जा रहा है। इनमें उन परिवारों के नाम प्रदर्शित होते हैं, जिन्होंने अपने राशन कार्डो को आधार से लिंक करा रखा है। यह प्रक्रिया भी अब संदेह के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि जिन व्यक्तियों ने ई पॉस मशीन से राशन प्राप्त किया है। वास्तव में वह लाभार्थी नहीं थे। जिससे गलत व्यक्ति सस्ते अनाज का लाभ उठाते रहे। यह अकेले ललितपुर का ही मामला नहीं है बल्कि प्रदेश के 43 जिलों में यह खेल चलता रहा और किसी को भनक भी नहीं लगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब कोटे की दुकान से राशन का वितरण किया जाता है, उस समय पर्यवेक्षणीय अधिकारी की निगरानी रहती है। यही नहीं, पूर्ति निरीक्षक भी इस पर नजर रखते हैं। इसके बाद भी हेराफेरी होती रही। इससे समूची व्यवस्था सवालों के घेरे में खडी हो गई है। इस पूरे मामले में पूर्ति विभाग के अधिकारी बचाव मुद्रा में नजर आ रहे हैं।
सही जानकारी नहीं दे रहे सर्विस प्रोवाइडर
एनआईसी लखनऊ ने अनाज वितरण में हेराफेरी पकड़ी है। इसकी सूचना फूड कमिश्नर के माध्यम से प्राप्त हुई है। सर्विस प्रोवाइडर इससे ज्यादा जानकारी नहीं दे रहे हैं।
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विजय प्रभा, जिला पूर्ति अधिकारी
यह है मामला
पूर्ति निरीक्षक अखिलेश तिवारी ने कोतवाली को दी तहरीर में बताया कि कई कार्डधारकों को राशन कार्ड बनाने की जानकारी ही नहीं है और उक्त कार्ड का ट्रांजेक्शन किया गया। इस मामले में कसाई मंडी उचित दर विक्रेता अकील अहमद, आजादपुरा उचित दर विक्रेता देवी देवीदयाल, गांधीनगर उचित दर विक्रेता चंद्रदयाल, नेहरू नगर उचित दर विक्रेता रेखा देवी व वंशीपुरा निवासी रूप सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा लिखवाया है।
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ललितपुर। शहर के चार कोटेदार सहित एक अन्य व्यक्ति पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने पर कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि आधार कार्डों में हेराफेरी कर अनाज वितरण में अनियमितता की गई है। इस प्रकरण ने शासन प्रशासन की नींद उड़ाकर रख दी है।
निर्धन परिवारों को सस्ती दरों पर अनाज मुहैया कराने के लिए जगह-जगह कोटे की दुकानें खोली गई हैं। जहां पर गड़बड़ी रोकने के लिए ई- पॉस मशीन लगाई गई हैं। जिससे राशन वितरण किया जा रहा है। इनमें उन परिवारों के नाम प्रदर्शित होते हैं, जिन्होंने अपने राशन कार्डो को आधार से लिंक करा रखा है। यह प्रक्रिया भी अब संदेह के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि जिन व्यक्तियों ने ई पॉस मशीन से राशन प्राप्त किया है। वास्तव में वह लाभार्थी नहीं थे। जिससे गलत व्यक्ति सस्ते अनाज का लाभ उठाते रहे। यह अकेले ललितपुर का ही मामला नहीं है बल्कि प्रदेश के 43 जिलों में यह खेल चलता रहा और किसी को भनक भी नहीं लगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब कोटे की दुकान से राशन का वितरण किया जाता है, उस समय पर्यवेक्षणीय अधिकारी की निगरानी रहती है। यही नहीं, पूर्ति निरीक्षक भी इस पर नजर रखते हैं। इसके बाद भी हेराफेरी होती रही। इससे समूची व्यवस्था सवालों के घेरे में खडी हो गई है। इस पूरे मामले में पूर्ति विभाग के अधिकारी बचाव मुद्रा में नजर आ रहे हैं।
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सही जानकारी नहीं दे रहे सर्विस प्रोवाइडर
एनआईसी लखनऊ ने अनाज वितरण में हेराफेरी पकड़ी है। इसकी सूचना फूड कमिश्नर के माध्यम से प्राप्त हुई है। सर्विस प्रोवाइडर इससे ज्यादा जानकारी नहीं दे रहे हैं।
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विजय प्रभा, जिला पूर्ति अधिकारी
यह है मामला
पूर्ति निरीक्षक अखिलेश तिवारी ने कोतवाली को दी तहरीर में बताया कि कई कार्डधारकों को राशन कार्ड बनाने की जानकारी ही नहीं है और उक्त कार्ड का ट्रांजेक्शन किया गया। इस मामले में कसाई मंडी उचित दर विक्रेता अकील अहमद, आजादपुरा उचित दर विक्रेता देवी देवीदयाल, गांधीनगर उचित दर विक्रेता चंद्रदयाल, नेहरू नगर उचित दर विक्रेता रेखा देवी व वंशीपुरा निवासी रूप सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा लिखवाया है।