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बगैर आईडी कार्ड व वर्दी के रीडिंग ले रहे मीटर रीडर
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:21 AM IST
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बगैर आईडी कार्ड व वर्दी के रीडिंग ले रहे बिजली कर्मचारी
ललितपुर। मीटर रीडर अपनी ही कंपनी के आदेशों की नाफरमानी कर रहे हैं। मीटर की रीडिंग के दौरान न तो उनके गले में आईडी कार्ड नजर आ रहा है न ही वर्दी। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहचानने में कठिनाई हो रही है। विद्युत विभाग में कार्यदाई संस्था में कार्य करने वाले मीटर रीडरों को आईडी कार्ड व ड्रेस कोड जारी किए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को उनकी पहचान करने में कोई असुविधा न हो और मीटर रीडर मौके पर ही कार्ड से पहचान दे सकें। बिलों की रीडिंग बनाते समय मीटर रीडर ड्रेस में ही नजर आएं। आईडी कार्ड होने से वह अपने क्षेत्र में बिल बनाने के लिए आसानी से पहुंच सकते हैं। साथ ही संस्था द्वारा रीडरों को हिदायत दी गई थी कि शीघ्र ही किसी मीटर रीडर द्वारा बिना आईडी कार्ड के बिल बनाते मिलने पर एसबीएम मशीन जब्त कर लेंगे।
कंपनी ने अपने लगभग सभी मीटर रीडरों को ड्रेस कोड जारी किया है। जिसमें ब्लैक पैंट व स्काई ब्लू रंग की शर्ट के साथ ही मीटर रीडर मीटर की रीडिंग लेंगे। लेकिन, उक्त कंपनी के कर्मी इन आदेशों की अवहेलना करते हुए कार्य कर रहे हैं। मीटर रीडरों के गले में न तो आईडी कार्ड है और न ही ड्रेस कोड दिखाई दे रहा हैं। इस ओर न तो कंपनी व विभागीय कर्मचारी ध्यान दे रहे हैं। मीटर रीडर अपने पुराने अंदाज में ही मीटर की रीडिंग ले रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भी पहचानने में असुविधा हो रही है। उक्त मीटर रीडर अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसमें कंपनी व विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण ही यह खेल चल रहा है। जिससे मीटर रीडर अपनी कंपनियों के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
पहचान के अभाव में होती हैं वारदातें
आम तौर पर देखा गया है कि शातिर किस्म के लोग पहचान छिपाकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते हैं। यही नहीं रीडिंग के दौरान बदसलूकी होने जैसे आरोप लगते हैं, लेकिन पहचान नहीं होने के आभाव में कार्रवाई से बच जाते हैं। जिसे ध्यान में रखकर कंपनी ने अपने कर्मियों केे वर्दी व आईडी कार्ड से लैस होकर रीडिंग लेने के निर्देश दिए हैं। जो हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
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जताई अनभिज्ञता।
ऐसी स्थिति में कंपनी को पत्र लिखा जाएगा।
अखिलेश वर्मा, एसडीओ प्रथम
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ललितपुर। मीटर रीडर अपनी ही कंपनी के आदेशों की नाफरमानी कर रहे हैं। मीटर की रीडिंग के दौरान न तो उनके गले में आईडी कार्ड नजर आ रहा है न ही वर्दी। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहचानने में कठिनाई हो रही है। विद्युत विभाग में कार्यदाई संस्था में कार्य करने वाले मीटर रीडरों को आईडी कार्ड व ड्रेस कोड जारी किए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को उनकी पहचान करने में कोई असुविधा न हो और मीटर रीडर मौके पर ही कार्ड से पहचान दे सकें। बिलों की रीडिंग बनाते समय मीटर रीडर ड्रेस में ही नजर आएं। आईडी कार्ड होने से वह अपने क्षेत्र में बिल बनाने के लिए आसानी से पहुंच सकते हैं। साथ ही संस्था द्वारा रीडरों को हिदायत दी गई थी कि शीघ्र ही किसी मीटर रीडर द्वारा बिना आईडी कार्ड के बिल बनाते मिलने पर एसबीएम मशीन जब्त कर लेंगे।
कंपनी ने अपने लगभग सभी मीटर रीडरों को ड्रेस कोड जारी किया है। जिसमें ब्लैक पैंट व स्काई ब्लू रंग की शर्ट के साथ ही मीटर रीडर मीटर की रीडिंग लेंगे। लेकिन, उक्त कंपनी के कर्मी इन आदेशों की अवहेलना करते हुए कार्य कर रहे हैं। मीटर रीडरों के गले में न तो आईडी कार्ड है और न ही ड्रेस कोड दिखाई दे रहा हैं। इस ओर न तो कंपनी व विभागीय कर्मचारी ध्यान दे रहे हैं। मीटर रीडर अपने पुराने अंदाज में ही मीटर की रीडिंग ले रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भी पहचानने में असुविधा हो रही है। उक्त मीटर रीडर अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसमें कंपनी व विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण ही यह खेल चल रहा है। जिससे मीटर रीडर अपनी कंपनियों के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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पहचान के अभाव में होती हैं वारदातें
आम तौर पर देखा गया है कि शातिर किस्म के लोग पहचान छिपाकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते हैं। यही नहीं रीडिंग के दौरान बदसलूकी होने जैसे आरोप लगते हैं, लेकिन पहचान नहीं होने के आभाव में कार्रवाई से बच जाते हैं। जिसे ध्यान में रखकर कंपनी ने अपने कर्मियों केे वर्दी व आईडी कार्ड से लैस होकर रीडिंग लेने के निर्देश दिए हैं। जो हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
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जताई अनभिज्ञता।
ऐसी स्थिति में कंपनी को पत्र लिखा जाएगा।
अखिलेश वर्मा, एसडीओ प्रथम