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अब होम्योपैथी अस्पतालों में चिकित्सकों से मिल सकेगा इलाज
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hospital
- फोटो : hospital
ललितपुर। लगभग पांच वर्ष से अधिक समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजकीय होम्योपैथी अस्पतालों के दिन फिरेंगे। अब 13 चिकित्सकों की तैनाती हो गई है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उपचार मिल सकेगा।
होम्योपैथी उपचार कराने की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, अधिकांश लोग एलोपैथी को छोड़कर होम्योपैथी व आयुर्वेदिक से उपचार की ओर मुड़ रहे हैं। इससे अस्पतालों में लगातार भीड़ जुटती जा रही है।
बीते लगभग पांच वर्ष से अधिक समय से जिले में संचालित 24 होम्योपैथी अस्पतालों में अधिकांश अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे थे। यहां पर 25 चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र छह ही तैनात थे, वहीं 24 फार्मासिस्टों के सापेक्ष केवल नौ कार्यरत हैं। स्टाफ की कमी से कई अस्पतालों को फार्मासिस्ट तो कइयों को चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी ही चला रहे थे। मुख्यालय स्थित अस्पताल में भी चिकित्सकों से अछूता था। यहां पर भी फार्मासिस्ट ही उपचार मुहैया करा रहे थे। ऐसे में उपचार को अस्पताल पहुंच रहे मरीज चिकित्सक न होने पर मायूस होकर लौट रहे थे। उधर, 16 फार्मासिस्टों के पद रिक्त बने हुए हैं। ऐसे में कुछ उपचार की सेवाएं प्रभावित होंगी।
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हालांकि शासन द्वारा द्वारा की गई चिकित्सकों की भर्ती में 13 को नियुक्त किया गया है। इनमें वर्तमान में नौ चिकित्सक ने ज्वाइन कर लिया है। अब चिकित्सकों की संख्या बढ़कर 19 पहुंच गई है। इससे अस्पतालों में शीध्र ही बेहतर उपचार मुहैया हो सकेगा। इससे जहां सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गांव में ही इलाज मिल सकेगा।
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जिले में 25 चिकित्सकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में छह ही तैनात थे। अब 13 चिकित्सकों की तैनाती हुई है। इनमें नौ ने ज्वाइन कर लिया है। शेष के मेडिकल होना बाकी है। जल्द ही सभी तैनाती हो जाएगी।
- डॉ. नीरज कुमार चतुर्वेदी, जिला होम्योपैथी अधिकारी
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होम्योपैथी उपचार कराने की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, अधिकांश लोग एलोपैथी को छोड़कर होम्योपैथी व आयुर्वेदिक से उपचार की ओर मुड़ रहे हैं। इससे अस्पतालों में लगातार भीड़ जुटती जा रही है।
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बीते लगभग पांच वर्ष से अधिक समय से जिले में संचालित 24 होम्योपैथी अस्पतालों में अधिकांश अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे थे। यहां पर 25 चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र छह ही तैनात थे, वहीं 24 फार्मासिस्टों के सापेक्ष केवल नौ कार्यरत हैं। स्टाफ की कमी से कई अस्पतालों को फार्मासिस्ट तो कइयों को चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी ही चला रहे थे। मुख्यालय स्थित अस्पताल में भी चिकित्सकों से अछूता था। यहां पर भी फार्मासिस्ट ही उपचार मुहैया करा रहे थे। ऐसे में उपचार को अस्पताल पहुंच रहे मरीज चिकित्सक न होने पर मायूस होकर लौट रहे थे। उधर, 16 फार्मासिस्टों के पद रिक्त बने हुए हैं। ऐसे में कुछ उपचार की सेवाएं प्रभावित होंगी।
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हालांकि शासन द्वारा द्वारा की गई चिकित्सकों की भर्ती में 13 को नियुक्त किया गया है। इनमें वर्तमान में नौ चिकित्सक ने ज्वाइन कर लिया है। अब चिकित्सकों की संख्या बढ़कर 19 पहुंच गई है। इससे अस्पतालों में शीध्र ही बेहतर उपचार मुहैया हो सकेगा। इससे जहां सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गांव में ही इलाज मिल सकेगा।
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जिले में 25 चिकित्सकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में छह ही तैनात थे। अब 13 चिकित्सकों की तैनाती हुई है। इनमें नौ ने ज्वाइन कर लिया है। शेष के मेडिकल होना बाकी है। जल्द ही सभी तैनाती हो जाएगी।
- डॉ. नीरज कुमार चतुर्वेदी, जिला होम्योपैथी अधिकारी