फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   आज के नेता काम नहीं करत, मौ हिलाके निकरत जात

आज के नेता काम नहीं करत, मौ हिलाके निकरत जात

Mon, 08 Apr 2019 01:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:40 AM IST
विज्ञापन
आज के नेता काम नहीं करत, मौ हिलाके निकरत जात
अब नेता काम नईं करत, मौं हला कैं निकर जात
विज्ञापन

ललितपुर। लोकसभा चुनाव के महासंग्राम में विभिन्न दलों के उतरे उम्मीदवार अपने क्षेत्र में पहुंचने लगे हैं। वहीं, बुजुर्ग व्यक्ति समय निकालकर पार्कों और चबूतरों पर बैठकर राजनीति की चर्चा कर रहे हैं। ऐसा ही नजारा चंद्रशेखर उद्यान पार्क का रहा।
ग्राम जाखलौन निवासी वीरेंद्र कहते हैं कि आज के नेतन खों मौं हलावे में कछु न लगत। वे वादे तो ऐसें कर देत, जैसें सब कछु उनइके हाथन में है। जब वे सीट पर पौंच जात, तौ उनें हकीकत को पतौ चलत। ईके पैले चुनाव में नेतन ने मोड़ी- मोड़न खों रुजगार दिलावे को वादो करो तो, लेकिन कायखों कोनऊ काम भओ। ग्राम पटसेमरा निवासी हरनाम सिंह उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं कि जब नेता अपने क्षेत्रन में आऊत हैं तो उन्हें कारखाने खुलवाने की याद आ जात। लेकिन, जैसई दिल्ली और लखनऊ की हवा उन्हें लग जात, सो वे सबरे वादे भूल जात।
विज्ञापन

ग्राम जाखलौन निवासी हनुमत सिंह राजा कहते हैं कि पैले के चुनाव में हमने नेतन के मौं से सुनी ती कै बुंदेलखंड के लोग जब हमें दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी में दिखा जात हैं तो हमें भोत दुख होत है। अब हम ऐसो काम करवे जा रए कै बुंदेलखंड के लोगन खों काम के लाजें पलायन नहीं करने पड़ें। लेकिन, कायखों भैया, कोनऊ नओ काम तो शुरु भओ नइयां, ऊपर से धौर्रा, पाली और जाखलौन क्षेत्र की खदानें और बंद करा दईं। ईसें हजारन आदमी को काम छिन गओ। लोगन खों काम के लाजें मध्य प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर, दिल्ली, गाजियाबाद जैसे शहरन में डेरा डारनें पड़ रओ। ग्राम जमुनिया के शिवराज समर्थन करते हुए कहते हैं कि एक बिजली को प्लांट खुले तो, लोगन कों रुजगार की उम्मीद बंधी थी, लेकिन इते के मोड़ा, मोड़ी खों कामई नईं मिल पाओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम रोड़ा निवासी इमरतलाल कहते हैं कि नेतन नै जो अच्छो सीख लओ कि आज टेम नहीं नइयां, कल आइयो, परसो आइयो। ऐई में पूरा समय निकार देत। जीको काम करने आउत, ऊके कान में के देत कि अलग सें आइयो। अब नेता मौं देखन के काम करत। एईसें नेता सबइको दिल नईं जीत पाउत। इसी दौरान वीरेंद्र के मोबाइल पर घंटी बजने लगती है, जिस कारण चल रही चर्चा का क्रम टूट जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed