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जिले के 11 वें गोवंश आश्रय स्थल का भूमिपूजन हुआ
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जिले के 11 वें गोवंश आश्रय स्थल का भूमिपूजन हुआ
ललितपुर। ब्लॉक जखौरा के ग्राम बादरौन में डीएम मानवेंद्र सिंह ने श्री नीलकंठेश्वर गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना की। उन्होंने आश्रय स्थल का भूमि पूजन किया और कहा कि बेतवा नदी के किनारे गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना हो रही है। यह जिले में 11 वां गोवंश आश्रय स्थल होगा।
उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय स्थल में वर्तमान में 37 एकड़ जमीन है। 90 एकड़ जमीन और उपलब्ध है। इस जमीन को भी गोवंश आश्रय स्थल में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी गोवंश आश्रय स्थल में हरा चारा नहीं उगाया जा सकता तो वहां से लगभग 10 से 15 किलोमीटर क्षेत्र के भीतर जहां भी हरा चारा उगाया जा सकता है, वहां से हरे चारे की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि कम से कम एक क्विंटल भूसा गोवंश आश्रय स्थल के लिए दान करें। जनपद में जो गोशालाएं बनाई जा रही हैं, उनमें 35 से 40 हजार गोवंशों को बड़े आराम से रखा जा सकेगा, जिससे अन्ना गोवंश की समस्या खत्म हो जाएगी।
उपायुक्त स्वत: रोजगार इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि गांव में चारागाह हेतु जमीन उपलब्ध है। बेतवा नदी के किनारे हमेश पानी रहता है। गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना में सहयोग के लिए लोग आगे आ रहे हैं। यहां एक सप्ताह में कार्य शुरू हो जाएगा, जिसके तहत सुरक्षा खाई एवं समतलीकरण किया जाएगा। इस मौके पर उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने जल शक्ति अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली। रैली भूमि पूजन स्थल से लेकर गांव के अंदर घूूमी। इस मौके पर ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी को गाय की प्रतिमा भेंट की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके शाक्य आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर। ब्लॉक जखौरा के ग्राम बादरौन में डीएम मानवेंद्र सिंह ने श्री नीलकंठेश्वर गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना की। उन्होंने आश्रय स्थल का भूमि पूजन किया और कहा कि बेतवा नदी के किनारे गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना हो रही है। यह जिले में 11 वां गोवंश आश्रय स्थल होगा।
उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय स्थल में वर्तमान में 37 एकड़ जमीन है। 90 एकड़ जमीन और उपलब्ध है। इस जमीन को भी गोवंश आश्रय स्थल में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी गोवंश आश्रय स्थल में हरा चारा नहीं उगाया जा सकता तो वहां से लगभग 10 से 15 किलोमीटर क्षेत्र के भीतर जहां भी हरा चारा उगाया जा सकता है, वहां से हरे चारे की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि कम से कम एक क्विंटल भूसा गोवंश आश्रय स्थल के लिए दान करें। जनपद में जो गोशालाएं बनाई जा रही हैं, उनमें 35 से 40 हजार गोवंशों को बड़े आराम से रखा जा सकेगा, जिससे अन्ना गोवंश की समस्या खत्म हो जाएगी।
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उपायुक्त स्वत: रोजगार इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि गांव में चारागाह हेतु जमीन उपलब्ध है। बेतवा नदी के किनारे हमेश पानी रहता है। गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना में सहयोग के लिए लोग आगे आ रहे हैं। यहां एक सप्ताह में कार्य शुरू हो जाएगा, जिसके तहत सुरक्षा खाई एवं समतलीकरण किया जाएगा। इस मौके पर उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने जल शक्ति अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली। रैली भूमि पूजन स्थल से लेकर गांव के अंदर घूूमी। इस मौके पर ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी को गाय की प्रतिमा भेंट की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके शाक्य आदि उपस्थित रहे।
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