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ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम से बढ़ाएगें परिषदीय बच्चों की सीखने की क्षमता
Updated Wed, 18 Jul 2018 04:48 AM IST
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ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम से बढ़ाएंगे छात्रों की सीखने की क्षमता
25 जुलाई तक जनपद और विकासखंड स्तर तक होगा रिसोर्स टीम का गठन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कक्षा एक से पांच तक के परिषदीय बच्चों में सीखने की क्षमता व समझ को बढ़ाने के लिए परिषदीय विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रदेश के सभी जनपदों में कर दी गई है। आगामी 25 जुलाई तक जनपद व सभी विकासखंड स्तर की रिसोर्स टीम का गठन किया जाना है।
उत्तर प्रदेश की एससीआईआरटी और केंद्र की एनसीईआरटी द्वारा नेशनल एचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कक्षा 01 से 02 तक के बच्चों की शैक्षिक संप्राप्ति कम होती है। इस कारण छात्र-छात्राएं कक्षा के अनुरूप दक्षता को न सीख पाने के कारण पिछड़ जाते हैं और उनका शैक्षिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इसका परिणाम अनेक बार ड्रापआउट के रूप में होता है। बच्चों की इसी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। यह कार्यक्रम दो लक्ष्य समूहों में चलाया जाएगा। एक समूह कक्षा 01 व 02 के छात्र-छात्राओं का होगा, जिसमें बच्चों को पठान कौशल में सरल वाक्यों को पढ़ना और समझना व गणना में 01 से 20 तक के अंकों की पहचान और 20 तक अंकों द्वारा सरल गणितीय सक्रियाएं कर पाना दिखाया जाएगा। इसी तरह दूसरा समूह में कक्षा 03, 04 व 05 के छात्र-छात्राओं को होगा। इसमें पठन और लेखन कौशल में बच्चों को सरल अनुच्छेद पढ़ना और समझना, विचारों की मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति का पाना व गणना में 01 से 100 तक अंकों को पहचानना और आरंभिक संक्रियाएं का पाना सिखाने का लक्ष्य होगा। इस कार्ययोजना में विशेष रूप से विकसित शिक्षण सामग्री तथा वर्कशीट्स, टेस्टिंग टूल्स और चार्ट-पोस्टर टीएलएम का प्रयोग किया जाएगा। यह कार्यक्रम जुलाई माह से फरवरी माह तक चलाया जाएगा, एक सत्र में दो बार मूल्यांकन भी किया जाएगा। अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन सितंबर माह में और वार्षिक मूल्यांकन फरवारी माह में जिला स्तरीय नियंत्रक व पर्यवेक्षक अीम द्वारा जिलाधिकारी के तत्वाधान में किया जाएगा।
25 जुलाई तक गठित होगी जिला व ब्लॉक स्तरीय रिसोर्स टीम
बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में यह निर्देशित किया गया है कि 25 जुलाई तक जिला व ब्लॉक स्तरीय रिसोर्स टीम का गठन कर दिया जाए। टीम गठन की सूचना उप शिक्षा निदेशक अमरेंद्र सिंह को ई-मेल से प्रेषित की जानी है। यह कार्यक्रम भी दो चरणों में पूरा किया जाना है। प्रथम चरण में चार सदस्यीय जिला स्तरीय रिसोर्स टीम का गठन किया जाएगा, इसमें डायट संकाय, एक खंड शिक्षा अधिकारी, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व एक प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक शामिल होंगे। इस टीम को राज्य स्तर पर 6-8 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बाद यह टीम 20 दिनों का कक्षा अभ्यास करेगी, प्रत्येक दिन कम से कम दो घंटे निर्धारित है। ब्लॉक स्तरीय रिसोर्स टीम भी गठित की जाएगी। इसमें एबीआरसी, एनपीआरसी, उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व शिक्षक शामिल होंगे। इनको जिला स्तरीय टीम के द्वारा आठ दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के दूसरे चरण में बच्चों को पठन लेखन कौशल व गठन कौशल का कार्य किया जाएगा। जिसके लिए जनपद स्तर पर समय सरणी तैयार की जाएगी और प्रत्येक विद्यालय में दो घंटे का कार्यक्रम चलेगा।
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इनका कहना है
बेशिक शिक्षा निदेशक कार्यालय से निर्देश मिले है। नियमानुसार टीम का गठन कर लिया जाएगा।
- मायाराम,
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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25 जुलाई तक जनपद और विकासखंड स्तर तक होगा रिसोर्स टीम का गठन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कक्षा एक से पांच तक के परिषदीय बच्चों में सीखने की क्षमता व समझ को बढ़ाने के लिए परिषदीय विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रदेश के सभी जनपदों में कर दी गई है। आगामी 25 जुलाई तक जनपद व सभी विकासखंड स्तर की रिसोर्स टीम का गठन किया जाना है।
उत्तर प्रदेश की एससीआईआरटी और केंद्र की एनसीईआरटी द्वारा नेशनल एचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कक्षा 01 से 02 तक के बच्चों की शैक्षिक संप्राप्ति कम होती है। इस कारण छात्र-छात्राएं कक्षा के अनुरूप दक्षता को न सीख पाने के कारण पिछड़ जाते हैं और उनका शैक्षिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इसका परिणाम अनेक बार ड्रापआउट के रूप में होता है। बच्चों की इसी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। यह कार्यक्रम दो लक्ष्य समूहों में चलाया जाएगा। एक समूह कक्षा 01 व 02 के छात्र-छात्राओं का होगा, जिसमें बच्चों को पठान कौशल में सरल वाक्यों को पढ़ना और समझना व गणना में 01 से 20 तक के अंकों की पहचान और 20 तक अंकों द्वारा सरल गणितीय सक्रियाएं कर पाना दिखाया जाएगा। इसी तरह दूसरा समूह में कक्षा 03, 04 व 05 के छात्र-छात्राओं को होगा। इसमें पठन और लेखन कौशल में बच्चों को सरल अनुच्छेद पढ़ना और समझना, विचारों की मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति का पाना व गणना में 01 से 100 तक अंकों को पहचानना और आरंभिक संक्रियाएं का पाना सिखाने का लक्ष्य होगा। इस कार्ययोजना में विशेष रूप से विकसित शिक्षण सामग्री तथा वर्कशीट्स, टेस्टिंग टूल्स और चार्ट-पोस्टर टीएलएम का प्रयोग किया जाएगा। यह कार्यक्रम जुलाई माह से फरवरी माह तक चलाया जाएगा, एक सत्र में दो बार मूल्यांकन भी किया जाएगा। अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन सितंबर माह में और वार्षिक मूल्यांकन फरवारी माह में जिला स्तरीय नियंत्रक व पर्यवेक्षक अीम द्वारा जिलाधिकारी के तत्वाधान में किया जाएगा।
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25 जुलाई तक गठित होगी जिला व ब्लॉक स्तरीय रिसोर्स टीम
बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में यह निर्देशित किया गया है कि 25 जुलाई तक जिला व ब्लॉक स्तरीय रिसोर्स टीम का गठन कर दिया जाए। टीम गठन की सूचना उप शिक्षा निदेशक अमरेंद्र सिंह को ई-मेल से प्रेषित की जानी है। यह कार्यक्रम भी दो चरणों में पूरा किया जाना है। प्रथम चरण में चार सदस्यीय जिला स्तरीय रिसोर्स टीम का गठन किया जाएगा, इसमें डायट संकाय, एक खंड शिक्षा अधिकारी, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व एक प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक शामिल होंगे। इस टीम को राज्य स्तर पर 6-8 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बाद यह टीम 20 दिनों का कक्षा अभ्यास करेगी, प्रत्येक दिन कम से कम दो घंटे निर्धारित है। ब्लॉक स्तरीय रिसोर्स टीम भी गठित की जाएगी। इसमें एबीआरसी, एनपीआरसी, उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व शिक्षक शामिल होंगे। इनको जिला स्तरीय टीम के द्वारा आठ दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के दूसरे चरण में बच्चों को पठन लेखन कौशल व गठन कौशल का कार्य किया जाएगा। जिसके लिए जनपद स्तर पर समय सरणी तैयार की जाएगी और प्रत्येक विद्यालय में दो घंटे का कार्यक्रम चलेगा।
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इनका कहना है
बेशिक शिक्षा निदेशक कार्यालय से निर्देश मिले है। नियमानुसार टीम का गठन कर लिया जाएगा।
- मायाराम,
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।