फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   जिले में पाए गए दो डेंगू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

जिले में पाए गए दो डेंगू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

Thu, 25 Oct 2018 02:09 AM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
जिले में पाए गए दो डेंगू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
जिले में दो डेंगू के मरीज मिलने से हड़कंप
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारी धरी की धरी
जिला अस्पताल में भर्ती कर कराया जा रहा है इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग की संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारी धरी की धरी रह गई। बीते दिन जिले में दो डेंगू के मरीज पाए गए। इस सूचना को पाकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आननफानन में अधिकारियों ने मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनका उपचार चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग पूरे मानसून सीजन में संक्रामक रोगों ने निपटने के लिए तमाम कार्यक्रम चला रहा है। इसमें मलेरिया विभाग द्वारा जुलाई माह को डेंगू माह के रूप में मनाया गया। इसमें लोगों को आसपास जलभराव न होने दें, साफसफाई रखें आदि के प्रति जागरूक किया गया है। साथ ही विभाग द्वारा कुआं में ब्लीचिंग पाउडर आशाओं के माध्यम से डाला है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए जीवन रक्षक दवाएं रखीं हैं। वहीं, विभाग द्वारा संक्रामक रोगों से निपटने के लिए सीएससी, पीएससी पर दवाएं स्टोक करवा दिया है। चार बेड का वार्ड स्थापित कराया गया है तो रेपिड रिस्पोंस टीम गठित की गई। ब्लाक स्तर पर संक्रामक निरोधात्मक टीम गठित की गई है। इसके साथ ही बीते दिनों जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाया गया। इसमें लार्वीसाईड स्प्रे और नगर निगम द्वारा फोगिंग करवाई गई है। इसके बावजूद जिले में दो डेंगू के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। बीते दिन तहसील तालबेहट के ग्राम कड़ेसरा कलां व तेरईफाटक में एक-एक डेंगू के मरीज की पुष्टि हुई है। कड़ेसरा कलां निवासी मनीष पुत्र प्रभु अहिरवार को तेज बुखार आया। इसका उपचार एक निजी क्लीनिक पर कराया। लेकिन बुखार ठीक न होने पर जिला अस्पताल में उपचार के लिए आया। जहां पर डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उपचार शुरू किया। इसके साथ ही ग्राम तेरई फाटक निवासी बेवीराजा में भी डेंगू के संभावित लक्षण पाए गए। जिस पर चिकित्सकों ने दोनों मरीजों के ब्लड सेंपल एलाईजा जांच के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं, जहां पर डेंगू की पुष्टि की गई। इसकी जानकारी मिलते ही संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारियों हड़कंप मच गया। जिस पर अधिकारियों ने टीम व मलेरिया विभाग के साथ ही मिलकर लार्वासाइड दवा का छिड़काव कराया। साथ ही गांव में बुखार से पीड़ित लोगों को दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही अधिकारियों ने डेंगू से बचाव के उपाय बताए।
विज्ञापन


ये हैं डेेंगू के लक्षण
-तेज बुखार, सिरदर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने
-खून की उल्टी
-पेशाब व मल में खून आना
-ब्लडप्रेशर कम हो जाना
-प्लेटलेट्स कम होने लगना

यह हैं बचाव के उपाय
-घर के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें
-घर के आसपास पानी को जमा न होने न दें। वहीं जमा और रुके हुये पानी में पेट्रोल या कैरोइसीन -डाल दें या मिट्टी से उस जगह को भर दें।
-खुले में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-मच्छर को भगाने वाली अगरबत्ती का प्रयोग करें।

डेंगू मरीज की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई की गई। साथ मलेरिया टीम के साथ लार्वासाइड स्प्रे का छिड़काव कराया गया। साथ ही गांव में साफ-सफाई कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

डा. राजेश भारती
जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed