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11 हजार उपभोक्ताओं के बिल आईडीएफ
ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2015 01:06 AM IST
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ललितपुर। विद्युत विभाग द्वारा हजारों उपभोक्ताओं के आईडीएफ बिलों की फीडिंग का कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका है। करीब 11 हजार उपभोक्ता मीटर बदलवाने के बाद भी सीलिंग फीड कराने को लेकर परेशान होकर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता विभाग की शिथिल कार्यप्रणाली के कारण मीटर सही होने के बाद भी फिक्स यूनिट का भुगतान करने को मजबूर हैं।
बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत संयोजनों लेने पर मीटर लगाकर रीडिंग के हिसाब से हर माह कार्यदाई संस्था द्वारा विद्युत बिलिंग की जाती है। बिलिंग के आधार पर रीडिंग से उपभोक्ताओं के बिलों का भुगतान कराया जाता है। जिले में विभाग द्वारा तीनों उपखंड कार्यालयों के अंतर्गत 58,982 उपभोक्ताओं की बिलिंग का कार्य किया जा रहा है।
इसमें से 10,142 उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जिनके बिल खराब मीटर होने के कारण आईडीएफ के दर्शाए जा रहे हैं और उन्हें फिक्स यूनिट के हिसाब से ही हर माह बिल थमाए जा रहे हैं।
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इनमें बहुत से उपभोक्ताओं के मीटर सही होने के बाद भी फीडिंग नहीं की गई है, जिस वजह से उपभोक्ताओं को आईडीएफ में बिल आने के कारण फिक्स यूनिट के हिसाब से बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है।
कम खपत होने के बाद भी अधिक भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं द्वारा मीटरों की फीडिंग कराने के लिए विभाग के अफसरों व कर्मचारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
यदि कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की बात करें तो जिले में 5,521 उपभोक्ताओं में से अब अभी 943 उपभोक्ताओं के बिल आईडीएफ के दिए जा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता कम खपत होने के बाद भी अधिक भुगतान करने को मजबूर हैं। मीटरों की सही फीडिंग का कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है।
जुड़कर आ रहे विद्युत बिल
मैनुअल रसीदें काटकर बिलों का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की ऑनलाइन फीडिंग नहीं होने से उनके पास दो से तीन माह तक के बिल जुड़कर आ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को भुगतान की जाने वाली राशि की रसीदें ऑनलाइन फीड कराने के लिए भटकना पड़ रहा है।
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बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत संयोजनों लेने पर मीटर लगाकर रीडिंग के हिसाब से हर माह कार्यदाई संस्था द्वारा विद्युत बिलिंग की जाती है। बिलिंग के आधार पर रीडिंग से उपभोक्ताओं के बिलों का भुगतान कराया जाता है। जिले में विभाग द्वारा तीनों उपखंड कार्यालयों के अंतर्गत 58,982 उपभोक्ताओं की बिलिंग का कार्य किया जा रहा है।
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इसमें से 10,142 उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जिनके बिल खराब मीटर होने के कारण आईडीएफ के दर्शाए जा रहे हैं और उन्हें फिक्स यूनिट के हिसाब से ही हर माह बिल थमाए जा रहे हैं।
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इनमें बहुत से उपभोक्ताओं के मीटर सही होने के बाद भी फीडिंग नहीं की गई है, जिस वजह से उपभोक्ताओं को आईडीएफ में बिल आने के कारण फिक्स यूनिट के हिसाब से बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है।
कम खपत होने के बाद भी अधिक भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं द्वारा मीटरों की फीडिंग कराने के लिए विभाग के अफसरों व कर्मचारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
यदि कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की बात करें तो जिले में 5,521 उपभोक्ताओं में से अब अभी 943 उपभोक्ताओं के बिल आईडीएफ के दिए जा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता कम खपत होने के बाद भी अधिक भुगतान करने को मजबूर हैं। मीटरों की सही फीडिंग का कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ रहा है।
जुड़कर आ रहे विद्युत बिल
मैनुअल रसीदें काटकर बिलों का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की ऑनलाइन फीडिंग नहीं होने से उनके पास दो से तीन माह तक के बिल जुड़कर आ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को भुगतान की जाने वाली राशि की रसीदें ऑनलाइन फीड कराने के लिए भटकना पड़ रहा है।