{"_id":"5cdb125ebdec2207640287a0","slug":"101557860958-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव की किशोरी सीख रहे हाथ का हुनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव की किशोरी सीख रहे हाथ का हुनर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव की बेटियां सीख रहीं हाथ का हुनर
ललितपुर। गांव की किशोरियों को शहर के निकटवर्ती ग्राम मसौराकलां स्थित प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती देहरे बाबा में स्वावलंबी बनाने के लिए हुनरमंद बनाया जा रहा है। यहां चल रहे सृजन निखार शिविर में प्रतिभागी किशोरियां मेहंदी, सिलाई, कढ़ाई, पेंटिग, स्टेच्यू मोल्ड, टेडी बियर, क्ले आर्ट, वेस्ट मटेरियल, कुकिंग, बुके, कुशन आदि बनाना सीख रही हैं।
इस शिविर का शुभारंभ राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक रूपनारायण निरंजन और रमाकांत तिवारी ने संयुक्त रूप से किया। उनका मानना है कि बच्चों को वर्ष भर में गर्मियों के सीजन में एक माह का अवकाश मिलता है, इसका वह शिविरों में शामिल होकर सदुपयोग कर सकते हैं। प्रधानाचार्य अनंत तिवारी ने बताया कि रोजगारपरक शिक्षा देना इस शिविर का उद्देश्य है। शिविर में गांव की किशोरियों और माताओं को मेंहदी, सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग, स्टेच्यू मोल्ड, टेडी बियर, क्ले आर्ट, वेस्ट मटेरियल, कुकिंग, बुके, कुशन आदि विधाएं सिखाई जा रही हैं। इस नि:शुल्क शिविर के आयोजन में प्रबंध समिति, ग्राम प्रधान, बबीता तिवारी, माधवी तिवारी, संध्या प्रजापति, अनिल शर्मा, स्वतंत्र नगाइच, सुजान कुशवाहा, रोहित यादव, खेमचंद्र कुशवाहा, ब्रजभान राजा, नीरज तिवारी का सहयोग प्राप्त हो रहा है।
विज्ञापन
ललितपुर। गांव की किशोरियों को शहर के निकटवर्ती ग्राम मसौराकलां स्थित प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती देहरे बाबा में स्वावलंबी बनाने के लिए हुनरमंद बनाया जा रहा है। यहां चल रहे सृजन निखार शिविर में प्रतिभागी किशोरियां मेहंदी, सिलाई, कढ़ाई, पेंटिग, स्टेच्यू मोल्ड, टेडी बियर, क्ले आर्ट, वेस्ट मटेरियल, कुकिंग, बुके, कुशन आदि बनाना सीख रही हैं।
इस शिविर का शुभारंभ राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक रूपनारायण निरंजन और रमाकांत तिवारी ने संयुक्त रूप से किया। उनका मानना है कि बच्चों को वर्ष भर में गर्मियों के सीजन में एक माह का अवकाश मिलता है, इसका वह शिविरों में शामिल होकर सदुपयोग कर सकते हैं। प्रधानाचार्य अनंत तिवारी ने बताया कि रोजगारपरक शिक्षा देना इस शिविर का उद्देश्य है। शिविर में गांव की किशोरियों और माताओं को मेंहदी, सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग, स्टेच्यू मोल्ड, टेडी बियर, क्ले आर्ट, वेस्ट मटेरियल, कुकिंग, बुके, कुशन आदि विधाएं सिखाई जा रही हैं। इस नि:शुल्क शिविर के आयोजन में प्रबंध समिति, ग्राम प्रधान, बबीता तिवारी, माधवी तिवारी, संध्या प्रजापति, अनिल शर्मा, स्वतंत्र नगाइच, सुजान कुशवाहा, रोहित यादव, खेमचंद्र कुशवाहा, ब्रजभान राजा, नीरज तिवारी का सहयोग प्राप्त हो रहा है।
विज्ञापन