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पुर्णिमा को बुद्घत्व प्राप्त हुआ था
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पूर्णिमा को बने थे सिद्धार्थ से बुद्ध
ललितपुर। डॉ. भिक्खु सुमेध थेरो ने कहा कि चैत्र पूर्णिमा को भाग्यशाली माना जाता है। इसी दिन सिद्धार्थ को सुजाता नामक महिला ने पुत्र प्राप्ति की इच्छा से खीर का दान दिया था, जिससे निर्वाह कर सिद्धार्थ चार सप्ताह बाद बैसाखी पूर्णिमा के दिन बुद्धत्व को प्राप्त हुए थे।
उन्होंने कहा कि पूर्णिमा को चंद्रमा पूरा दिखाई देता है। पूर्णिमा से गर्मी के कारण तापमान बढ़ जाता है। इसलिए जीवधारियों के लिए पानी का प्रबंध करना चाहिए तथा यथा स्थिति छाते एवं जूतों का दान करना चाहिए। भारत के कई हिस्सों में बौद्ध धम्म से संबंधित चलन है कि चैत्र पूर्णिमा पर लोग बौद्ध स्थानों पर जूते पहनकर जाते हैं तथा उन्हें उसी स्थान पर छोड़ कर चले आते हैं, ताकि जरूरतमंद लोग जूतों को पहन सकें।
इस मौके पर सुमेध भूमि बुद्ध विहार डा. अंबेडकर पार्क प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, सतीश चंद्र गौरव, सचिव सूर्यनाथ राम, नवाब सिंह, राजाराम बौद्ध, जमुना प्रसाद, श्रवण कुमार, डा. राजेंद्र प्रसाद, ज्ञानेंद्र कुमार, दिपेंद्र, सिद्धार्थ, मंजूलता सिंह, राजकुमारी, शशी राज, मनीषा, सावित्री देवी, रिंकी, रूबी अहिरवार, दीप्ति सिंह उपस्थित रहे। संचालन छोटे लाल सिद्धार्थ ने किया।
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ललितपुर। डॉ. भिक्खु सुमेध थेरो ने कहा कि चैत्र पूर्णिमा को भाग्यशाली माना जाता है। इसी दिन सिद्धार्थ को सुजाता नामक महिला ने पुत्र प्राप्ति की इच्छा से खीर का दान दिया था, जिससे निर्वाह कर सिद्धार्थ चार सप्ताह बाद बैसाखी पूर्णिमा के दिन बुद्धत्व को प्राप्त हुए थे।
उन्होंने कहा कि पूर्णिमा को चंद्रमा पूरा दिखाई देता है। पूर्णिमा से गर्मी के कारण तापमान बढ़ जाता है। इसलिए जीवधारियों के लिए पानी का प्रबंध करना चाहिए तथा यथा स्थिति छाते एवं जूतों का दान करना चाहिए। भारत के कई हिस्सों में बौद्ध धम्म से संबंधित चलन है कि चैत्र पूर्णिमा पर लोग बौद्ध स्थानों पर जूते पहनकर जाते हैं तथा उन्हें उसी स्थान पर छोड़ कर चले आते हैं, ताकि जरूरतमंद लोग जूतों को पहन सकें।
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इस मौके पर सुमेध भूमि बुद्ध विहार डा. अंबेडकर पार्क प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, सतीश चंद्र गौरव, सचिव सूर्यनाथ राम, नवाब सिंह, राजाराम बौद्ध, जमुना प्रसाद, श्रवण कुमार, डा. राजेंद्र प्रसाद, ज्ञानेंद्र कुमार, दिपेंद्र, सिद्धार्थ, मंजूलता सिंह, राजकुमारी, शशी राज, मनीषा, सावित्री देवी, रिंकी, रूबी अहिरवार, दीप्ति सिंह उपस्थित रहे। संचालन छोटे लाल सिद्धार्थ ने किया।
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