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शिक्षा: आरटीई के तहत प्रवेश पाने भटक रहे अभिभावक
Updated Thu, 12 Jul 2018 03:52 AM IST
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आरटीई- बच्चों को प्रवेश दिलाने को भटक रहे अभिभावक
ललितपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए भटक रहे है। वर्तमान में तीसरे व अंतिम चरण की लॉटरी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जिसमें कुल 456 बच्चों को इसका लाभ मिला है। इनमें से कितने बच्चों को संबंधित विद्यालय में प्रवेश मिल गया है, इसकी सूचना बीएसए कार्यालय में नहीं है।
आरटीई अधिनियम के तहत अंग्रेजी माध्यम व प्राइवेट स्कूलों में लगभग 25 प्रतिशत सीटों पर ऐसे परिवार के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का प्रावधान है। पारदर्शिता के लिए विगत दो वर्षों से यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है और बच्चों का चयन लॉटरी सिस्टम से डीएम के माध्यम से किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। हाल ही में तीसरी व अंतिम चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो गई है, इसमें कुल 143 बच्चों को चयनित किया गया है, जिनको अपने नजदीकी निजी स्कूल में मुफ्त में शिक्षा दिलाई जाएगी। इसमें 73 बच्चे नगर क्षेत्र के और महरौनी क्षेत्र के 70 बच्चे को लाभ मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम द्वारा इन चयनित बच्चों को संबंधित निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिए हैं। वहीं बीएसए ने चयनित बच्चों के अभिभावक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से संपर्क करके संबंधित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए है।
बार-मड़ावरा व जखौरा ब्लॉक की स्थिति शून्य
तीनों चरणों में कुल 456 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। इसमें जनपद के ब्लॉकों बार, मड़ावरा और जखौरा इन तीनों ब्लॉकों की स्थिति शून्य है। इन तीनों ब्लॉकों से कोई आवेदन नहीं आया है। वहीं, सबसे ज्यादा नगर क्षेत्र व महरौनी ब्लॉक से आवेदन आए व बच्चे चयनित हुए हैं। नगर क्षेत्र के कुल 243 बच्चे व महरौनी क्षेत्र के 192, बिरधा क्षेत्र के 17 और तालबेहट क्षेत्र के 6 बच्चों का चयन किया गया है।
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विभाग के पास नहीं सूचना, अभिभावक लगा रहे चक्कर
प्रथम व द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इसमें 331 बच्चों को प्रवेश मिलता था, लेकिन अभी तक इनमें से कितने बच्चों को संबंधित विद्यालयों में प्रवेश मिल गया है, इसकी कोई भी सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। कई निजी विद्यालय द्वारा इसमें मनमानी भी की जा रही है। आलम यह है कि अभिभावक स्कूल में प्रवेश के लिए स्कूलों व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। हाल ही में शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले कृष्ण कुमार कटारे ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। इसमें शिकायतकर्ता का आरोप है कि विगत प्रथम चरण की लाटरी में उसके बच्चे का नाम चयनित हुआ था। पिछले तीन माह से वह स्थानीय रानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल में प्रवेश के लिए चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक प्रवेश नहीं हुआ है। पीड़ित ने जल्द से जल्द प्रवेश दिलाने की मांग की है। गौरतलब है कि इससे पूर्व में खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश सिंह द्वारा इसी विद्यालय को इस संबंध में नोटिस जारी किया जा चुका है। इस विद्यालय को पांच बच्चों का प्रवेश करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विद्यालय द्वारा अभी तक प्रवेश नहीं लिए गए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी सूचना
चयनित बच्चों में अभी तक कितने बच्चों को प्रवेश मिल गया है, इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारियों से पूर्व में मांगी गई है। लेकिन अभी तक खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा जो निजी विद्यालय अधिनियम का पालन नहीं करते हुए बच्चों के प्रवेश नहीं ले रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- मायाराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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ललितपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए भटक रहे है। वर्तमान में तीसरे व अंतिम चरण की लॉटरी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जिसमें कुल 456 बच्चों को इसका लाभ मिला है। इनमें से कितने बच्चों को संबंधित विद्यालय में प्रवेश मिल गया है, इसकी सूचना बीएसए कार्यालय में नहीं है।
आरटीई अधिनियम के तहत अंग्रेजी माध्यम व प्राइवेट स्कूलों में लगभग 25 प्रतिशत सीटों पर ऐसे परिवार के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का प्रावधान है। पारदर्शिता के लिए विगत दो वर्षों से यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है और बच्चों का चयन लॉटरी सिस्टम से डीएम के माध्यम से किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। हाल ही में तीसरी व अंतिम चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो गई है, इसमें कुल 143 बच्चों को चयनित किया गया है, जिनको अपने नजदीकी निजी स्कूल में मुफ्त में शिक्षा दिलाई जाएगी। इसमें 73 बच्चे नगर क्षेत्र के और महरौनी क्षेत्र के 70 बच्चे को लाभ मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम द्वारा इन चयनित बच्चों को संबंधित निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिए हैं। वहीं बीएसए ने चयनित बच्चों के अभिभावक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों से संपर्क करके संबंधित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए है।
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बार-मड़ावरा व जखौरा ब्लॉक की स्थिति शून्य
तीनों चरणों में कुल 456 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। इसमें जनपद के ब्लॉकों बार, मड़ावरा और जखौरा इन तीनों ब्लॉकों की स्थिति शून्य है। इन तीनों ब्लॉकों से कोई आवेदन नहीं आया है। वहीं, सबसे ज्यादा नगर क्षेत्र व महरौनी ब्लॉक से आवेदन आए व बच्चे चयनित हुए हैं। नगर क्षेत्र के कुल 243 बच्चे व महरौनी क्षेत्र के 192, बिरधा क्षेत्र के 17 और तालबेहट क्षेत्र के 6 बच्चों का चयन किया गया है।
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विभाग के पास नहीं सूचना, अभिभावक लगा रहे चक्कर
प्रथम व द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इसमें 331 बच्चों को प्रवेश मिलता था, लेकिन अभी तक इनमें से कितने बच्चों को संबंधित विद्यालयों में प्रवेश मिल गया है, इसकी कोई भी सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। कई निजी विद्यालय द्वारा इसमें मनमानी भी की जा रही है। आलम यह है कि अभिभावक स्कूल में प्रवेश के लिए स्कूलों व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। हाल ही में शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले कृष्ण कुमार कटारे ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। इसमें शिकायतकर्ता का आरोप है कि विगत प्रथम चरण की लाटरी में उसके बच्चे का नाम चयनित हुआ था। पिछले तीन माह से वह स्थानीय रानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल में प्रवेश के लिए चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक प्रवेश नहीं हुआ है। पीड़ित ने जल्द से जल्द प्रवेश दिलाने की मांग की है। गौरतलब है कि इससे पूर्व में खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश सिंह द्वारा इसी विद्यालय को इस संबंध में नोटिस जारी किया जा चुका है। इस विद्यालय को पांच बच्चों का प्रवेश करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विद्यालय द्वारा अभी तक प्रवेश नहीं लिए गए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी सूचना
चयनित बच्चों में अभी तक कितने बच्चों को प्रवेश मिल गया है, इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारियों से पूर्व में मांगी गई है। लेकिन अभी तक खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा जो निजी विद्यालय अधिनियम का पालन नहीं करते हुए बच्चों के प्रवेश नहीं ले रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- मायाराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।