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100 गांवों के जानवरों की नस्ल सुघरेगी

Sun, 08 Sep 2019 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2019 01:21 AM IST
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100 villagers animal will good condition
ललितपुर। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गाय और भैंस की नस्ल बदली जाएगी, ताकि अधिक से अधिक दूध का उत्पादन हो सके। पहले चरण में जिले के सौ गांवों में यह कार्य अभियान के तौर पर होगा। इसमें 15 सितंबर से जिले गांव- गांव में पशुपालकों के जानवरों की नस्ल बदलने के लिए नि:शुल्क क्रास बीड की सुविधा दी जाएगी।
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राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत जिले के उन गांवों का चयन किया गया है, जहां पर पशुुपालकों की संख्या अधिक है। दस हजार पशुओं की नस्ल सुधार के लिए नि:शुल्क सुविधा दी जाएगी। इसमें पांच हजार गायों और पांच हजार भैंसों का लक्ष्य है। भैंस के लिए मुर्रा नस्ल और गाय के लिए साहीवाल, थारपरकर, जर्सी और गिरि नस्ल का बीज (सेक्स सीमन) उपलब्ध कराया जाएगा।
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पशुपालकों के जानवरों को यह सेक्स सीमन नि:शुल्क दिया जाएगा, जिससे पशुओं की नस्ल में सुधार होगा। इसका एक फायदा यह होगा कि जिन पशुपालकों के पास भैंसे हैं, उनकी आने वाली नस्ल मुर्रा प्रजाति की हो जाएगी। मुर्रा भैंस दूध अधिक देती है। इसी तरह गायों के लिए भी अलग- अलग प्रजाति का सेक्स सीमन दिया जाएगा, इससे गाय की नस्ल में सुधार होगा। गाय ऊंची होगी और दूध भी अधिक देगी। इसका एक लाभ और होगा कि जो किसान अपनी गायों को छुट्टा छोड़ देते हैं, नस्ल बदलने के बाद उन्हें छुट्टा नहीं छोड़ेंगे, क्योंकि गाय की नस्ल में सुधार हो जाने के बाद गायें अधिक दूध देने लगेंगी, जिससे पशुपालक को फायदा होगा।
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इन गांवों में चलेगा अभियान
तालबेहट के ग्राम तेरई, सेरवासं कलां, रामपुर, आजादपुरा, कड़ेसरा कलां, पवा, पूराकलां, विजयपुरा, चुरावनी, नत्थी खेड़ा, जखौरा ब्लाक के ग्राम जमौरामाफी, पिपरा, सिरसी, बरौदा स्वामी, धुरवारा, अंधेर, बंदपुरा, गंगासागर, मुहारा, कल्यानपुरा, दैलवारा, सिलगन, गनगौरा, मड़वारी, भरतपुरा, मिर्चवारा, मसौराकलां, बुढ़वार, फौजपुरा, बम्हौरीकलां, परौंदा, ब्लाक बिरधा के धौर्रा, पिपरई, मादौन, माताखेड़ा, कपासी, ऐरा, जमुनिया, मैखुवां, आलापुर, मैरतीकलां, बिरारी, कचनोंदा, खिरियाछतारा, तेरा, रमेशरा, ठगारी, कैथोरा, डुगरिया, बछलापुर, भौंता, एरावनी, पटऊवा, सतौरा, मैनवारा, सतरवांस, बिरधा, ब्लाक महरौनी के ग्राम अगोरा, बम्हौरी, क्योलारी, नैकोरा, अगोड़ी, पड़वा, बम्होरीघाट, देवरान, कुम्हैड़ी, पठा, महरौनी, सिंदवाहा, जरया, समोगर, सिलावन, सुकाड़ी, ब्लाक बार के ग्राम गदयाना, पारौन, समेराडांग, बरौदाडांग, पुराधनकलां, उदयपुरा, ककड़ारी, करमई, देवरान, बसतगुवां, गुगरवारा, गंगचारी, बानपुर, कुआगांव और मड़ावरा ब्लाक के ग्राम सुनवाहा, गौना, अर्जुनखिरिया, पारौल, बछरई, गुढ़ा, बम्हौरीकलां, रखवारा, सोंरई, गिरार, कारीटोरन और पीड़ार शामिल हैँ।

सौ गांवों को चिह्नित कर लिया गया है। 15 सितंबर से गांव के संबंधित पशु चिकित्सालय में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। योजना का उद्देश्य जानवरों की नस्ल सुधार करके और बेहतर करना है, ताकि दूध का उत्पादन बढ़े और छुट्टा जानवर छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगे।
- डा. एसके शाक्य
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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