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Lakhimpur Kheri News: एक्सईएन ट्रांसफर विवाद मामला, हाईकोर्ट ने यथास्थिति बहाल की
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लखीमपुर खीरी। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड एक में पिछले साल दिसंबर में एक्सईएन हंसाराम के ट्रांसफर से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रमुख सचिव से जवाब तलब करते हुए ट्रांसफर पर स्टे दिया है। साथ ही प्रमुख सचिव को यथास्थिति बहाल करने का निर्देश देते हुए सीतापुर वृत्त के एसई एनके वर्मा को भी फटकार लगाई है। विभाग में गड़बड़ी को उजागर करने पर अपने अधीनस्थ एक्सईएन पर कार्रवाई को लेकर जवाब तलब किया है।
पिछले साल नवंबर-दिसंबर महीने में जेई और एक्सईएन विवाद को लेकर लोनिवि की काफी किरकिरी हुई थी। साथ ही विभाग की तमाम भौतिक प्रगति भी प्रभावित हो रही थी। इसी मामले में जेई और एक्सईएन का विवाद न सुलझता देख उच्च स्तर से एक्सईएन रहे हंसाराम व दो सहायक अभियंताओं का तबादला करते हुए उन्हें लखनऊ मुख्यालय से अटैच किया गया था। एक्सईएन रहे हंसाराम ने बताया कि उन्होने अधीक्षण अभियंता एनके वर्मा को पत्र लिखकर निर्माण खंड एक में चल रही अनियमितताओं की शिकायत की थी, लेकिन उन्होने साजिशन परेशान करते हुए उनका तबादला करवा दिया था।
इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट गए थे, जहां पर 17 फरवरी को उनको स्टे मिल गया है। बताया कि अदालत ने यथास्थिति बहाल करने के निर्देश दिए है, साथ ही प्रमुख सचिव और एसई से दो हफ्ते में जवाब मांगते हुए यथास्थिति बहाल की है। उधर, एसई सीतापुर सर्किल के एसई एनके वर्मा ने बताया कि उनको अभी तक ऐसे किसी आदेश की कॉपी नहीं मिली है और न ही इस संबंध में कोई जानकारी हासिल हुई है।
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तबादले के बाद भी नहीं हटे सहायक अभियंता
लखीमपुर खीरी। पिछले साल 12 दिसंबर को हुए तबादले के दौरान एक्सईएन हंसाराम समेत सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार का भी तबादला किया गया था, लेकिन वह अब भी अपने पद पर बने हुए हैं। उनको एचआरडी एंड ट्रेनिंग सेल में तैनात किया गया था। 23 जनवरी को भी इस मामले में प्रमुख अभियंता कार्यालय से भी अधिशासी अभियंता निर्माण खंड एक को आदेश की अवहेलना करने पर जवाब-तलब किया गया था, लेकिन बावजूद इसके वह अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैँ। एई धर्मेंद्र कुमार को तुरंत ही कार्यमुक्त कर आख्या मांगी गई थी। उधर, एक्सईएन का कहना है कि पांच एई की जरूरत है, लेकिन विभाग में सिर्फ दो एई हैं। काम न प्रभावित हो, इसलिए एई धर्मेंद्र को रिलीव नहीं किया गया है।
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पिछले साल नवंबर-दिसंबर महीने में जेई और एक्सईएन विवाद को लेकर लोनिवि की काफी किरकिरी हुई थी। साथ ही विभाग की तमाम भौतिक प्रगति भी प्रभावित हो रही थी। इसी मामले में जेई और एक्सईएन का विवाद न सुलझता देख उच्च स्तर से एक्सईएन रहे हंसाराम व दो सहायक अभियंताओं का तबादला करते हुए उन्हें लखनऊ मुख्यालय से अटैच किया गया था। एक्सईएन रहे हंसाराम ने बताया कि उन्होने अधीक्षण अभियंता एनके वर्मा को पत्र लिखकर निर्माण खंड एक में चल रही अनियमितताओं की शिकायत की थी, लेकिन उन्होने साजिशन परेशान करते हुए उनका तबादला करवा दिया था।
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इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट गए थे, जहां पर 17 फरवरी को उनको स्टे मिल गया है। बताया कि अदालत ने यथास्थिति बहाल करने के निर्देश दिए है, साथ ही प्रमुख सचिव और एसई से दो हफ्ते में जवाब मांगते हुए यथास्थिति बहाल की है। उधर, एसई सीतापुर सर्किल के एसई एनके वर्मा ने बताया कि उनको अभी तक ऐसे किसी आदेश की कॉपी नहीं मिली है और न ही इस संबंध में कोई जानकारी हासिल हुई है।
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तबादले के बाद भी नहीं हटे सहायक अभियंता
लखीमपुर खीरी। पिछले साल 12 दिसंबर को हुए तबादले के दौरान एक्सईएन हंसाराम समेत सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार का भी तबादला किया गया था, लेकिन वह अब भी अपने पद पर बने हुए हैं। उनको एचआरडी एंड ट्रेनिंग सेल में तैनात किया गया था। 23 जनवरी को भी इस मामले में प्रमुख अभियंता कार्यालय से भी अधिशासी अभियंता निर्माण खंड एक को आदेश की अवहेलना करने पर जवाब-तलब किया गया था, लेकिन बावजूद इसके वह अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैँ। एई धर्मेंद्र कुमार को तुरंत ही कार्यमुक्त कर आख्या मांगी गई थी। उधर, एक्सईएन का कहना है कि पांच एई की जरूरत है, लेकिन विभाग में सिर्फ दो एई हैं। काम न प्रभावित हो, इसलिए एई धर्मेंद्र को रिलीव नहीं किया गया है।