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Lakhimpur Kheri News: एक्सईएन और जेई आमने-सामने... नहीं निकला कोई हल

Thu, 23 Nov 2023 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Nov 2023 12:36 AM IST
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XEN and JE face to face... no solution found
लखीमपुर खीरी। लोक निर्माण विभाग के खंड-1 में जेई और एक्सईएन के बीच विवाद में कोई फैसला नहीं हो पाया है। जेई जहां मानसिक शोषण का आरोप लगा रहे हैं, वहीं, एक्सईएन का कहना है कि आर्थिक अनियमितताओं को देखते हुए उच्चाधिकारियों से ऑडिट की सिफारिश की थी। हमें जान से मारने की धमकी तक मिल चुकी है। उधर, एई प्रदीप भारद्वाज तबीयत खराब बताकर एक निजी अस्पताल में एडमिट हो गए।
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डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के बैनर तले लोक निर्माण खंड -1 के जेई अपने ही एक्सईएन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं, और उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में सीडी -1 के जेई और एई ने विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा था। मंगलवार को भी सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह ने जूनियर इंजीनियरों से बात की थी। देर शाम सीडीओ से भी वार्ता करने जेई पहुंचे थे। लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला। जेई कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं। वह अधिशासी अभियंता को हटाने की मांग कर रहे हैं। मामले में सीडीओ अनिल सिंह ने कहा कि यह अब प्रदेश स्तर का मामला हो गया है। विभागीय स्तर से ही इसका निपटारा होगा।
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आर्थिक अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण मांगने पर हमें हटाने की कर रहे मांग-एक्सईएन
निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता हंसाराम का कहना है कि खंड में दो तीन जेई अराजकता और अनियमितता करते हैंं। लगाम लगाने पर जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया था। 70-70 लाख की बिलिंग पेंडिंग है, जिसके बिल मांगने पर भी बाबू सतीश नहीं दे रहा है। काम हो जाने के बाद बिल नहीं लगाते हैं, जिससे कि पैसा इधर उधर हो जाए। तबादला और रिलीव होने के बाद भी जेई अजय पाठक यहीं जमे हुए हैं। भारी निर्माण कार्यों में भारी आर्थिक अनियमितताओं के विशेष ऑडिट के लिए निर्देश जारी हुए हैं। इससे इनकी आर्थिक लूट की पोल न खुल जाए, इसलिए हमको हटाने पर तुले हुए हैं। मुख्य अभियंता के समझाने पर भी नहीं माने, इनकी सिर्फ एक मांग है कि हमको हटाया जाए, इसके अलावा अन्य कोई मांग लिखकर नहीं दे सके हैं। असली खेल आर्थिक लाभ का है, इसीलिए ईमानदारी से कोई काम नहीं होने दे रहे हैं और हड़ताल पर हैं।
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एक्सईएन के साथ समझौता संभव नहीं
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के धरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अजय पाठक का कहना है कि एक्सईएन के साथ समझौता संभव नहीं है। वह मानसिक शोषण कर रहे हैं, इसकी वजह से उनके साथ कौन काम कर पाएगा। उनको हटाने के लिए ही हम सभी लामबंद हैं। अब मामला प्रांतीय स्तर तक गया है। अपने स्तर से हड़ताल नहीं खत्म कर सकते। हमारे साथी बीमार हो रहे हैं। एई प्रदीप भारद्वाज की भी तबीयत बिगड़ गई है। वह अस्पताल में भर्ती हैं।
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