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नेपाल में बाघों की संख्या 250 करने के लक्ष्य पर हो रहा कार्य

Thu, 14 Jan 2021 12:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2021 12:00 AM IST
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Work on target to increase tiger population to 250 in Nepal
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में 2022 तक बाघों की संख्या बढ़कर लक्ष्य के करीब 250 पहुंचने की संभावना है। ऐसे में बाघ संरक्षण के कार्य बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि दो वर्ष के अंतराल में चार बाघों की मौत हो जाने से लक्ष्य को जरूर झटका लगा है।
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विश्व के कुल 13 देशों में बाघ पाए जाते हैं। इसमें भारत और नेपाल भी शामिल है। पिछली गणना के अनुसार विश्व में कुल 3860 बाघों की संख्या में सर्वाधिक 2286 बाघ भारत में पाए गए थे। 2010 में रूस में बाघ संरक्षण पर हुए कार्यक्रम के दौरान भारत और नेपाल समेत 13 देशों ने 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी, उस समय नेपाल में बाघों की संख्या 121 थी। बाघों की संख्या बढ़ाने को लेकर 2022 तक नेपाल ने 250 बाघों का लक्ष्य रखा था, जिसको लेकर नेपाल में बाघ संरक्षण शुरू कर बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए वासस्थान, आहार, पानी की व्यवस्था नेपाल के पार्कों में समुचित रूप से कर दी गई थी। इसके बाद 2013 में नेपाल में बाघों की संख्या बढ़कर 198 पहुंच गई।
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2018 में हुई बाघों की गणना के अनुसार, नेपाल के चितवन पार्क में 93, बर्दिया पार्क में 87, बांके पार्क में 21, पर्सा पार्क में 18, शुक्लाफांटा पार्क में 16, कुल संख्या 235 पहुंच गई। चार वर्षों में 37 बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिससे अब लक्ष्य मात्र 15 संख्या ही दूर रह गया है, जबकि गणना होनी अभी बाकी है। हालांकि फरवरी 2019 में दो बाघों और 11 जनवरी 2021 को एक बाघ समेत कुल चार बाघों की मौत होने से बाघ संरक्षण को धक्का लगा है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
राष्ट्रीय वन्यजंतु संरक्षण विभाग के प्रवक्ता विष्णु प्रसाद श्रेष्ठ ने बताया कि नेपाल में बाघों के संरक्षण को लेकर प्रयास जारी है। बाघ संरक्षण को लेकर बाघ के रहने, वासस्थान के लिए घास के मैदान बढ़ाने और आहार के लिए जंगली सुअर, चीतल, हिरन, नीलगाय आदि वन्यजीवों की संख्या बढ़ाई गई है। पीने के पानी को लेकर पार्क में पोखरी, तालाब बनाए गए हैं।
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