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UP News: जंगल से बाहर क्यों निकल रहे हैं वन्यजीव, वन मंत्री ने बताई वजह; ग्रामीणों से की ये अपील

Wed, 04 Sep 2024 11:08 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 04 Sep 2024 11:08 AM IST
सार

लखीमपुर खीरी से बहराइच तक वन्यजीवों का आतंक है। वन्यजीव जंगल से बाहर निकल कर इंसानों पर हमला कर रहे हैं। इस पर वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मानव-वन्यजीवों हमलों को लेकर शासन गंभीर है। हमलावर वन्यजीवों को पकड़ने के लिए शासन-प्रशासन ने रणनीति तैयार कर ली है।

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forest minister says Wildlife is moving out due to waterlogging in the forest
वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन्यजीव जंगल से बाहर किस वजह से निकल रहे हैं, इस सवाल पर वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि बारिश से जंगल में जलभराव होने और बाघों की संख्या बढ़ने की वजह से वन्यजीव ऊंची व सूखी जगहों पर जा रहे हैं। मानव-वन्यजीवों हमलों को लेकर शासन गंभीर है। हमलावर वन्यजीवों को पकड़ने के लिए शासन-प्रशासन ने रणनीति तैयार कर ली है। लखीमपुर खीरी के कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को अफसरों के साथ बैठक के बाद वन मंत्री ने प्रेसवार्ता में यह बात कहीं।  

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वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वन्यजीवों के हमले की घटना को लेकर संवेदनशील हैं। वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए सभी स्टेक होल्डर्स जुटे हैं। वन्यजीवों की दृष्टि से जिले के संवेदनशील एरिया में सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। प्रशिक्षित टीम की गश्त बढ़ाने, मैनपावर लगाने की बात कही है। 
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मंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि हिंसक जीव के हमलों के प्रति पूरी तरह से सजग रहें। घर के बाहर न सोएं। जब भी घर से बाहर जाएं तो दरवाज़ा जरूर बंद कर दें। छोटे-छोटे समूहों में गांव में बैठकों का क्रम जारी है। घटना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन मंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है।

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विधायकों ने भी रखी अपनी बात 
अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज सिंह ने कहा कि हिंसक जीवों के हमलों को रोकने के लिए प्रशिक्षित वन कर्मियों की क्विक रिस्पांस टीम को ही मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक योगेश वर्मा, शशांक वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी ने भी अपनी बात रखी। इस मौके पर एसपी गणेश प्रसाद साहा, डीएफओ संजय विश्वाल, सौरीष सहाय, डीडी दुधवा टी रंगाराजू, सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम संजय सिंह आदि मौजूद रहे। डीएफओ संजय बिस्वाल ने बाघ मित्रों के बारे में जानकारी दी। रेंजवार बाघ के मूवमेंट की स्थिति भी बताई।



ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक: डीएम
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि जिले में अभियान चलाकर आमजन को सजग किया जा रहा है। संवेदनशील ग्रामों में लाइट सहित अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था करने के साथ ही जनमानस को जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग प्रभावी क्षेत्रों में सूचना मिलने पर टीमों को भेजकर पिंजरे लगाते हैं। गांवों में पंपलेट, वॉल पेंटिंग आदि लोगों जागरूक किया जा रहा है।

बाघ को बेहोश करने की अनुमति मिली, पहुंचे डॉक्टर 
जंगल से निकलकर आबादी में चहलकदमी और ग्रामीणों पर हमला करने वाले बाघ को बेहोश करने की अनुमति मिल गई है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम भी जिले में आ चुकी है। एक सप्ताह पूर्व बाघ के हमले में हैदराबाद थाना के इमलिया गांव निवासी अमरेश कुमार की जान जाने के बाद वन विभाग ने बाघ को पकड़ने की कवायद तेज की है। 

दुधवा के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार ने बताया कि बाघ को बेहोश कर पकड़ने की अनुमति दो पूर्व मिल गई थी। डाक्टरों की टीम भी जिले में आ चुकी है। टीम, बाघ के लोकेशन वाले गांव में ही है। सुविधानुसार कार्रवाई करेंगे। 

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