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सांस की नली टूटने के कारण हुई थी गैंडा शावक की मौत
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पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर क्षेत्र में स्थित गैंडा पुनर्वास परियोजना फेज वन में एक मादा गैंडा शावक का शव मिला था। जिसकी देर शाम तक पोस्टमार्टम चलता रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंडा शावक की मौत सांस की नली टूटने के कारण होनी बताई जा रही है। पांच सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल ने गैंडे के शव का पोस्टमार्टम किया।
बता दें कि दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर क्षेत्र में स्थित गैंडा पुनर्वास परियोजना फेज वन में गैंडा मॉनिटरिंग टीम को छोटी पलिया बीट के कक्ष संख्या चार में मादा गैंडा शावक का शव पड़ा दिखाई दिया था। जिसके बाद शनिवार की देर शाम डॉ. जीवी सिंह, डॉ. अरविंद, डॉ. रजुल सक्सेना, डॉ. एसके राठौर, डॉ. दयाशंकर आदि के पैनल ने शव को पोस्टमार्टम किया। पीएम रिपोर्ट में गैंडे की आयु दो माह बताई गई है। साथ ही किसी मांसाहारी वन्यजीव के हमले के कारण गैंडे की सांस की नली टूट जाने के कारण सांस अवरुद्ध होने से मौत होने की वजह आई है। पोस्टमार्टम के दौरान दुधवा के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
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बता दें कि दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर क्षेत्र में स्थित गैंडा पुनर्वास परियोजना फेज वन में गैंडा मॉनिटरिंग टीम को छोटी पलिया बीट के कक्ष संख्या चार में मादा गैंडा शावक का शव पड़ा दिखाई दिया था। जिसके बाद शनिवार की देर शाम डॉ. जीवी सिंह, डॉ. अरविंद, डॉ. रजुल सक्सेना, डॉ. एसके राठौर, डॉ. दयाशंकर आदि के पैनल ने शव को पोस्टमार्टम किया। पीएम रिपोर्ट में गैंडे की आयु दो माह बताई गई है। साथ ही किसी मांसाहारी वन्यजीव के हमले के कारण गैंडे की सांस की नली टूट जाने के कारण सांस अवरुद्ध होने से मौत होने की वजह आई है। पोस्टमार्टम के दौरान दुधवा के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
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