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भीरा से किशनपुर सेंक्चुरी वापस लौटे जंगली हाथी
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बांकेगंज। नेपाल से आए जंगली हाथी एक दिन दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल में रुकने के बाद फिर से किशनपुर सेंक्चुरी लौट गए हैं। इस बीच हाथियों ने छैरासी बीट जंगल से सटे खेतों में जमकर उत्पात मचाया। किसानों की धान व गन्ने की फसल रौंद कर नष्ट कर दी।
हाथियों की निगरानी कर रही टीमों के मुताबिक नेपाल से आए जंगली हाथियों ने बुधवार को पूरा दिन भीरा रेंज जंगल में गुजारा। शाम को ये हाथी जंगल से निकलकर छैरासी बीट से सटे खेतों में जा पहुंचे और वहां कई किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को उजाड़ दिया। इसके बाद हाथी फिर उल्ल नदी और भीरा-कुकरा रोड पारकर फिर से किशनपुर सेंक्चुरी की ओर लौट गए है।
उधर, किशनपुर सेंक्चुरी जाते हुए हाथी बांकेगंज कस्बा से सटे ग्रंट नंबर तीन जंगल से गुजरे। हाथी किसानों के खेतों में पहुंचते इससे पहले उनकी चिंघाड़ सुनकर सतर्क किसानों ने पटाखे दागकर और शोर मचाकर उन्हें खदेड़ दिया। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों ने जंगल से सटे खेतों में किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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हाथियों की निगरानी कर रही टीमों के मुताबिक नेपाल से आए जंगली हाथियों ने बुधवार को पूरा दिन भीरा रेंज जंगल में गुजारा। शाम को ये हाथी जंगल से निकलकर छैरासी बीट से सटे खेतों में जा पहुंचे और वहां कई किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को उजाड़ दिया। इसके बाद हाथी फिर उल्ल नदी और भीरा-कुकरा रोड पारकर फिर से किशनपुर सेंक्चुरी की ओर लौट गए है।
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उधर, किशनपुर सेंक्चुरी जाते हुए हाथी बांकेगंज कस्बा से सटे ग्रंट नंबर तीन जंगल से गुजरे। हाथी किसानों के खेतों में पहुंचते इससे पहले उनकी चिंघाड़ सुनकर सतर्क किसानों ने पटाखे दागकर और शोर मचाकर उन्हें खदेड़ दिया। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों ने जंगल से सटे खेतों में किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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