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बाघ ने बाइक सवार को दौड़ाया, बाल-बाल बचा
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तिकुनिया-सिंगाही। मंझरा पूरब के जंगल से होकर लखीमपुर जा रहे दलाराजपुर निवासी एक बाइक सवार पर बाघ ने हमला बोल दिया। स्पीड में बाइक होने के कारण वह बाल-बाल बच गया। नाकाम होने के बाद भी बाघ बाइक के पीछे दौड़ता रहा। पीछे से आ रहे कई राहगीरों ने जब शोर मचाया तो बाघ पड़ोस के गन्ने के खेत में जा छिपा। एक बार फिर बाघ के आमद से लोगों में दहशत है। सूचना पर बेलरायां और पड़ोसी जिला बहराइच के कर्तनिया वन रेंजर पीयूष मोहन ने गन्ने में काबिंग की, लेकिन बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी। उधर बेलरायां रेजर दिनेश बडोला ने बाघ के पगचिह्नों के होने की पुष्टि की है।
सिंगाही थानाक्षेत्र के गांव दलराजपुर निवासी जरनैल सिंह ने बताया कि उसके चाचा का बेटा गुरदेव सिंह अपनी बाइक से सुबह करीब साढे़ सात बजे लखीमपुर जा रहा था। इसी बीच मंझरा पूरब और दलराजपुर के बीच स्थित एक गन्ने के खेत में बाघ छिपा हुआ बैठा था। बाघ ने बाइक पर छलांग लगाई, लेकिन बाइक की स्पीड तेज होने के कारण बाघ दूसरी तरफ जा गिरा। बाघ ने संभलकर बाइक का पीछा किया। बाघ के पीछे से आ रही तीन बाइकों पर सवार आठ लोग शोर करने लगे। शोर शराबा सुनकर बाघ सड़क किनारे स्थित दूसरे गन्ने के खेत में चला गया। इतने में ग्रामीण भी लाठी डंडा लेकर आ गए। इसी बीच किसी ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ गन्ने के खेत में काबिंग की, लेकिन बाघ के पगचिह्नों के अलावा कुछ नहीं मिला। रेंजर ने बताया कि बाघ की लोकेशन के लिए ड्रोन कैमरा लगाया गया है। उसकी लोकेशन मिलने के बाद उसे पिंजड़े में कैद किया जाएगा। मौके पर दरोगा मुशीर खान, हरिलाल, वनरक्षक रमाशंकर पांडे और एसटीएफ के पांच जवानों को निगरानी के लिए लगाया गया है। मंझरा पूरब से गजियापुर जाने वाले मार्ग फिलहाल बंद कर दिया गया है। संवाद
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सिंगाही थानाक्षेत्र के गांव दलराजपुर निवासी जरनैल सिंह ने बताया कि उसके चाचा का बेटा गुरदेव सिंह अपनी बाइक से सुबह करीब साढे़ सात बजे लखीमपुर जा रहा था। इसी बीच मंझरा पूरब और दलराजपुर के बीच स्थित एक गन्ने के खेत में बाघ छिपा हुआ बैठा था। बाघ ने बाइक पर छलांग लगाई, लेकिन बाइक की स्पीड तेज होने के कारण बाघ दूसरी तरफ जा गिरा। बाघ ने संभलकर बाइक का पीछा किया। बाघ के पीछे से आ रही तीन बाइकों पर सवार आठ लोग शोर करने लगे। शोर शराबा सुनकर बाघ सड़क किनारे स्थित दूसरे गन्ने के खेत में चला गया। इतने में ग्रामीण भी लाठी डंडा लेकर आ गए। इसी बीच किसी ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ गन्ने के खेत में काबिंग की, लेकिन बाघ के पगचिह्नों के अलावा कुछ नहीं मिला। रेंजर ने बताया कि बाघ की लोकेशन के लिए ड्रोन कैमरा लगाया गया है। उसकी लोकेशन मिलने के बाद उसे पिंजड़े में कैद किया जाएगा। मौके पर दरोगा मुशीर खान, हरिलाल, वनरक्षक रमाशंकर पांडे और एसटीएफ के पांच जवानों को निगरानी के लिए लगाया गया है। मंझरा पूरब से गजियापुर जाने वाले मार्ग फिलहाल बंद कर दिया गया है। संवाद
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