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राजकीय विद्यालय: जब स्कूलों में गुरुजनों की तैनाती ही नहीं,,, तो छात्र कैसे करें पढ़ाई

Sun, 04 Dec 2022 11:42 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 11:42 PM IST
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When there is no deployment of teachers in schools then how can students study
विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में 12 हजार विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित
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जिले में राजकीय हाईस्कूल 41 तो राजकीय इंटर कॉलेज हैं 11
लखीमपुर खीरी। जिले के 52 राजकीय स्कूलों में शिक्षकों के अभाव में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी है। इन स्कूलों में पंजीकृत करीब 12 हजार छात्रों को पढ़ाने के लिए मुख्य विषयों के ही शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित है।
शासन ने लाखों रुपये खर्च कर जिले में राजकीय स्कूलों के भवन खड़े कर दिए, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति करना भूल गया। जिले में राजकीय हाईस्कूलों की संख्या 41 है, जिनमें 3646 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। वहीं 11 राजकीय इंटर कॉलेज में 7000 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। मगर, ऐसा कोई स्कूल नहीं है, जिसमें शिक्षकों की संख्या पूरी हो।
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सबसे ज्यादा हाल खराब जीआईसी और जीजीआईसी लखीमपुर का है। जीआईसी में पंजीकृत छात्रों केे पढ़ाने के लिए प्रवक्ता के 16 और सहायक अध्यापक के 25 पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनात सिर्फ तीन प्रवक्ता और 12 सहायक अध्यापक ही हैं। प्रवक्ता से लेकर सहायक अध्यापक के 13-13 पद रिक्त हैं। ऐसा ही हाल जीजीआईसी का है। इसमें 1202 छात्राएं पंजीकृत हैं। इनको बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रवक्ता के 13 और सहायक अध्यापक के 21 पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ आठ प्रवक्ता एवं 11 सहायक शिक्षिकाओं की है। ऐसी ही स्थिति लगभग हर राजकीय स्कूल की है। इनमें प्रमुख विषयों के ही शिक्षकों का अभाव है, जिससे राजकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए किए जा रहे दावों पर पानी फिर रहा है।
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सालों से मुख्य विषय के शिक्षक नहीं
राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जबकि इनमें छात्र-छात्राओं की संख्या काफी बेहतर है। आलम यह है कि पिछले कई साल से मुख्य विषय तक के शिक्षक ही नहीं हैं। ऐसे में अधिकतर स्कूल पीटीए से शिक्षक रखकर बच्चों का पठन-पाठन करवा रहे हैं। शिक्षक न होने से छात्र-छात्राओं को हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विषय एवं कला जैसे मुख्य विषयों की पढ़ाई कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।
जीजीआईसी फूलबेहड़ में अटैचमेंट से चल रहा काम
फूलबेहड़ स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में इस सत्र से पढ़ाई प्रारंभ हो गई है, लेकिन शिक्षकों की तैनाती अब तक नहीं हुई है, जबकि विद्यालय में 65 छात्राएं पंजीकृत हैं। इनको पढ़ाने के लिए एक शिक्षक का अटैचमेंट किया गया है, जो प्रधानाचार्य से लेकर शिक्षक तक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

जीजीआईसी एवं जीआईसी में शिक्षकों का बेहद अभाव
शहर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज एवं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षकों की बेहद कमी है, जबकि छात्र-छात्राओं की संख्या अच्छी खासी है। जीआईसी और जीजीआईसी में पंजीकृत छात्रों को पठन-पाठन कराने के लिए शिक्षक तक नहीं हैं। जीआईसी में हिंदी, उर्दू, संस्कृत, अर्थशास्त्र, इतिहास, समाज शास्त्र, वाणिज्य, भूगोल, भौतिक विज्ञान, गणित एवं जीव विज्ञान और जीजीआईसी में अंग्रेजी, नागरिक शास्त्र, जीव विज्ञान, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र के पद रिक्त हैं।
इनमें नहीं हैं हिंदी के शिक्षक
स्कूल - रिक्त पद
जीआईसी लखीमपुर- तीन
जीआईसी शारदानगर- एक
जीआईसी धौरहरा- दो
जीजीआईसी लखीमपुर- एक
जीजीआईसी खीरी- दो
जीजीआईसी धौरहरा- दो
जीजीआईसी निघासन- एक
जीजीआईसी मोहम्मदी- एक
.......
राजकीय हाईस्कूल में रिक्त पद
विषय- रिक्त पद
हिंदी- 37
अंग्रेजी- नौ
सामान्य विषय-20
सामाजिक विषय-38
कला- 28
विज्ञान व गणित- 31
गृह विज्ञान-20
.....
जिले में राजकीय विद्यालय
इंटरमीडिएट-11
हाईस्कूल- 41
पंजीकृत छात्र
इंटरमीडिएट- 7000
हाईस्कूल-3646
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