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Lakhimpur Kheri News: नहीं सुधरी खस्ताहाल सड़क तो ग्रामीणों ने खुद ही संभाली कमान
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बिजुआ के रत्नापुर गांव में रास्ता बनाते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : udhampur news
बिजुआ। विकास खंड स्थित रत्नापुर गांव में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की अनदेखी के बाद खुद ही गांव की खस्ताहाल सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। हाथ में फावड़े लेकर ग्रामीण सड़कों पर उतरे और खेतों से मिट्टी लाकर उन्हें आवागमन लायक बनाया।
सौना खुर्द ग्राम पंचायत के मजरा रत्नापुर में अधिकांश सड़कें और गलियां लंबे समय से खराब पड़ी हैं। बारिश के दिनों में इन मार्गों से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ गलियां तो अभी भी कच्ची हैं। ग्रामीणों ने कई बार ग्राम प्रधानों और अन्य अधिकारियों से सड़कों व गलियों के निर्माण के लिए गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान बदलते रहे, पर गांव के रास्तों की स्थिति जस की तस बनी रही।
आखिरकार ग्रामीणों ने खुद ही इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। बृहस्पतिवार को वह एकजुट हुए और फावड़े लेकर सड़क मरम्मत के लिए निकल पड़े। उन्होंने मार्ग के समीप के खेतों से मिट्टी लाकर सड़कों के गड्ढों को भरा, जिससे वे आवागमन के लिए सुरक्षित हो सके।
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इस मार्ग की मरम्मत के बाद सही करेंगे अन्य सड़क
ग्रामीण आशुतोष मिश्र ने बताया कि यह क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है। शनिवार से गुलरिया चीनी मिल में 2025-2026 का पेराई सत्र शुरू हो रहा है। इन खस्ताहाल मार्गों से ट्रैक्टर, ट्रॉली और डनलप गुजरने पर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। गांव के अलावा आसपास के अन्य गांवों के लोग भी इन रास्तों का उपयोग करते हैं।
बताया कि उन्होंने कई बार जिम्मेदार लोगों से संपर्क किया और पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। मजबूरन उन्हें नीलेश त्रिवेदी, वैभव मिश्र, बाल मुकुंद त्रिवेदी, जयशंकर बाजपेई, शिवांक तिवारी, सरवन मिश्र, आयुष अवस्थी, पिंटू दीक्षित सहित कई अन्य ग्रामीणों के साथ अभी एक सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू किया है। इस मार्ग के दुरुस्त होने के बाद अन्य सड़कों को भी सुधारा जाएगा।
सभी रास्ते जल्द बनने वाले हैं। कई रास्ते कार्ययोजना में शामिल हैं। किसी भी निधि या योजना में धनराशि उपलब्ध न होने के कारण इन कार्यों को शुरू नहीं किया जा सका है। - आशीष तिवारी, ग्राम प्रधान, सौना खुर्द
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सौना खुर्द ग्राम पंचायत के मजरा रत्नापुर में अधिकांश सड़कें और गलियां लंबे समय से खराब पड़ी हैं। बारिश के दिनों में इन मार्गों से गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ गलियां तो अभी भी कच्ची हैं। ग्रामीणों ने कई बार ग्राम प्रधानों और अन्य अधिकारियों से सड़कों व गलियों के निर्माण के लिए गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान बदलते रहे, पर गांव के रास्तों की स्थिति जस की तस बनी रही।
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आखिरकार ग्रामीणों ने खुद ही इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। बृहस्पतिवार को वह एकजुट हुए और फावड़े लेकर सड़क मरम्मत के लिए निकल पड़े। उन्होंने मार्ग के समीप के खेतों से मिट्टी लाकर सड़कों के गड्ढों को भरा, जिससे वे आवागमन के लिए सुरक्षित हो सके।
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इस मार्ग की मरम्मत के बाद सही करेंगे अन्य सड़क
ग्रामीण आशुतोष मिश्र ने बताया कि यह क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है। शनिवार से गुलरिया चीनी मिल में 2025-2026 का पेराई सत्र शुरू हो रहा है। इन खस्ताहाल मार्गों से ट्रैक्टर, ट्रॉली और डनलप गुजरने पर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। गांव के अलावा आसपास के अन्य गांवों के लोग भी इन रास्तों का उपयोग करते हैं।
बताया कि उन्होंने कई बार जिम्मेदार लोगों से संपर्क किया और पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। मजबूरन उन्हें नीलेश त्रिवेदी, वैभव मिश्र, बाल मुकुंद त्रिवेदी, जयशंकर बाजपेई, शिवांक तिवारी, सरवन मिश्र, आयुष अवस्थी, पिंटू दीक्षित सहित कई अन्य ग्रामीणों के साथ अभी एक सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू किया है। इस मार्ग के दुरुस्त होने के बाद अन्य सड़कों को भी सुधारा जाएगा।
सभी रास्ते जल्द बनने वाले हैं। कई रास्ते कार्ययोजना में शामिल हैं। किसी भी निधि या योजना में धनराशि उपलब्ध न होने के कारण इन कार्यों को शुरू नहीं किया जा सका है। - आशीष तिवारी, ग्राम प्रधान, सौना खुर्द