फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   What to eat to

खाएं तो आखिर क्या खाएं!

Fri, 01 May 2015 07:01 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Fri, 01 May 2015 07:01 PM IST
विज्ञापन
What to eat to
आम आदमी से उसकी कमाई के बारे में पूछने पर वह अक्सर यही कहता है कि ‘दाल रोटी चल जाती है’। अब शायद लोगों को यह जुमला बदलना पड़ेगा। पिछले एक माह में दाल के मूल्यों में भारी उछाल आया है। सभी दालें 10 से 15 रुपये प्रति किग्रा महंगी हो गई हैं। मौसमी सब्जियां पहले ही महंगी हो चुकी हैं। अब आम आदमी की थाली से दाल गायब होने की नौबत आ गई है। दाल और सब्जी व्यवसायी कहते है कि बेमौसम बारिश के कारण यह स्थिति आई है।
विज्ञापन

बाजार में दालों के दामों में एकाएक उछाल आया है। 15 दिन पहले तक 95 रुपये किग्रा बिकने वाली अरहर की दाल इस समय 105 रुपया प्रति किग्रा बिक रही है। उरद और चने की दालों में भी उछाल आया है। दाल व्यवसायी महेंद्र गुप्ता बताते हैं कि दालों के उत्पादन में लगातार आ रही कमी के कारण पिछले कई वर्षों से दालों के मूल्य बढ़ रहे थे लेकिन पिछले एक माह में दालों के मूल्यों में जितना उछाल आया है उतना इसके पहले कभी नहीं आया। इससे रसाई का बजट बुरी तरह गड़बड़ाया है।
विज्ञापन

मौसम की बेरुखी ने थाली कर दी सूखी
बांकेगंज के किसान प्रेम बिहारी लाल कहते हैं। मौसम के बदल रहे तेवर का दालों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है। इनका उत्पादन कम हुआ है। हरीश तिवारी का मानना है कि अरहर की खेती में समय और लागत अधिक आती है उस हिसाब से उत्पादन नहीं होता। निघासन के रामनरेश का कहना है कि इस बार बेमौसम बारिश से मसूर को भारी नुकसान हुआ है। दलहनी फसलों में कीटों का प्रकोप ज्यादा होने से उत्पादन पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक माह पहले और मौजूदा दाल मूल्य प्रति किग्रा
दाल              एक माह पहले          आज

अरहर            95.00 रुपया       105.00 रुपया
उरद हरी         100.00 रुपया      110.00 रुपया
उरद काली        95.00 रुपया      105.00 रुपया
मसूर              70.00 रुपया        80.00 रुपया
चने की दाल      52.00 रुपया        60.00 रुपया
सब्जी और दाल हुई महंगी, कैसे चले रसोई
गृहणी अनिता कुदेशिया कहती हैं कि सब्जियां पहले ही महंगी हो चुकी थीं अब दालों के दाम बढ़ने से रसोई का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अंजली गुप्ता कहती हैं कि दालें पहले से ही महंगी थीं अब और ज्यादा महंगी होने से बच्चों को खिलाना भी मुश्किल हो रहा है। गुंजन कहती हैं सब्जी महंगी, दाल महंगी खाएं तो आखिर क्या खाएं और कैसे घर चलाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed