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Lakhimpur Kheri News: गुमशुदगी दर्ज कराने गए थे, मिली भाई की मौत की सूचना
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फरधान। जानकारी के अभाव में एक परिवार के लोग अपने घर के सदस्य को इधर-उधर तलाश करते रहे। जब थाने पहुंचे तो परिवार के सदस्य की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद परिवार सदमे में है।
फरधान थाना क्षेत्र के गांव रतसिया निवासी वेदप्रकाश शुक्ल का पुत्र शीलवंत (50) 27 जून को घर से बिना बताए कहीं चला गया था। इसके बाद परिजन उसे ढूंढते रहे, लेकिन शीलवंत का पता नहीं चला।
28 जून 2025 की देर शाम फरधान थाना क्षेत्र के गांव धौरहरा खुर्द के पास एक पेट्रोल पंप के सामने और रेलवे लाइन के बीच रास्ते पर अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला था। पुलिस ने लावारिस समझकर पंचनामा भरकर मोर्चरी हाउस में रखवा दिया था। तीन दिन बाद पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया।
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कृष्ण कुमार निवासी रतसिया अपने भाई शीलवंत की गुमशुदगी दर्ज कराने नौ जुलाई को फरधान थाने पहुंचे। पूरा हुलिया पुलिस को बताया, तब पुलिस ने मृतक की हुलिया के आधार पर शव मिलने की सूचना बताई। पुलिस ने 10 दिन पहले मिले शव की फोटो दिखाई तो कृष्ण कुमार ने पहचान करते हुए बताया कि यह उनके भाई शीलवंत का ही शव है। कृष्ण कुमार ने बताया कि उनका भाई मानसिक बीमार रहता था। इसलिए वह कभी कभार इधर-उधर निकल जाता था। इसकी वजह से ऐसा हुआ। शीलवंत गांजा पीने का भी आदी था। वह उसे तलाशने में असफल रहे।
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फरधान थाना क्षेत्र के गांव रतसिया निवासी वेदप्रकाश शुक्ल का पुत्र शीलवंत (50) 27 जून को घर से बिना बताए कहीं चला गया था। इसके बाद परिजन उसे ढूंढते रहे, लेकिन शीलवंत का पता नहीं चला।
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28 जून 2025 की देर शाम फरधान थाना क्षेत्र के गांव धौरहरा खुर्द के पास एक पेट्रोल पंप के सामने और रेलवे लाइन के बीच रास्ते पर अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला था। पुलिस ने लावारिस समझकर पंचनामा भरकर मोर्चरी हाउस में रखवा दिया था। तीन दिन बाद पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया।
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कृष्ण कुमार निवासी रतसिया अपने भाई शीलवंत की गुमशुदगी दर्ज कराने नौ जुलाई को फरधान थाने पहुंचे। पूरा हुलिया पुलिस को बताया, तब पुलिस ने मृतक की हुलिया के आधार पर शव मिलने की सूचना बताई। पुलिस ने 10 दिन पहले मिले शव की फोटो दिखाई तो कृष्ण कुमार ने पहचान करते हुए बताया कि यह उनके भाई शीलवंत का ही शव है। कृष्ण कुमार ने बताया कि उनका भाई मानसिक बीमार रहता था। इसलिए वह कभी कभार इधर-उधर निकल जाता था। इसकी वजह से ऐसा हुआ। शीलवंत गांजा पीने का भी आदी था। वह उसे तलाशने में असफल रहे।