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मौसम के बदले तेवर तो बादलों ने डाला डेरा
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लखीमपुर खीरी। पश्चिमी विक्षोभ और कम दबाव का क्षेत्र बनने से मौसम में आए बदलाव का सिलसिला शनिवार को भी जारी हैै। शुक्रवार की रात को हल्की बारिश हुई, जिसके साथ ही तेज हवाएं भी चलीं। इससे मौसम खुशगवार हुआ है, साथ ही रात को ठंड की वापसी का भी लोगों को अहसास हो रहा है। शनिवार को बादल आसमान में डेरा जमाए रहे, जिससे कभी धूप और छांव का खेल चलता रहा।
शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में बदलाव का यह असर अभी तीन दिनों तक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और यूपी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे बादल छाए हैं। अभी तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। सोमवार को बारिश होने की संभावना है। रविवार को तेज हवाएं चलेंगी, जिसकी रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा हो सकती है। बादलों के सक्रिय रहने से किसी भी समय बारिश हो सकती है।
गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान
हल्की बारिश से फसलों को फायदा होने की बात कही जा रही है। वहीं तेज हवा से फसलों को नुकसान हुआ है। तेज हवा से गेहूं और सरसों की फसल गिर गई है, जिससे इनके उत्पादन पर असर पड़ेगा। कृषि विशेषज्ञ जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में तेज हवा से गेहूं की फसल गिरी है, जिसमें आंशिक क्षति होने की संभावना है। बारिश से गेहूं को फायदा मिलेगा।
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इधर, अमीरनगर प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को तेज आंधी के साथ हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलें गिर जाने से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। उनका अनुमान है कि फसल गिर जाने से उपज कम हो जाएगी।
गुलरिया प्रतिनिधि के अनुसार सिंचाई किए हुए खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों की फसलें शुक्रवार को दिन भर चली तेज हवाओं से गिर गई, जिससे काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि फसल गिर जाने से उपज बढ़ोतरी प्रभावित होगी, वहीं दाने भी कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में खेती किसानी में हानि हुई है।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में बदलाव का यह असर अभी तीन दिनों तक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और यूपी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे बादल छाए हैं। अभी तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। सोमवार को बारिश होने की संभावना है। रविवार को तेज हवाएं चलेंगी, जिसकी रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा हो सकती है। बादलों के सक्रिय रहने से किसी भी समय बारिश हो सकती है।
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गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान
हल्की बारिश से फसलों को फायदा होने की बात कही जा रही है। वहीं तेज हवा से फसलों को नुकसान हुआ है। तेज हवा से गेहूं और सरसों की फसल गिर गई है, जिससे इनके उत्पादन पर असर पड़ेगा। कृषि विशेषज्ञ जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में तेज हवा से गेहूं की फसल गिरी है, जिसमें आंशिक क्षति होने की संभावना है। बारिश से गेहूं को फायदा मिलेगा।
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इधर, अमीरनगर प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को तेज आंधी के साथ हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलें गिर जाने से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। उनका अनुमान है कि फसल गिर जाने से उपज कम हो जाएगी।
गुलरिया प्रतिनिधि के अनुसार सिंचाई किए हुए खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों की फसलें शुक्रवार को दिन भर चली तेज हवाओं से गिर गई, जिससे काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि फसल गिर जाने से उपज बढ़ोतरी प्रभावित होगी, वहीं दाने भी कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में खेती किसानी में हानि हुई है।