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Lakhimpur Kheri News: पलिया के फायर स्टेशन परिसर में जलभराव, कर्मचारी कई दिनों से नाव से पहुंच रहे
Fri, 02 Oct 2026 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:00 AM IST
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पलिया फायर स्टेशन में नाव से जाते कर्मी। संवाद
पलियाकलां। सुहेली नदी में आई बाढ़ का असर अब भी बना हुआ है। पलिया के अग्निशमन कार्यालय परिसर में कई दिनों से पानी भरा है। इसके चलते कर्मचारी नाव से कार्यालय पहुंच रहे हैं।
मुख्य मार्गों से पानी उतरने के बाद राहगीरों को कुछ राहत मिली है, लेकिन रिहायशी इलाकों और सरकारी दफ्तरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पट्टीहन रोड और बंसीनगर चौकी के पास बने रपटा पुल से पानी पूरी तरह उतर गया है। इसके बावजूद बंसीनगर चौकी क्षेत्र के कई गांव जलभराव की चपेट में हैं। पलिया की ग्राम पंचायत मकनपुर के चमबरबोझ और बिलहिया फार्म समेत कई मजरे पानी से घिरे हैं।
पलिया स्थित गुरु गोबिंद सिंह डिग्री कॉलेज जाने वाले रास्ते से भी पानी हट गया है। हालांकि, इसके पास स्थित अग्निशमन कार्यालय परिसर में पानी भरा होने से कर्मचारियों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित है और सरकारी दफ्तरों में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे एसडीएम, ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं
निघासन। बाढ़ की स्थिति के बीच बृहस्पतिवार को एसडीएम यदुवीर सिंह ने प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जीतपुरवा, पुरैना, गौढ़ीपुरवा और बैलहा पहुंचकर बाढ़ के हालात का जायजा लिया। पानी के बीच पैदल गांवों तक पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने बाढ़ के कारण आवागमन समेत अन्य परेशानियों से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि जीतपुरवा, पुरैना और गौढ़ीपुरवा समेत अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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मुख्य मार्गों से पानी उतरने के बाद राहगीरों को कुछ राहत मिली है, लेकिन रिहायशी इलाकों और सरकारी दफ्तरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पट्टीहन रोड और बंसीनगर चौकी के पास बने रपटा पुल से पानी पूरी तरह उतर गया है। इसके बावजूद बंसीनगर चौकी क्षेत्र के कई गांव जलभराव की चपेट में हैं। पलिया की ग्राम पंचायत मकनपुर के चमबरबोझ और बिलहिया फार्म समेत कई मजरे पानी से घिरे हैं।
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पलिया स्थित गुरु गोबिंद सिंह डिग्री कॉलेज जाने वाले रास्ते से भी पानी हट गया है। हालांकि, इसके पास स्थित अग्निशमन कार्यालय परिसर में पानी भरा होने से कर्मचारियों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित है और सरकारी दफ्तरों में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे एसडीएम, ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं
निघासन। बाढ़ की स्थिति के बीच बृहस्पतिवार को एसडीएम यदुवीर सिंह ने प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जीतपुरवा, पुरैना, गौढ़ीपुरवा और बैलहा पहुंचकर बाढ़ के हालात का जायजा लिया। पानी के बीच पैदल गांवों तक पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने बाढ़ के कारण आवागमन समेत अन्य परेशानियों से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि जीतपुरवा, पुरैना और गौढ़ीपुरवा समेत अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संवाद