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Lakhimpur Kheri News: 12 बजे तक इंतजार, फिर मिली मायूसी
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दीप चन्द्र
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में सोमवार को दिव्यांगों के स्वास्थ्य शिविर में अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाले छह घंटे के शिविर में डॉक्टर 12 बजे तक नहीं आए। दूरदराज से आए दिव्यांगों को परेशान होना पड़ा। वहीं कई लोगों को मायूस होकर लौटना भी पड़ा।
जिला अस्पताल में दिव्यांगजन अपने पहचानपत्र बनवाने आते हैं। यूडीआईडी (यूनिक डिसएबिलिटी आइडेंटिटीफिकेशन कार्ड) की वेबसाइट से दिव्यांगता फॉर्म ऑनलाइन कराने के बाद जिला अस्पताल के शिविर में जाना होता है। शिविर में डॉक्टरों की टीम परीक्षण कर अशक्तता का आकलन करती है।
इस टीम में अस्थि चिकित्सक, मानसिक रोग चिकित्सक, नाक कान गला रोग चिकित्सक और नेत्र चिकित्सक होते हैं। इसके बाद टीम रिपोर्ट तैयार करती है।
डॉक्टरों की टीम को निर्धारित समय (प्रातः 8 से दोपहर 2 बजे) तक इस प्रक्रिया के लिए अस्पताल में उपस्थित रहना होता है। सोमवार को शिविर के बाहर दिव्यांग कई घंटों तक चिकित्सक का इंतजार करते रहे, लेकिन करीब 12 बजे तक दिव्यांगों की जांच नहीं हो सकी।
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सबसे ज्यादा दिक्कत उन मरीजों को हुई, जो करीब 80-90 किलोमीटर का सफर कर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों की देरी की वजह से मरीज उनका इंतजार करते रहे।
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जिला अस्पताल में दिव्यांगजन अपने पहचानपत्र बनवाने आते हैं। यूडीआईडी (यूनिक डिसएबिलिटी आइडेंटिटीफिकेशन कार्ड) की वेबसाइट से दिव्यांगता फॉर्म ऑनलाइन कराने के बाद जिला अस्पताल के शिविर में जाना होता है। शिविर में डॉक्टरों की टीम परीक्षण कर अशक्तता का आकलन करती है।
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इस टीम में अस्थि चिकित्सक, मानसिक रोग चिकित्सक, नाक कान गला रोग चिकित्सक और नेत्र चिकित्सक होते हैं। इसके बाद टीम रिपोर्ट तैयार करती है।
डॉक्टरों की टीम को निर्धारित समय (प्रातः 8 से दोपहर 2 बजे) तक इस प्रक्रिया के लिए अस्पताल में उपस्थित रहना होता है। सोमवार को शिविर के बाहर दिव्यांग कई घंटों तक चिकित्सक का इंतजार करते रहे, लेकिन करीब 12 बजे तक दिव्यांगों की जांच नहीं हो सकी।
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सबसे ज्यादा दिक्कत उन मरीजों को हुई, जो करीब 80-90 किलोमीटर का सफर कर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों की देरी की वजह से मरीज उनका इंतजार करते रहे।

दीप चन्द्र

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