फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Union Budget 2023 Lakhimpur Kheri people many expectation from Budget

Union Budget 2023: महंगाई कम हो और रोजगार भी बढ़े, बजट से कई उम्मीदें लगाकर बैठे खीरी के लोग

Wed, 01 Feb 2023 06:31 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 01 Feb 2023 06:31 AM IST
सार

लखीमपुर खीरी के व्यापारियों को उम्मीद है बजट में बेहतरी के लिए इस बार कुछ जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। किसानों को उम्मीद है कि आर्थिक रूप से टूट रहे किसानों की दशा सुधारने और उनकी आय बढ़ाने के लिए बजट में कुछ अलग हो सकता है। 

विज्ञापन
Union Budget 2023 Lakhimpur Kheri people many expectation from Budget
Budget 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार आज आम बजट पेश करेगी। बुद्धिजीवियों, अर्थशास्त्रियों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों की निगाहें बजट पर टिकी हुई हैं। सभी वर्गों के लोग आयकर स्लैब बढ़ने, करों का बोझ कम होने और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 

विज्ञापन


लखीमपुर खीरी के व्यापारियों को उम्मीद है बजट में बेहतरी के लिए इस बार कुछ जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। किसानों को उम्मीद है कि आर्थिक रूप से टूट रहे किसानों की दशा सुधारने और उनकी आय बढ़ाने के लिए बजट में कुछ अलग हो सकता है। किसान चाहते हैं कि खेती की लागत कम हो और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। महिलाएं स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ाना चाहती हैं। उन्हें उम्मीद है कि आधी आबादी की बेहतरी के लिए आम बजट में कुछ प्रावधान हो सकते हैं। महंगाई कम हो, यह सभी वर्ग चाहते हैं। समाज के विभिन्न वर्गों से जब बजट से अपेक्षाओं पर बात की गई तो लोगों ने उम्मीदों का पिटारा खोल दिया। 

विज्ञापन

महंगाई पर अंकुश के लिए प्रभावी प्रयास हों

युवराजदत्त महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के डॉ. डीएन मालपानी ने बताया कि डॉ. आम बजट में महंगाई पर नियंत्रण के प्रयास होने चाहिए। रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में और सुधार की जरूरत है। देश की अर्थव्यवस्था में और सुधार के लिए निर्यात बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए। विकास दर बढ़ाकर न्यूनतम 7 से 7.5 प्रतिशत तक पहुंचाना जरूरी है। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए कदम उठाने चाहिए। नई शिक्षा नीति के संचालन के लिए बजट का प्रावधान हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं के लिए रोजगार सृजित हों

भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय के अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष अर्चना सिंह ने कहा कि आम बजट में कुछ ऐसा प्रावधान हो कि लोगों को करों में राहत मिले। स्टैंडर्ड डिडेक्शन बढ़ाया जाए। महिलाओं के रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। छात्राओं की शिक्षा के लिए विशेष प्रबंध होने चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए आम बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। ताकि मध्यम वर्गीय और आम लोगों को अधिक सुविधाएं मिल सकें। लोगों की परचेजिंग पावर में बढ़ोतरी हो, ताकि अर्थव्यवस्था में सुधार हो सके। 

किसानों की आय तो दोगुनी नहीं हुई कर्ज जरूर दोगुना हो गया

भारतीय किसान यूनियन(चढ़ूनी गुट) के प्रदेश महासचिव अमनदीप सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 तक किसानों की आय दो गुनी करने का वायदा किया था लेकिन इस बीच हुआ इसका उल्टा। किसानों की आय तो दोगुनी नहीं हुई कर्ज जरूर दोगुना हो गया। महंगाई के चलते कृषि लागत काफी बढ़ गई है जबकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। बजट में कुछ ऐसा प्रावधान हो कि किसानों को उनकी उपज का सही और समय पर मूल्य मिले। कृषि लागत कम करने के प्रयास हों। 

सरकार की खरीद नीति में खामियों से किसानों को नुकसान

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने कहा कि खाद, बीज, डीजल, बिजली महंगी होने से कृषि की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इस हिसाब से कृषि उपज के मूल्य नहीं बढ़ रहे हैं। सरकारी खरीद नीति में खामियों के चलते किसानों को अपनी उपज औने पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों की कमर टूट गई है। सच तो यह है कि सरकार किसानों के लिए कुछ करना ही नहीं चाहती अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। संभव है किसानों की बेहतरी के लिए बजट में कुछ प्रावधान हो।

टैक्स का बोझ कम हो, ताकि आम लोगों को राहत मिले

ऑटोमोबाइल व्यवसायी अंकिल शुक्ला ने कहा कि कोरोना काल के बाद से उद्योग और व्यापार अपनी पहले जैसी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। एक तरह से मंदी का दौर चल रहा है। बाजार में पैसे की कमी के चलते व्यापार डाउन जा रहा है। सरकार को बजट में कुछ ऐसे प्रावधान करने चाहिए जिससे उद्योग और व्यापार में करों का बोझ कम हो, ताकि व्यापारियों के साथ ग्राहकों को भी राहत मिल सके। कर प्रणाली का सरलीकरण होना चाहिए। बजट में व्यापारी हितों को ध्यान में रखना चाहिए।  

जीएसटी में समरूपता हो, करों का सरलीकरण किया जाए

किराना व्यापारी राजू अग्रवाल ने कहा कि महंगाई और खेती बाड़ी में किसानों के घाटे के ग्राहकों की परचेजिंग पावर कम हो गई है। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। इनकम टैक्स का स्लैब बढ़ना चाहिए। जीएसटी की दरों में समरूपता लानी चाहिए। कर प्रणाली का सरलीकरण किया जाए। उद्योग और व्यापार पर करों का बोझ कम होने से ग्राहकों को राहत मिलेगी, उनकी परचेजिंग पॉवर बढे़गी। इसके साथ ही उद्योग और व्यापार चमकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed