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तेज बुखार से दो और बच्चों की मौत
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 05 Sep 2015 10:44 PM IST
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बरसात में बीमारियों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित आठ और बच्चे भर्ती कराए गए इसमें दो बच्चों की मौत हो गई। बुखार से जिला अस्पताल में अब तक मरने वाले बच्चों की संख्या नौ तक पहुंच गई है।
बरसात में बढ़ रही गर्मी ने बीमारियों को और बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल में मरीजों की प्रतिदिन भीड़ लगती है। वहीं सभी वार्ड मरीजों से फुल हैं। कई वार्डों में जमीन पर मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। बीमारियों की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में आठ और बच्चे भर्ती कराए गए। भर्ती होने वाले बच्चों में थाना क्षेत्र ईसानगर के ग्राम रुद्रपुर निवासी रामनरेश की दो वर्षीय पुत्री महक, कस्बा और थाना निघासन निवासी मुकेश कुमार की पुत्री (एक), निघासन क्षेत्र के ही ग्राम लखाही निवासी दयाशंकर की पुत्री मुस्कान (चार), थाना क्षेत्र खीरी के ग्राम मरखापुर निवासी श्यामलाल की पुत्री रोहिणी (एक), कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम मोदपुर निवासी सुशील कुमार का पुत्र विवेक (सात), कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम लंघनियां निवासी बहादुर की पुत्री अनम (आठ), कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम भटपुरवा निवासी हामिद अली की पुत्री नूरबी (दो) तथा जिला सीतापुर के ग्राम शेखूपुर निवासी शकील का पुत्र इंसान (चार) को बुखार के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें रुदपुर निवासी महक और मरखापुर निवासी रोहिणी की शनिवार को ही उपचार के दौरान मौत हो गई।
चिकित्सक जिला अस्पताल डॉ. अमित सिंह ने बताया कि इस समय सबसे जरूरी मच्छरों से बचाव है। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। पानी गहराई वाले हैंडपंप का पिये अथवा उबाल कर प्रयोग करें। बासी भोजन न खाएं, बहुत अधिक ठंडे पानी से भी परहेज करें। यदि बुखार हो जाता है तो जिला अस्पताल में या प्रशिक्षित चिकित्सक को ही दिखाएं।
ये हैं कारण
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल आफीसर डॉ. अमित सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है इस कारण कई प्रकार के वैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। इसके अलावा मच्छर भी बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया वातावरण में नमी और गर्मी के चलते वायरल बुखार आदि होते हैं। बरसात में पानी भी संक्रमित हो जाता है इसलिए बुखार, जुकाम और खांसी और स्वास जैसी बीमारियां होती हैं।
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बरसात में बढ़ रही गर्मी ने बीमारियों को और बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल में मरीजों की प्रतिदिन भीड़ लगती है। वहीं सभी वार्ड मरीजों से फुल हैं। कई वार्डों में जमीन पर मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। बीमारियों की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में आठ और बच्चे भर्ती कराए गए। भर्ती होने वाले बच्चों में थाना क्षेत्र ईसानगर के ग्राम रुद्रपुर निवासी रामनरेश की दो वर्षीय पुत्री महक, कस्बा और थाना निघासन निवासी मुकेश कुमार की पुत्री (एक), निघासन क्षेत्र के ही ग्राम लखाही निवासी दयाशंकर की पुत्री मुस्कान (चार), थाना क्षेत्र खीरी के ग्राम मरखापुर निवासी श्यामलाल की पुत्री रोहिणी (एक), कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम मोदपुर निवासी सुशील कुमार का पुत्र विवेक (सात), कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम लंघनियां निवासी बहादुर की पुत्री अनम (आठ), कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम भटपुरवा निवासी हामिद अली की पुत्री नूरबी (दो) तथा जिला सीतापुर के ग्राम शेखूपुर निवासी शकील का पुत्र इंसान (चार) को बुखार के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें रुदपुर निवासी महक और मरखापुर निवासी रोहिणी की शनिवार को ही उपचार के दौरान मौत हो गई।
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चिकित्सक जिला अस्पताल डॉ. अमित सिंह ने बताया कि इस समय सबसे जरूरी मच्छरों से बचाव है। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। पानी गहराई वाले हैंडपंप का पिये अथवा उबाल कर प्रयोग करें। बासी भोजन न खाएं, बहुत अधिक ठंडे पानी से भी परहेज करें। यदि बुखार हो जाता है तो जिला अस्पताल में या प्रशिक्षित चिकित्सक को ही दिखाएं।
ये हैं कारण
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल आफीसर डॉ. अमित सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है इस कारण कई प्रकार के वैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। इसके अलावा मच्छर भी बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया वातावरण में नमी और गर्मी के चलते वायरल बुखार आदि होते हैं। बरसात में पानी भी संक्रमित हो जाता है इसलिए बुखार, जुकाम और खांसी और स्वास जैसी बीमारियां होती हैं।
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