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Lakhimpur Kheri News: डिप्थीरिया से पीड़ित दो बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती

Mon, 06 Nov 2023 11:36 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Nov 2023 11:36 PM IST
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Two children suffering from diphtheria admitted to the district hospital
जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती डिप्थीरिया संक्रमित बच्चा
लखीमपुर खीरी। डेंगू का प्रकोप अभी थम भी न पाया था कि डिप्थीरिया यानी गलाघोंटू बच्चों के लिए एक नई मुसीबत बनकर आ गया है। जिले में दो और बच्चे संक्रमित मिले हैं, जबकि एक अन्य बच्चे में संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। जिले में अब तक डिप्थीरिया संक्रमित नौ बच्चे मिल चुके हैं।
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जिला अस्पताल में बुखार और गले में दर्द की शिकायत पर तीन बच्चों को भर्ती कराया गया है। इनमें मोईनुद्ददीन की सात वर्षीय पुत्री हबीबा व मोहम्म्द ऐराज अली की दस वर्षीय पुत्री इल्माबानों में डिप्थीरिया की पुष्टि हुई है। ओयल निवासी छह वर्षीय शिवा पुत्री नीलू के गले में सूजन व बुखार आदि होने के कारण डिप्थीरिया संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। इन तीनों बच्चों को आईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इससे पहले भी एक बच्चे में डिप्थीरिया संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इससे जिले में इस बीमारी से ग्रसित बच्चों की संख्या नौ हो गई है।
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डिप्थीरिया बैक्टीरिया जनित बीमारी
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी बताते हैं कि डिप्थीरिया बैक्टीरिया जनित बीमारी है। संक्रमित के खांसने, छींकने पर हवा में कीटाणुओं से संक्रमित पानी की छोटी बूंदें फ़ैल जाती हैं। आसपास मौजूद लोग जब सांस लेते हैं तब कीटाणु उनके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इसलिए भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, मास्क लगाएं, खांसते व छींकते समय मुंह पर रूमाल रख लें। संक्रमित व्यक्ति के साथ व उसके बर्तन में खाना खाने एवं पानी पीने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
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लक्षण
तेज बुखार, गले में खराश, सूजन, भोजन निगलने में व सांस लेने में दिक्कत

बरतें सावधानी
डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी घरवालों की लापरवाही से होती है। जो बच्चों के लिए मुसीबत बन जाती है। सरकारी अस्पतालों में हर बुधवार और शनिवार के अलावा समय-समय पर टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। बावजूद इसके समय पर वैक्सीन लोग नहीं कराते हैं। इसके तीन टीके लगते हैं। पहला डेढ़, दूसरा ढाई और तीसरा साढ़े तीन माह पर और फिर पहली बूस्टर डोज 16 से 24 माह पर, दूसरी पांच साल पर। इसके बाद 10 साल पर टीडी और अंतिम टीका 16 साल पर लगाया जाता है
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