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Lakhimpur Kheri News: जर्जर सड़क पर डायवर्ट किया ट्रैफिक, 12 दिन में हुआ खड़ंजे जैसा हाल
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रूट डायवर्जन के बाद टूटी सड़क
लखीमपुर खीरी। रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने की वजह से राजापुर चौराहा से लेकर एलआरपी चौराहा तक रास्ता बंद है। लिहाजा भारी वाहनों को विभिन्न मार्गों के जरिये हाईवे पर डायवर्ट किया जा रहा है। बिना पुख्ता तैयारी और इंतजाम के डायवर्जन लागू करने से वाहनों को ऐसे मार्गों से गुजारा जा रहा है, जो या तो कम क्षमता के हैं या पहले से ही जर्जर हैं। ऐसे में 12 दिन में ही सड़कों का हाल खड़ंजे जैसा हो गया है।
कई मार्ग ऐसे हैं, जो छोटे वाहनों के लिए निर्धारित किए गए हैं लेकिन इन पर भारी वाहन दौड़ाए जा रहे हैं। इससे खीरी टाउन से सीतापुर रोड जाने वाली सड़क की हालत और भी खराब हो गई। यह सड़क मंडी समिति की है, जो कि पहले से जर्जर है। सात साल से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई है।
हालांकि, इसका प्रस्ताव भी मंडी परिषद को भेजा गया है। भारी वाहनों के निकलने से यह सड़क अब जानलेवा हो गई है, क्योंकि मुड़िया खेड़ा मोड़ के पास बनी पुलिया भी धंसने की कगार पर है। सवाल है कि अगर भारी वाहन या धंसी पुलिया के कारण कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। मंगलवार को यहां पर एक बालू भरी ट्रैक्टर ट्रॉली फंसी थी।
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इसी तरह भारी वाहनों को शहर से पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचाने के लिए हुए उल्ल नदी पुल से महेवागंज आने वाली सड़क से निकाला जाना है। सिंघानिया, सहरुवा व बंजरिया गांव के बीच सड़क पर पानी भरने के कारण हाल ही में सड़क की मरम्मत की गई है। अभी यहां से भारी वाहन अभी नहीं निकल रहे हैं, लेकिन तीन चार दिन में यह रूट भी शुरु हो जाएगा। ऐसे में भारी वाहनों के निकलने की वजह से सड़क फिर खराब हो जाएगी। इस पर एनएच डिवीजन कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने मांगी तो डीएम-एसपी और परिवहन विभाग ने दे दी अनुमति
राजापुर से एलआरपी चौराहा के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज के लिए लोहे के गर्डर रखे गए हैं। मुकम्मल काम के लिए रेलवे समेत संबंधित अफसरों से डायवर्जन लिया गया। ऐसे में अगले दो महीने तक डायवर्जन उन्हीं सड़कों पर लागू कर दिए गए, जो कि खुद जर्जर हैं। अधूरी तैयारियों की वजह से डायवर्जन वाली सड़कें और भी खराब होंगी। मामले में एनएच डिवीजन के अधिशासी अभियंता ने चुप्पी साधे रखी।
एनएच डिवीजन की तरफ से डायवर्जन मांगा गया था। जिला प्रशासन, पुलिस व परिवहन विभाग से अनुमति मांगी गई थी। राजापुर क्रॉसिंग पर लोक हित में निर्माण कार्य को देखते हुए ही डायवर्जन की परमिशन दी गई है।
महेंद्र बहादुर सिंह, जिलाधिकारी
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कई मार्ग ऐसे हैं, जो छोटे वाहनों के लिए निर्धारित किए गए हैं लेकिन इन पर भारी वाहन दौड़ाए जा रहे हैं। इससे खीरी टाउन से सीतापुर रोड जाने वाली सड़क की हालत और भी खराब हो गई। यह सड़क मंडी समिति की है, जो कि पहले से जर्जर है। सात साल से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई है।
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हालांकि, इसका प्रस्ताव भी मंडी परिषद को भेजा गया है। भारी वाहनों के निकलने से यह सड़क अब जानलेवा हो गई है, क्योंकि मुड़िया खेड़ा मोड़ के पास बनी पुलिया भी धंसने की कगार पर है। सवाल है कि अगर भारी वाहन या धंसी पुलिया के कारण कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। मंगलवार को यहां पर एक बालू भरी ट्रैक्टर ट्रॉली फंसी थी।
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इसी तरह भारी वाहनों को शहर से पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचाने के लिए हुए उल्ल नदी पुल से महेवागंज आने वाली सड़क से निकाला जाना है। सिंघानिया, सहरुवा व बंजरिया गांव के बीच सड़क पर पानी भरने के कारण हाल ही में सड़क की मरम्मत की गई है। अभी यहां से भारी वाहन अभी नहीं निकल रहे हैं, लेकिन तीन चार दिन में यह रूट भी शुरु हो जाएगा। ऐसे में भारी वाहनों के निकलने की वजह से सड़क फिर खराब हो जाएगी। इस पर एनएच डिवीजन कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने मांगी तो डीएम-एसपी और परिवहन विभाग ने दे दी अनुमति
राजापुर से एलआरपी चौराहा के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज के लिए लोहे के गर्डर रखे गए हैं। मुकम्मल काम के लिए रेलवे समेत संबंधित अफसरों से डायवर्जन लिया गया। ऐसे में अगले दो महीने तक डायवर्जन उन्हीं सड़कों पर लागू कर दिए गए, जो कि खुद जर्जर हैं। अधूरी तैयारियों की वजह से डायवर्जन वाली सड़कें और भी खराब होंगी। मामले में एनएच डिवीजन के अधिशासी अभियंता ने चुप्पी साधे रखी।
एनएच डिवीजन की तरफ से डायवर्जन मांगा गया था। जिला प्रशासन, पुलिस व परिवहन विभाग से अनुमति मांगी गई थी। राजापुर क्रॉसिंग पर लोक हित में निर्माण कार्य को देखते हुए ही डायवर्जन की परमिशन दी गई है।
महेंद्र बहादुर सिंह, जिलाधिकारी