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Lakhimpur Kheri News: हमलों से आजिज ग्रामीणों ने स्कूल में बंद किए छुट्टा गोवंश
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरतेर में बंद किये गये छुट्टा निराश्रित गोवंश
ओयल। छुट्टा पशुओं के हमले से आजिज आकर ग्रामीणों ने 47 गोवंश माध्यमिक विद्यालय बरतेर में बंद कर दिए। ग्रामीणों ने बीडीओ बेहजम से गांव में गोशाला बनवाकर छुट्टा गोवंश के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की है। सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी बेहजम डॉ. आलमदार रिजवी और क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके मुआयना किया। बाद में सभी गोवंश गोशाला भिजवा दिए गए।
करीब चार दिन पूर्व गांव निवासी रामदत्त तिवारी की पत्नी रामकली अपने घर से पानी लेने के लिए बाहर निकली थीं। तभी पीछे से आये एक सांड़ ने उन्हें पटक दिया। उनके पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। दो दिन पूर्व गांव का ही युवा किसान लेखराम पुत्र सोहन लाल पाल खेत से पशु भगा रहा था। इसी दौरान सांड़ ने उसपर हमला कर दिया। उसे उठाकर पटक दिया। गनीमत रही कि आसपास के खेतों में मौजूद किसानों ने उसे बचा लिया। लेखराम के दोनों हाथों-पैरों सहित शरीर में कई अन्य जगह चोटें आई हैं। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों ने सोमवार को निराश्रित गोवंश को स्कूल में बंद कर दिया।
जानकारी मिली थी, मौका मुआयना कर गोशाला के लिए जगह चिह्नित कर ल गई है। जल्द गोशाला का निर्माण करा छुट्टा गोवंश को उसमें रखा जायेगा। फिलहाल ग्रामीणों द्वारा विद्यालय में बंद किए गए गोवंश को सुंशी और ओयल देहात की गोशाला में भेज दिया गया है।
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डॉ. आलमदार रिजवी, पशु चिकित्साधिकारी बेहजम
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करीब चार दिन पूर्व गांव निवासी रामदत्त तिवारी की पत्नी रामकली अपने घर से पानी लेने के लिए बाहर निकली थीं। तभी पीछे से आये एक सांड़ ने उन्हें पटक दिया। उनके पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। दो दिन पूर्व गांव का ही युवा किसान लेखराम पुत्र सोहन लाल पाल खेत से पशु भगा रहा था। इसी दौरान सांड़ ने उसपर हमला कर दिया। उसे उठाकर पटक दिया। गनीमत रही कि आसपास के खेतों में मौजूद किसानों ने उसे बचा लिया। लेखराम के दोनों हाथों-पैरों सहित शरीर में कई अन्य जगह चोटें आई हैं। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों ने सोमवार को निराश्रित गोवंश को स्कूल में बंद कर दिया।
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जानकारी मिली थी, मौका मुआयना कर गोशाला के लिए जगह चिह्नित कर ल गई है। जल्द गोशाला का निर्माण करा छुट्टा गोवंश को उसमें रखा जायेगा। फिलहाल ग्रामीणों द्वारा विद्यालय में बंद किए गए गोवंश को सुंशी और ओयल देहात की गोशाला में भेज दिया गया है।
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डॉ. आलमदार रिजवी, पशु चिकित्साधिकारी बेहजम