फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   tigers attck on labour in dudhwa

लखीमपुरखीरी में गन्ने के खेत में काम रहे मजदूर पर बाघ का हमला

Sun, 01 Aug 2021 05:52 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुरखीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुरखीरी Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Sun, 01 Aug 2021 05:52 PM IST
विज्ञापन
tigers attck on labour in dudhwa
मजदूर पर बाघ का हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

मितौली थाना क्षेत्र के डोकरपुर गांव में गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने मजदूर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथी मजदूरों ने जैसे तैसे भागकर उसकी जान बचाई। घायल मजदूर को पुलिस और ग्रमीणों की मदद से एंबुलेंस से इलाज के लिये सीएचसी भेजा गया। वनविभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

विज्ञापन


डोकरपुर निवासी किसान राकेश रविवार सुबह आठ बजे अपने खेत में मजदूर संदीप, प्रदीप, सरोज, अभय और कमलेश को लेकर गन्ना बंधाई करने गए हुए थे। गन्ने का खेत माइनर नरवा नदी के किनारे झाड़ियों के पास है। खेत के अंदर घुसते ही पहले से छिपे बैठे बाघ ने मजदूरों पर हमला कर दिया। सभी मजदूर चीखते हुए भाग खड़े हुए। बाघ के हमले में 35 वर्षीय कमलेश गम्भीर रूप से घायल हो गया। अन्य डरे सहमे मजदूरों ने शोर मचाया तो बाघ कमलेश को छोड़ कर भाग गया। इसी बीच क्षेत्र के कई ग्रामीण इकट्ठे हो गए।
विज्ञापन


ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे एसओ मितौली अनिल कुमार सिंह ने घायल मजदूर कमलेश को व अन्य बेहोश हुए मजदूरों को इलाज के लिये सीएचसी भेज दिया। कुछ देर बाद मौके पर पहुँचे रेंजर मोबिन आरिफ,डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा, वन रक्षक राजेश पाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी। इससे पहले शिकारियों के चंगुल में फंसकर डोकरपुर में ही बाघ की मौत हो गई थी। क्षेत्र में आंवला जंगल से सटे गांव भीखमपुर, विशोखर, भावदा ग्रांट स्वामीदयालपुर, कारीबड़ेरी मकसूदाबाद समेत क्षेत्र के किसान और ग्रामीण बाघ की मौजूदगी से दहशत में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डोकरपुर गांव के पास बाघ के हमले में एक मजदूर घायल हुआ है। क्षेत्र के ग्रामीण और किसान समूह बनाकर आवश्यक कार्य के लिए ही खेतों में शोर शराबा करते हुए जाएं। बाघ की मौजूदगी उस स्थान पर पहले से ही है। झाड़ियों के बीच नरवा नदी बाघों के लिए अनुकूल है। इसलिए क्षेत्र के लोग सतर्कता बरतें। -मोबिन आरिफ, रेंजर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed