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Lakhimpur Kheri News: बाघ ने मारा सांड़, ग्रामीणों की वन कर्मियों से नोकझोंक
Wed, 14 Jan 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:10 PM IST
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घटनास्थल पर जमा ग्रामीणों की भीड़। संवाद।
बांकेगंज। ग्रंट नंबर 10 पंचायत के छेदीपुर गांव में मंगलवार को गन्ना काट रही महिला के सामने आने वाला बाघ बुधवार सुबह छोटी नहर पार कर बेलहैय्या गांव में आबादी के पास शमी अहमद के गन्ने के खेत में पहुंच गया। यहां उसने खेत में चर रहे छुट्टा सांड़ को मार डाला।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की निगरानी टीम ने खेत में पैरों के निशान देखकर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की। हालांकि, टीम को अधखाया शव नहीं मिला। आबादी के पास बाघ की मौजूदगी की सूचना पर तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस बीच वनकर्मियों की ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। वे टीम से बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि जिस गन्ने के खेत में बाघ डेरा जमाए बैठा है, उसी रास्ते से बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं और घर लौटते हैं। यही नहीं सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे इसी रास्ते पर आवागमन करते हैं।
भीड़ से घिरी टीम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर बमुश्किल शांत किया। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 10 दिन से सक्रिय बाघ आबादी के आसपास लगातार चहलकदमी करता दिख रहा है। इसके बावजूद वन विभाग सिर्फ निगरानी तक सीमित है, उसे अभी तक पकड़ नहीं सका।
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वर्जन
जंगल से रास्ता भटककर आबादी के पास पहुंचे बाघ की निगरानी के लिए गठित वन कर्मियों की टीमों को उसकी गतिविधियों और मूवमेंट पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
- कीर्ति चौधरी, डीएफओ, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की निगरानी टीम ने खेत में पैरों के निशान देखकर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की। हालांकि, टीम को अधखाया शव नहीं मिला। आबादी के पास बाघ की मौजूदगी की सूचना पर तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस बीच वनकर्मियों की ग्रामीणों से नोकझोंक हुई। वे टीम से बाघ को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि जिस गन्ने के खेत में बाघ डेरा जमाए बैठा है, उसी रास्ते से बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं और घर लौटते हैं। यही नहीं सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे इसी रास्ते पर आवागमन करते हैं।
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भीड़ से घिरी टीम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर बमुश्किल शांत किया। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 10 दिन से सक्रिय बाघ आबादी के आसपास लगातार चहलकदमी करता दिख रहा है। इसके बावजूद वन विभाग सिर्फ निगरानी तक सीमित है, उसे अभी तक पकड़ नहीं सका।
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जंगल से रास्ता भटककर आबादी के पास पहुंचे बाघ की निगरानी के लिए गठित वन कर्मियों की टीमों को उसकी गतिविधियों और मूवमेंट पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
- कीर्ति चौधरी, डीएफओ, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन