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कुरियानी गांव में पहुंचा बाघ, दहशत में लोग
मैलानी
Updated Mon, 29 Dec 2014 05:44 PM IST
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निकटवर्ती गांव कुरियानी में गांव के पास तक एक बाघ पहुंच गया। ग्रामीणों के आग जलाने पर बाघ वहां से चला गया। इससे पहले जंगल के पास खेतों में चर रही एक बकरी को भी बाघ निवाला बना चुका है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
गांव के पूरब में रहने वाले शंभू लाल की पत्नी सुदामा ने बताया कि रविवार रात करीब बारह बजे उनकी गाय अचानक चीखने लगी, जब उन्होंने बाहर देखा, तो बाघ चहलकदमी कर रहा था। यह देख सुदामा ने फौरन आग जलाई। आग देखकर वह पास के गन्ने के खेतों में चला गया।
इससे पहले 26 दिसंबर को कुरियानी गांव के ही सुखराम की बकरी को जंगल के किनारे खेतों में चरते समय बाघ निवाला बना चुका है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने बाघ से सुरक्षा की मांग की है। हालांकि मैलानी सेंक्च्युरी के वन दरोगा शकील अहमद और वनकर्मियों ने सूचना पाकर मौका मुआयना किया है।
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मैलानी सेंक्च्युरी क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी वीसी तिवारी ने बताया कि कुरियानी गांव जंगल के किनारे बसा हुआ है। जंगल से सटे खेतों में गन्ना की फसल है, लिहाजा जंगल के आसपास बाघ की आवाजाही बनी रहती है। वनकर्मियों को बाघ को वाच करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी खेतों में काम करते और जानवर पशु चराते समय एहतियात बरतने की जरूरत है।
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गांव के पूरब में रहने वाले शंभू लाल की पत्नी सुदामा ने बताया कि रविवार रात करीब बारह बजे उनकी गाय अचानक चीखने लगी, जब उन्होंने बाहर देखा, तो बाघ चहलकदमी कर रहा था। यह देख सुदामा ने फौरन आग जलाई। आग देखकर वह पास के गन्ने के खेतों में चला गया।
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इससे पहले 26 दिसंबर को कुरियानी गांव के ही सुखराम की बकरी को जंगल के किनारे खेतों में चरते समय बाघ निवाला बना चुका है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने बाघ से सुरक्षा की मांग की है। हालांकि मैलानी सेंक्च्युरी के वन दरोगा शकील अहमद और वनकर्मियों ने सूचना पाकर मौका मुआयना किया है।
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मैलानी सेंक्च्युरी क्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी वीसी तिवारी ने बताया कि कुरियानी गांव जंगल के किनारे बसा हुआ है। जंगल से सटे खेतों में गन्ना की फसल है, लिहाजा जंगल के आसपास बाघ की आवाजाही बनी रहती है। वनकर्मियों को बाघ को वाच करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी खेतों में काम करते और जानवर पशु चराते समय एहतियात बरतने की जरूरत है।