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मूर्ति विसर्जन करने गए तीन युवक घाघरा मे डूबे
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 06 Apr 2017 11:55 PM IST
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डूबे
- फोटो : अमर उजाला
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बहराइच बार्डर के जालिमनगर पुल के पास हुआ हादसा
देर रात तक होती रही तलाश
घाघरा नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान गुरुवार की शाम तीन युवक डूब गए। देर रात तक एसडीएम धौरहरा रामप्रकाश और सीओ हरीराम वर्मा डूबे युवकों की गोताखोरों से तलाश कराते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चल सका है।
बहराइच बार्डर से गुजरने वाली घाघरा में दो दिनों से नवरात्र में स्थापित मूर्तियां विसर्जित की जा रही हैं। ईसानगर के गांव नरगड़ा में भी दुर्गा मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसे विसर्जित करने के लिए नरगड़ा निवासी पिंकेश, महेश यादव, छोटू, मंगू, दिनेश यादव, मुनुवा, शशिकांत, सुन्दरलाल आदि घाघरा नदी के जालिमनगर पुल से शाम करीब चार बजे नदी में प्रवेश किया। गहरे पानी की तलाश में ये सब आगे बढ़ रहे थे कि ऐसी जगह पहुंच गए, जहां बिजली का टॉवर खड़ा करने के लिए अधबना बेस पानी के अंदर था। अनुमान है कि नदी के भीतर मौजूद उसी अधबने बेस से टकराकर इन युवकों का संतुलन बिगड़ और कई डूबने लगे। इन्हें डूबता देख कुछ लोग नदी में कूद पड़े। किसी तरह मंगू, दिनेश, अजय, मुनुवा, शशिकांत और सुंदरलाल को निकाल लिया, लेकिन नरगड़ा ईसानगर निवासी मदनलाल के 22 वर्षीय पुत्र पिंकेश, जगदीश के 25 वर्षीय पुत्र महेश यादव और ग्राम फत्तेपुर नबीनगर जिला सीतापुर निवासी लल्लन के 21 वर्षीय पुत्र छोटू का पता नहीं लगा। घटना के समय नदी घाट पर सैकड़ों लोग मूर्ति विसर्जन करने आए थे। इसलिए इस हादसे की खबर तुरंत फैल गई। मौके पर ईसानगर और धौरहरा की पुलिस भी थी, इसलिए बचाओ कार्य तुरंत शुरू कराया गया। लेकिन देर रात तक नदी में लापता तीनों युवकों का पता नहीं चल सका।
गांव में कोहराम, घाट पर पहुंचे विधायक
युवकों के घाघरा में डूबने की खबर आई तो गांव ईसानगर में कोहराम मच गया। लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। नदी में डूबे छोटू के बहनोई इंदल का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना है कि वह पढ़ाई करने अपने गांव से यहां आया था। उसे क्या पता था कि मूर्ति विसर्जित कराने जाएगा तो लौटकर नहीं आएगा। अब वह उसके मां-बाप को क्या जवाब देगा। छोटू ईसानगर के पब्लिक इंटर कॉलेज में पढ़ता था। इधर शाम छह बजे क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भी घाट पर पहुंच गए और एसडीएम धौरहरा राम प्रकाश से युवकों की तलाश के लिए गोताखोरों की संख्या बढ़ाने को कहा।
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घाघरा नदी के डूबे तीनों युवकों का काफी तलाश के बाद भी पता नहीं लगाया जा सका है। काफी अंधेरा होने के बाद सर्च अभियान रोक दिया गया है। शुक्रवार को सुबह से गोताखोर युवकों की तलाश करेंगे।
- हरीराम वर्मा, सीओ-धौरहरा।
देर रात तक होती रही तलाश
घाघरा नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान गुरुवार की शाम तीन युवक डूब गए। देर रात तक एसडीएम धौरहरा रामप्रकाश और सीओ हरीराम वर्मा डूबे युवकों की गोताखोरों से तलाश कराते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चल सका है।
बहराइच बार्डर से गुजरने वाली घाघरा में दो दिनों से नवरात्र में स्थापित मूर्तियां विसर्जित की जा रही हैं। ईसानगर के गांव नरगड़ा में भी दुर्गा मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसे विसर्जित करने के लिए नरगड़ा निवासी पिंकेश, महेश यादव, छोटू, मंगू, दिनेश यादव, मुनुवा, शशिकांत, सुन्दरलाल आदि घाघरा नदी के जालिमनगर पुल से शाम करीब चार बजे नदी में प्रवेश किया। गहरे पानी की तलाश में ये सब आगे बढ़ रहे थे कि ऐसी जगह पहुंच गए, जहां बिजली का टॉवर खड़ा करने के लिए अधबना बेस पानी के अंदर था। अनुमान है कि नदी के भीतर मौजूद उसी अधबने बेस से टकराकर इन युवकों का संतुलन बिगड़ और कई डूबने लगे। इन्हें डूबता देख कुछ लोग नदी में कूद पड़े। किसी तरह मंगू, दिनेश, अजय, मुनुवा, शशिकांत और सुंदरलाल को निकाल लिया, लेकिन नरगड़ा ईसानगर निवासी मदनलाल के 22 वर्षीय पुत्र पिंकेश, जगदीश के 25 वर्षीय पुत्र महेश यादव और ग्राम फत्तेपुर नबीनगर जिला सीतापुर निवासी लल्लन के 21 वर्षीय पुत्र छोटू का पता नहीं लगा। घटना के समय नदी घाट पर सैकड़ों लोग मूर्ति विसर्जन करने आए थे। इसलिए इस हादसे की खबर तुरंत फैल गई। मौके पर ईसानगर और धौरहरा की पुलिस भी थी, इसलिए बचाओ कार्य तुरंत शुरू कराया गया। लेकिन देर रात तक नदी में लापता तीनों युवकों का पता नहीं चल सका।
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गांव में कोहराम, घाट पर पहुंचे विधायक
युवकों के घाघरा में डूबने की खबर आई तो गांव ईसानगर में कोहराम मच गया। लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। नदी में डूबे छोटू के बहनोई इंदल का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना है कि वह पढ़ाई करने अपने गांव से यहां आया था। उसे क्या पता था कि मूर्ति विसर्जित कराने जाएगा तो लौटकर नहीं आएगा। अब वह उसके मां-बाप को क्या जवाब देगा। छोटू ईसानगर के पब्लिक इंटर कॉलेज में पढ़ता था। इधर शाम छह बजे क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भी घाट पर पहुंच गए और एसडीएम धौरहरा राम प्रकाश से युवकों की तलाश के लिए गोताखोरों की संख्या बढ़ाने को कहा।
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घाघरा नदी के डूबे तीनों युवकों का काफी तलाश के बाद भी पता नहीं लगाया जा सका है। काफी अंधेरा होने के बाद सर्च अभियान रोक दिया गया है। शुक्रवार को सुबह से गोताखोर युवकों की तलाश करेंगे।
- हरीराम वर्मा, सीओ-धौरहरा।