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Lakhimpur Kheri News: 17 साल पुराने सामूहिक हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद
Tue, 24 Mar 2026 11:31 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:31 PM IST
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एक ही परिवार के पांच समेत छह की हत्या में अदालत का फैसला, गला दबाकर हत्या के बाद झोंपड़ी में लगाई थी आग
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। साढ़े 17 साल पुराने बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड में अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित छह लोगों की हत्या के मामले में एडीजे अशोक दुबे की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम अशोगापुर निवासी ओमप्रकाश मौर्य की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी रेखा देवी का गांव के ही छन्नूलाल भुर्जी के घर आना-जाना शुरू हो गया था। इसको लेकर गांव में चर्चा होने लगी, जिससे रेखा के देवर मंगूलाल, उसके पुत्र धर्मेंद्र, पिता सत्यनरायन, बहनोई रमेश और रिश्तेदार गुड्डू नाराज थे।
15 नवंबर 2008 की रात छन्नूलाल के पुत्र रोहित का जन्मदिन था, जिसमें रेखा देवी भी मौजूद थीं। उसी रात आरोपियों ने छन्नूलाल, उसकी पत्नी रामदेवी उर्फ कांती, पुत्री मोहिनी, रोहिनी, पुत्र रोहित और रेखा देवी की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में झोंपड़ी में आग लगाकर शवों को जलाने का प्रयास किया।
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घटना के बाद छन्नूलाल के भाई अमेरिका प्रसाद ने मंगूलाल मौर्य और धर्मेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें पांच-छह अन्य लोगों को भी घटना में शामिल बताया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान जगसढ़ चौराहे के पास आरोपी सत्यनरायन को गिरफ्तार किया, जिसके बाद मामले की कड़ियां खुलती चली गईं।
पुलिस ने जांच पूरी कर मंगूलाल, सत्यनरायन और रमेश समेत दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत में अमेरिका प्रसाद, छत्रपाल, कांशीराम, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. एचजी सिंह, एसआई खुशाल प्रसाद और प्रत्यक्षदर्शी नरेंद्र शुक्ल समेत कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के बाद अदालत ने मंगूलाल उर्फ रामनरेश, सत्यनरायन और रमेश को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
वहीं घटना के समय किशोर रहे दो आरोपियों की पत्रावली अलग कर उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द कर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। साढ़े 17 साल पुराने बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड में अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित छह लोगों की हत्या के मामले में एडीजे अशोक दुबे की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम अशोगापुर निवासी ओमप्रकाश मौर्य की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी रेखा देवी का गांव के ही छन्नूलाल भुर्जी के घर आना-जाना शुरू हो गया था। इसको लेकर गांव में चर्चा होने लगी, जिससे रेखा के देवर मंगूलाल, उसके पुत्र धर्मेंद्र, पिता सत्यनरायन, बहनोई रमेश और रिश्तेदार गुड्डू नाराज थे।
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15 नवंबर 2008 की रात छन्नूलाल के पुत्र रोहित का जन्मदिन था, जिसमें रेखा देवी भी मौजूद थीं। उसी रात आरोपियों ने छन्नूलाल, उसकी पत्नी रामदेवी उर्फ कांती, पुत्री मोहिनी, रोहिनी, पुत्र रोहित और रेखा देवी की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में झोंपड़ी में आग लगाकर शवों को जलाने का प्रयास किया।
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घटना के बाद छन्नूलाल के भाई अमेरिका प्रसाद ने मंगूलाल मौर्य और धर्मेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें पांच-छह अन्य लोगों को भी घटना में शामिल बताया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान जगसढ़ चौराहे के पास आरोपी सत्यनरायन को गिरफ्तार किया, जिसके बाद मामले की कड़ियां खुलती चली गईं।
पुलिस ने जांच पूरी कर मंगूलाल, सत्यनरायन और रमेश समेत दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत में अमेरिका प्रसाद, छत्रपाल, कांशीराम, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. एचजी सिंह, एसआई खुशाल प्रसाद और प्रत्यक्षदर्शी नरेंद्र शुक्ल समेत कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के बाद अदालत ने मंगूलाल उर्फ रामनरेश, सत्यनरायन और रमेश को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
वहीं घटना के समय किशोर रहे दो आरोपियों की पत्रावली अलग कर उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द कर दिया गया।