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132 केवीए के तीन उपकेंद्रों का प्रस्ताव
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 11 Apr 2015 11:30 PM IST
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जिले में बढ़ती बिजली खपत और ओवरलोडिंग की समस्या को देखते हुए 132 केवीए के तीन उपकेंद्रों की स्थापना की कवायद शुरू कर दी है। ट्रांसमिशन के ईई एसके सिंह ने ओयल, मितौली और मोहम्मदी रोड पर उपकेंद्रों के निर्माण का खाका तैयार किया है। उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए ईई की ओर से डीएम को पत्र भी भेजा गया है। वहीं इन जगहों पर जमीन की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
जिले में बिजली खपत और लोड की समीक्षा करने के बाद ट्रांसमिशन के अधिकारियों को लगने लगा है कि अगर एक-दो वर्षों में नए उपकेंद्रों का निर्माण नहीं किया गया तो ओवरलोडिंग के चलते 132 केवी के उपकेंद्रों से 33 केवीए के फीडरों को बिजली सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा। मौजूदा समय में हालात यह है कि छाउछ उपकेंद्र से 11केवीए के 11 फीडर चल रहे हैं। इस कारण गर्मी में छाउछ उपकेंद्र बार-बार ओवरलोडिंग का शिकार होता है। शाहजहांपुर से सिंगल लाइन से चल रहे गोला-मोहम्मदी फीडर भी काफी ओवरलोड है। इसी तरह मितौली क्षेत्र में भी ओवरलोडिंग की समस्या है। ऐसे में इन इलाकों में नए उपकेंद्रों की स्थापना होने से बिजली सप्लाई में काफी सहूलियत होगी। हालांकि ट्रांसमिशन अधिकारियों का कहना है कि अभी उपकेंद्रों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन नहीं उपलब्ध कराई गई है, लेकिन विभागीय स्तर पर जमीन की तलाश शुरू कर दी गई।
उपकेंद्रों की स्थापना से मिलेगी राहत
132केवी के तीन उपकेंद्रों की स्थापना से 33केवी के फीडरों की ओवरलोडिंग कम होगी और इससे बिजली लाइनें कम टूटेंगी। अमूनन गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत झेलने वाले लखीमपुर, गोला, मोहम्मदी, मितौली, कस्ता, बेहजम, ओयल, रेवाही, शारदानगर, धौरहरा, निघासन में बिजली की ओवरलोडिंग कम होगी और लोगों को बिजली संबंधी दिक्कतों से निजात मिलेगी।
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एसडीओ ट्रांसमिशन मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में ओवरलोडिंग से दिक्कतें आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह समस्या और भी गंभीर होगी। इसे देखते हुए तीन उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। उपकेंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर ईई ट्रांसमिशन की ओर से डीएम खीरी को भी पत्र भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही जमीन मिल जाएगी।
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जिले में बिजली खपत और लोड की समीक्षा करने के बाद ट्रांसमिशन के अधिकारियों को लगने लगा है कि अगर एक-दो वर्षों में नए उपकेंद्रों का निर्माण नहीं किया गया तो ओवरलोडिंग के चलते 132 केवी के उपकेंद्रों से 33 केवीए के फीडरों को बिजली सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा। मौजूदा समय में हालात यह है कि छाउछ उपकेंद्र से 11केवीए के 11 फीडर चल रहे हैं। इस कारण गर्मी में छाउछ उपकेंद्र बार-बार ओवरलोडिंग का शिकार होता है। शाहजहांपुर से सिंगल लाइन से चल रहे गोला-मोहम्मदी फीडर भी काफी ओवरलोड है। इसी तरह मितौली क्षेत्र में भी ओवरलोडिंग की समस्या है। ऐसे में इन इलाकों में नए उपकेंद्रों की स्थापना होने से बिजली सप्लाई में काफी सहूलियत होगी। हालांकि ट्रांसमिशन अधिकारियों का कहना है कि अभी उपकेंद्रों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन नहीं उपलब्ध कराई गई है, लेकिन विभागीय स्तर पर जमीन की तलाश शुरू कर दी गई।
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उपकेंद्रों की स्थापना से मिलेगी राहत
132केवी के तीन उपकेंद्रों की स्थापना से 33केवी के फीडरों की ओवरलोडिंग कम होगी और इससे बिजली लाइनें कम टूटेंगी। अमूनन गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत झेलने वाले लखीमपुर, गोला, मोहम्मदी, मितौली, कस्ता, बेहजम, ओयल, रेवाही, शारदानगर, धौरहरा, निघासन में बिजली की ओवरलोडिंग कम होगी और लोगों को बिजली संबंधी दिक्कतों से निजात मिलेगी।
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एसडीओ ट्रांसमिशन मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में ओवरलोडिंग से दिक्कतें आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह समस्या और भी गंभीर होगी। इसे देखते हुए तीन उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। उपकेंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर ईई ट्रांसमिशन की ओर से डीएम खीरी को भी पत्र भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही जमीन मिल जाएगी।