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इस वर्ष भी 470 तालाबों का होगा जीर्णोद्धार
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:35 PM IST
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तालाब
- फोटो : अमर उजाला
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284 तालाबों पर काम हुआ पूरा
मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत वर्ष 2016-17 में 470 तालाबों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य तय है, जिसके सापेक्ष 284 तालाबों पर कार्य पूरा कराया जा चुका है। मनरेगा योजना से इन तालाबों पर कार्य कराए जा रहे हैं। जबकि पिछले वर्ष 2015-16 में सात करोड़ 25 लाख 94 हजार रुपये व्यय कर 467 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया था।
कई जगहों पर तालाबों की पटाई कर बिल्डिंग बनाने के मामले सामने आते हैं, ऐसे में यह प्रयास तालाबों को बचाने में मील का पत्थर साबित होंगे। हालांकि तालाबों पर जिस तरह भारी भरकम बजट खर्च हो रहा है, लेकिन परिणाम उसके मुताबिक नहीं हैं। करीब सात साल पूर्व भी जिले की 995 ग्राम पंचायतों में मॉडल तालाब विकसित किए गए थे, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। रुपये की बंदरबाट के चलते सरकार की योजना बीच में ही फ्लॉप हो गई थी। इसके बाद मॉडल तालाब की योजना ठंडे बस्ते मेें चली गई, लेकिन तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य अन्य योजनाओं का नाम देकर अब भी कराया जा रहा है। इन कार्यों की पारदर्शिता को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। क्योंकि अधिकतर तालाब ऐसे हैैं, जिनमें पहले भी कई बार जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा चुका है।
इतने तालाबों पर होगा कार्य
लखीमपुर में 40, बेहजम में 38, बांकेगंज में 30, बिजुआ में 33, धौरहरा में 11, ईसानगर में 22, गोला में 34, मितौली में 44, मोहम्मदी में 40, नकहा में 32, निघासन में 32, पलिया में 15, पसगवां में 35, फूलबेहड़ में 25, रमियाबेहड़ में 39 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
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जीर्णोद्धार में घपले का भी आरोप
तालाबों के जीर्णोद्धार पर प्रति वर्ष बड़ी रकम खर्च होती है, जिसमें मनरेगा के तहत रोजगार सृजन का तर्क होता है। मितौली, बेहजम समेत अन्य ब्लाकों में तालाबों के कार्यों में बड़े पैमाने पर सरकारी धनराशि को चूना लगाने के आरोप भी लग रहे हैं, जिनकी शिकायतें अफसरों से की गई हैं।
ग्राम पंचायतों ने स्वयं तालाबों का चयन कर सूची प्रस्तुत की थी, जिनमें सफाई संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं। 470 में से 454 तालाबों की वर्क आईडी निर्गत की गई है। कार्य पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
-हसीब अंसारी, उपायुक्त, श्रम रोजगार
मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत वर्ष 2016-17 में 470 तालाबों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य तय है, जिसके सापेक्ष 284 तालाबों पर कार्य पूरा कराया जा चुका है। मनरेगा योजना से इन तालाबों पर कार्य कराए जा रहे हैं। जबकि पिछले वर्ष 2015-16 में सात करोड़ 25 लाख 94 हजार रुपये व्यय कर 467 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया था।
कई जगहों पर तालाबों की पटाई कर बिल्डिंग बनाने के मामले सामने आते हैं, ऐसे में यह प्रयास तालाबों को बचाने में मील का पत्थर साबित होंगे। हालांकि तालाबों पर जिस तरह भारी भरकम बजट खर्च हो रहा है, लेकिन परिणाम उसके मुताबिक नहीं हैं। करीब सात साल पूर्व भी जिले की 995 ग्राम पंचायतों में मॉडल तालाब विकसित किए गए थे, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। रुपये की बंदरबाट के चलते सरकार की योजना बीच में ही फ्लॉप हो गई थी। इसके बाद मॉडल तालाब की योजना ठंडे बस्ते मेें चली गई, लेकिन तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य अन्य योजनाओं का नाम देकर अब भी कराया जा रहा है। इन कार्यों की पारदर्शिता को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। क्योंकि अधिकतर तालाब ऐसे हैैं, जिनमें पहले भी कई बार जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा चुका है।
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इतने तालाबों पर होगा कार्य
लखीमपुर में 40, बेहजम में 38, बांकेगंज में 30, बिजुआ में 33, धौरहरा में 11, ईसानगर में 22, गोला में 34, मितौली में 44, मोहम्मदी में 40, नकहा में 32, निघासन में 32, पलिया में 15, पसगवां में 35, फूलबेहड़ में 25, रमियाबेहड़ में 39 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
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जीर्णोद्धार में घपले का भी आरोप
तालाबों के जीर्णोद्धार पर प्रति वर्ष बड़ी रकम खर्च होती है, जिसमें मनरेगा के तहत रोजगार सृजन का तर्क होता है। मितौली, बेहजम समेत अन्य ब्लाकों में तालाबों के कार्यों में बड़े पैमाने पर सरकारी धनराशि को चूना लगाने के आरोप भी लग रहे हैं, जिनकी शिकायतें अफसरों से की गई हैं।
ग्राम पंचायतों ने स्वयं तालाबों का चयन कर सूची प्रस्तुत की थी, जिनमें सफाई संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं। 470 में से 454 तालाबों की वर्क आईडी निर्गत की गई है। कार्य पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
-हसीब अंसारी, उपायुक्त, श्रम रोजगार