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इस बार लक्ष्य का 10 फीसदी गेहूं खरीदना भी हो रहा मुश्किल
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लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद शुरू हुए डेढ़ माह बीत रहा है लेकिन क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालात यह है कि लक्ष्य के सापेक्ष 10 फीसदी गेहूं खरीदना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। निर्धारित लक्ष्य 1.88 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 612.44 मीट्रिक टन यानी 0.33 फीसदी गेहूूं खरीदा जा सका है। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए शुरू की गई मोबाइल क्रय केंद्र सेवा भी फ्लॉप साबित हुई है, क्योंकि किसान क्रय केंद्रों के बजाय मंडियों में गेहूं बेच रहे हैं।
जनपद में कुल 133 गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल 2022 से खोले गए हैं लेकिन 33 क्रय केंद्रों पर ही नाममात्र की खरीद हो पाई है। जबकि 100 क्रय केंद्रों का अब तक खाता नहीं खुल पाया है। पिछले वर्षों में किसान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए केंद्र प्रभारियों के सामने गिड़गिड़ाते थे, लेकिन इस वर्ष पूरा सीन बदल चुका है। बाजार में रेट ज्यादा मिलने कारण क्रय केंद्रों की ओर जाना पसंद नहीं कर रहे हैं।
सिर्फ 106 किसानों ने 33 क्रय केंद्रों पर 612.44 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। पिछले वर्ष 2021 में 13 मई तक 71130 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष क्रय एजेंसियों की खरीद को देखें तो खाद्य विभाग के 15 क्रय केंद्रों पर 366.66 एमटी, पीसीएफ के चार क्रय केंद्रों पर 31.25 एमटी, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 199.13 एमटी, एफसीआई के दो क्रय केंद्रों पर 15.40 एमटी गेहूं खरीदा जा सका है, जबकि यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र पर खरीद नहीं हो पाई है।
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बाजार में गेहूं का रेट एमएसपी से अधिक होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। मोबाइल क्रय केंद्र चालू करने के निर्देश दिए गए हैं, इससे केंद्र प्रभारी को स्वयं किसानों से संपर्क करके उनका गेहूं गांव जाकर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी इस योजना में सफलता नहीं मिल पाई है।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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जनपद में कुल 133 गेहूं क्रय केंद्र एक अप्रैल 2022 से खोले गए हैं लेकिन 33 क्रय केंद्रों पर ही नाममात्र की खरीद हो पाई है। जबकि 100 क्रय केंद्रों का अब तक खाता नहीं खुल पाया है। पिछले वर्षों में किसान क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए केंद्र प्रभारियों के सामने गिड़गिड़ाते थे, लेकिन इस वर्ष पूरा सीन बदल चुका है। बाजार में रेट ज्यादा मिलने कारण क्रय केंद्रों की ओर जाना पसंद नहीं कर रहे हैं।
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सिर्फ 106 किसानों ने 33 क्रय केंद्रों पर 612.44 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। पिछले वर्ष 2021 में 13 मई तक 71130 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष क्रय एजेंसियों की खरीद को देखें तो खाद्य विभाग के 15 क्रय केंद्रों पर 366.66 एमटी, पीसीएफ के चार क्रय केंद्रों पर 31.25 एमटी, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 199.13 एमटी, एफसीआई के दो क्रय केंद्रों पर 15.40 एमटी गेहूं खरीदा जा सका है, जबकि यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र पर खरीद नहीं हो पाई है।
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बाजार में गेहूं का रेट एमएसपी से अधिक होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। मोबाइल क्रय केंद्र चालू करने के निर्देश दिए गए हैं, इससे केंद्र प्रभारी को स्वयं किसानों से संपर्क करके उनका गेहूं गांव जाकर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी इस योजना में सफलता नहीं मिल पाई है।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी