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Lakhimpur Kheri News: एक्स-रे की नियमित सुविधा नहीं... स्टाफ की लेटलतीफी पड़ रही भारी
Wed, 23 Jul 2025 11:33 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:33 PM IST
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फूलबेहड़ सीएचसी में बंद एक्स-रे कक्ष। संवाद
महेवागंज/फूलबेहड़। लोगों को निशुल्क और बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए सरकार अस्पतालों पर मोटा बजट खर्च कर रही है। हालांकि, जिले की फूलबेहड़ सीएचसी में अनियमितताओं का बोलबाला है।
स्टाफ की कमी से जूझ रहे सीएचसी में जो जो लोग तैनात हैं भी, वह देरी से आते हैं। इससे मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सीएचसी में एक्सरे की सुविधा भी नियमित नहीं है। मंगलवार को सुबह 9:15 पर सीएचसी के रियलिटी चेक में कुछ ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलीं। यहां अधीक्षक समेत अधिकतर स्टाफ नदारद था।
कक्ष संख्या दो, चार, 13 और 15 नंबर में ताले लटके मिले। इमरजेंसी में डॉ. आशीष वर्मा बैठे मिले। दवा लेने आए अधिकतर मरीज इलाज और जांच के लिए घंटों चिकित्सक और स्टाफ का इंतजार करते देखे गए। भीषण गर्मी में यहां आरओ भी खराब मिला।
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अस्पताल के अंदर रखे डस्टबिन के बाहर बिखरा कूड़ा-कचरा सफाई व्यवस्था की पोल खोलता दिखा। 30 बेड के अस्पताल में व्यवस्थाएं रामभरोसे हैं। यहां अधीक्षक सहित तीन एमबीबीएस चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। मात्र दंत रोग विशेषज्ञ तैनात हैं।
एक वार्ड ब्यॉय, एक नर्स और दो फार्मासिस्ट तैनात हैं। बाकी संविदा और आउट सोर्स कर्मचारी हैं। करीब 73 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांव के मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं अस्पताल में सीबीसी, एलएफटी, केएफटी की जांच नहीं होती है। मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, शुगर, हीमोग्लोबिन व एक्स-रे की सुविधा मिलती है।
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सिर्फ तीन दिन मिलता है लाभ
फूलबेहड़ सीएचसी पर तैनात एक्स-रे टेक्नीशियन को बिजुआ अस्पताल की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इससे जरूरतमंद मरीजों को सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही एक्सरे की सुविधा मिलती है। मंगलवार को साथिया परामर्श और आयुष केंद्र से भी चिकित्सक नदारद रहे।
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मरीजों की सुनिए साहब
सुबह 8:30 बजे अस्पताल में पर्चा बनवाया। 13 नंबर कमरे में स्त्री रोग चिकित्सक को दिखाना था। 10 बजे तक डॉक्टर नहीं आंई। 15 किमी दूर से दवाई लेने आई हूं।
फातिमा निवासी मेहंदी
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सीएचसी से 13 किलोमीटर की दूरी पर गांव है। पेट में तेज दर्द हो रहा है। इसलिए इलाज के लिए आए थे, लेकिन सीएचसी के कक्ष में कोई डॉक्टर नजर नहीं आया।
संजनी देवी, खगईपुरवा
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गर्भवती होने की वजह से बैठने में दिक्कत हो रही है। आशा के साथ आई हैं। खून की जांच होना है, लेकिन महिला चिकित्सक दस बजे भी नहीं आईं।
सुमन, परसेहरी कलां
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मंगलवार को मीटिंग में लखीमपुर गया था। इसलिए समय से अस्पताल नहीं पहुंचा। परमानेंट कुछ स्टॉफ की कमी है। वैक्सीन और दवाइयां पर्याप्त है। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाती।
डॉ. कमलेश नारायण, सीएचसी अधीक्षक, फूलबेहड़
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स्टाफ की कमी से जूझ रहे सीएचसी में जो जो लोग तैनात हैं भी, वह देरी से आते हैं। इससे मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सीएचसी में एक्सरे की सुविधा भी नियमित नहीं है। मंगलवार को सुबह 9:15 पर सीएचसी के रियलिटी चेक में कुछ ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिलीं। यहां अधीक्षक समेत अधिकतर स्टाफ नदारद था।
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कक्ष संख्या दो, चार, 13 और 15 नंबर में ताले लटके मिले। इमरजेंसी में डॉ. आशीष वर्मा बैठे मिले। दवा लेने आए अधिकतर मरीज इलाज और जांच के लिए घंटों चिकित्सक और स्टाफ का इंतजार करते देखे गए। भीषण गर्मी में यहां आरओ भी खराब मिला।
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अस्पताल के अंदर रखे डस्टबिन के बाहर बिखरा कूड़ा-कचरा सफाई व्यवस्था की पोल खोलता दिखा। 30 बेड के अस्पताल में व्यवस्थाएं रामभरोसे हैं। यहां अधीक्षक सहित तीन एमबीबीएस चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। मात्र दंत रोग विशेषज्ञ तैनात हैं।
एक वार्ड ब्यॉय, एक नर्स और दो फार्मासिस्ट तैनात हैं। बाकी संविदा और आउट सोर्स कर्मचारी हैं। करीब 73 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांव के मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं अस्पताल में सीबीसी, एलएफटी, केएफटी की जांच नहीं होती है। मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, शुगर, हीमोग्लोबिन व एक्स-रे की सुविधा मिलती है।
सिर्फ तीन दिन मिलता है लाभ
फूलबेहड़ सीएचसी पर तैनात एक्स-रे टेक्नीशियन को बिजुआ अस्पताल की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इससे जरूरतमंद मरीजों को सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही एक्सरे की सुविधा मिलती है। मंगलवार को साथिया परामर्श और आयुष केंद्र से भी चिकित्सक नदारद रहे।
मरीजों की सुनिए साहब
सुबह 8:30 बजे अस्पताल में पर्चा बनवाया। 13 नंबर कमरे में स्त्री रोग चिकित्सक को दिखाना था। 10 बजे तक डॉक्टर नहीं आंई। 15 किमी दूर से दवाई लेने आई हूं।
फातिमा निवासी मेहंदी
सीएचसी से 13 किलोमीटर की दूरी पर गांव है। पेट में तेज दर्द हो रहा है। इसलिए इलाज के लिए आए थे, लेकिन सीएचसी के कक्ष में कोई डॉक्टर नजर नहीं आया।
संजनी देवी, खगईपुरवा
गर्भवती होने की वजह से बैठने में दिक्कत हो रही है। आशा के साथ आई हैं। खून की जांच होना है, लेकिन महिला चिकित्सक दस बजे भी नहीं आईं।
सुमन, परसेहरी कलां
मंगलवार को मीटिंग में लखीमपुर गया था। इसलिए समय से अस्पताल नहीं पहुंचा। परमानेंट कुछ स्टॉफ की कमी है। वैक्सीन और दवाइयां पर्याप्त है। मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाती।
डॉ. कमलेश नारायण, सीएचसी अधीक्षक, फूलबेहड़

फूलबेहड़ सीएचसी में बंद एक्स-रे कक्ष। संवाद

फूलबेहड़ सीएचसी में बंद एक्स-रे कक्ष। संवाद