{"_id":"64ac486f10e8a3ddce04a29f","slug":"there-is-no-one-to-watch-three-teachers-on-18-children-and-only-two-on-122-lakhimpur-news-c-4-1-bly1016-202556-2023-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: कोई देखने वाला नहीं, 18 बच्चों पर तीन शिक्षक तो कहीं 122 पर महज दो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: कोई देखने वाला नहीं, 18 बच्चों पर तीन शिक्षक तो कहीं 122 पर महज दो
विज्ञापन
पलियाकलां। परिषदीय स्कूलों की पड़ताल के दौरान पलियाकलां क्षेत्र के स्कूलों में अव्यवस्थाएं मिलीं। कहीं 18 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक हैं तो कहीं महज दो शिक्षकों पर 122 बच्चों की जिम्मेदारी है। एक स्कूल में शिक्षकों की संख्या ज्यादा होने के कारण खाली बैठे मिले।
स्कूलों के रखरखाव पर हर साल लाखों का बजट खर्च किया जा रहा है लेकिन फिर भी इनकी दशा नहीं सुधर रही। कहीं स्कूलाें की बाउंड्रीवाल टूटी है, तो कहीं पेयजल का इंतजाम तक नहीं। बच्चों को झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। पलिया क्षेत्र में 79 उच्च प्राथमिक स्कूल व 47 प्राथमिक स्कूल हैं। इन सभी विद्यालयों में करीब 450 शिक्षक व शिक्षिकाएं तैनात हैं, जबकि बच्चों की संख्या को देखते हुए यह संख्या काफी कम है। यहां करीब 800-900 शिक्षक होने चाहिए।
प्राथमिक विद्यालय बिलहिया-मकनपुर
प्राथमिक विद्यालय बिलहिया में मात्र 18 बच्चे ही पंजीकृत हैं, लेकिन यहां पर तीन शिक्षकों का स्टाफ है। जिसमें एक प्रधानाध्यापक भी हैं। स्कूल के एक तरफ बांउड्रीवाल नहीं है। ऐसे में उगी झाड़ियों के बीच बच्चे स्कूल पढ़ने आते हैं। यहां बैठने के लिए सीटों की व्यवस्था है लेकिन बच्चों का टोटा है। प्रधानाध्यापक सचिन कुमार ने बताया कि बाउंड्रीवाल के लिए पत्राचार किया गया है।
विज्ञापन
चंबरबोझ प्राथमिक विद्यालय
चंबरबोझ प्राथमिक विद्यालय का हाल भी खराब है। यहां भवन जर्जर है, जो कभी भी गिर सकता है। ऐसे में बच्चों पर भी खतरा मंडराता रहता है। इस जर्जर भवन में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार ने बताया कि स्कूल में 62 बच्चे पंजीकृत हैं, इनके लिए दो शिक्षक तैनात हैं।
हैंडपंप का हत्था ही गायब
चंबरबोझ प्राथमिक विद्यालय के परिसर में कुल तीन इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं। तीनों खराब हैं। एक हैंडपंप का तो हत्था तक गायब हो गया है। जिसको लगाने की आज तक किसी ने जरूरत नहीं समझी है। ऐसे में पहले बच्चे रोड क्रॉस कर लगे नल का पानी पीने के लिए जाते हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कई बार कहा जा चुका है, लेकिन हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराया गया है।
प्राथमिक विद्यालय पट्टी पतवारा
ग्राम पंचायत पतवारा में आने वाले प्राथमिक स्कूल पट्टी पतवारा का हाल खराब है। यहां परिसर में ओवरहेड टैंक का निर्माण हो रहा है। ऐसे में टंकी के बनाने में उपयोग आने वाला सामान पूरे परिसर में पड़ा है। चारों ओर बांउड्रीवाल नहीं है, जिससे छुट्टी होने के बाद अराजक तत्वों का जमावड़ा लगता है। टंकी निर्माण के कारण यहां जलभराव भी है। इस कारण मैदान होने के बाद भी बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। एक भवन में जमीन पर बैठकर पढ़ाई कराई जा रही है। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार राना ने बताया कि स्कूल में 122 बच्चे पंजीकृत हैं। जिन पर केवल दो शिक्षक हैं। बच्चों के बैठने के लिए सीट भी उपलब्ध नहीं हैं।
शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में जल्द ही शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद शिक्षकों की कमी हो दूर किया जाएगा। किसी ही हाल में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
- प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए
विज्ञापन
स्कूलों के रखरखाव पर हर साल लाखों का बजट खर्च किया जा रहा है लेकिन फिर भी इनकी दशा नहीं सुधर रही। कहीं स्कूलाें की बाउंड्रीवाल टूटी है, तो कहीं पेयजल का इंतजाम तक नहीं। बच्चों को झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। पलिया क्षेत्र में 79 उच्च प्राथमिक स्कूल व 47 प्राथमिक स्कूल हैं। इन सभी विद्यालयों में करीब 450 शिक्षक व शिक्षिकाएं तैनात हैं, जबकि बच्चों की संख्या को देखते हुए यह संख्या काफी कम है। यहां करीब 800-900 शिक्षक होने चाहिए।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय बिलहिया-मकनपुर
प्राथमिक विद्यालय बिलहिया में मात्र 18 बच्चे ही पंजीकृत हैं, लेकिन यहां पर तीन शिक्षकों का स्टाफ है। जिसमें एक प्रधानाध्यापक भी हैं। स्कूल के एक तरफ बांउड्रीवाल नहीं है। ऐसे में उगी झाड़ियों के बीच बच्चे स्कूल पढ़ने आते हैं। यहां बैठने के लिए सीटों की व्यवस्था है लेकिन बच्चों का टोटा है। प्रधानाध्यापक सचिन कुमार ने बताया कि बाउंड्रीवाल के लिए पत्राचार किया गया है।
विज्ञापन
चंबरबोझ प्राथमिक विद्यालय
चंबरबोझ प्राथमिक विद्यालय का हाल भी खराब है। यहां भवन जर्जर है, जो कभी भी गिर सकता है। ऐसे में बच्चों पर भी खतरा मंडराता रहता है। इस जर्जर भवन में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार ने बताया कि स्कूल में 62 बच्चे पंजीकृत हैं, इनके लिए दो शिक्षक तैनात हैं।
हैंडपंप का हत्था ही गायब
चंबरबोझ प्राथमिक विद्यालय के परिसर में कुल तीन इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं। तीनों खराब हैं। एक हैंडपंप का तो हत्था तक गायब हो गया है। जिसको लगाने की आज तक किसी ने जरूरत नहीं समझी है। ऐसे में पहले बच्चे रोड क्रॉस कर लगे नल का पानी पीने के लिए जाते हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कई बार कहा जा चुका है, लेकिन हैंडपंपों को रिबोर नहीं कराया गया है।
प्राथमिक विद्यालय पट्टी पतवारा
ग्राम पंचायत पतवारा में आने वाले प्राथमिक स्कूल पट्टी पतवारा का हाल खराब है। यहां परिसर में ओवरहेड टैंक का निर्माण हो रहा है। ऐसे में टंकी के बनाने में उपयोग आने वाला सामान पूरे परिसर में पड़ा है। चारों ओर बांउड्रीवाल नहीं है, जिससे छुट्टी होने के बाद अराजक तत्वों का जमावड़ा लगता है। टंकी निर्माण के कारण यहां जलभराव भी है। इस कारण मैदान होने के बाद भी बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। एक भवन में जमीन पर बैठकर पढ़ाई कराई जा रही है। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार राना ने बताया कि स्कूल में 122 बच्चे पंजीकृत हैं। जिन पर केवल दो शिक्षक हैं। बच्चों के बैठने के लिए सीट भी उपलब्ध नहीं हैं।
शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में जल्द ही शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद शिक्षकों की कमी हो दूर किया जाएगा। किसी ही हाल में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
- प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए