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Lakhimpur Kheri News: बेंच नहीं, फर्श पर बैठकर प्रसूताओं करती हैं इंतजार
Fri, 25 Jul 2025 11:37 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:37 PM IST
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जिला महिला अस्पताल के गेट पर बैठीं महिलाएं। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के बीच प्रसूताएं रोजना दिक्कतें झेल रही हैं। यहां बैठने के लिए पर्याप्त बेंच तक नहीं है। इस वजह से फर्श पर बैठकर प्रसूताओं को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मुख्य गेट पर खड़े रहने वाले बेतरतीब वाहनों से अंदर घुसना भी मुश्किल होता है।
अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन 300-400 मरीजों की ओपीडी होती है। मुख्य गेट पर जहां ई-रिक्शे खड़े रहते हैं। इससे मरीजों को अंदर आने में दिक्कत होती है। अस्पताल में घुसते ही परिसर में जगह कम होने की वजह से बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी रहती हैं। साथ ही जलभराव की समस्या बनी रहती है।
अल्ट्रासाउंड कक्ष व पैथोलॉजी के बाहर बेंचों की कमी होने की वजह से जांच कराने आईं प्रसूताओं को फर्श पर बैठकर ही बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं का खामियाजा प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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जलभराव होते ही उसे सही करा दिया जाता है। मरीजों के साथ कई लोग आते हैं। इसलिए भीड़ अधिक हो जाती है। अस्पताल परिसर में जगह भी कम है। इसलिए बेंच नहीं बढ़ाई जा सकतीं। जल्द ही जिला महिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन 300-400 मरीजों की ओपीडी होती है। मुख्य गेट पर जहां ई-रिक्शे खड़े रहते हैं। इससे मरीजों को अंदर आने में दिक्कत होती है। अस्पताल में घुसते ही परिसर में जगह कम होने की वजह से बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी रहती हैं। साथ ही जलभराव की समस्या बनी रहती है।
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अल्ट्रासाउंड कक्ष व पैथोलॉजी के बाहर बेंचों की कमी होने की वजह से जांच कराने आईं प्रसूताओं को फर्श पर बैठकर ही बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं का खामियाजा प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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जलभराव होते ही उसे सही करा दिया जाता है। मरीजों के साथ कई लोग आते हैं। इसलिए भीड़ अधिक हो जाती है। अस्पताल परिसर में जगह भी कम है। इसलिए बेंच नहीं बढ़ाई जा सकतीं। जल्द ही जिला महिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

जिला महिला अस्पताल के गेट पर बैठीं महिलाएं। संवाद