Dudhwa: खुल गए दुधवा नेशनल पार्क के द्वार, पहले दिन हुई मुफ्त में सैर, बाघ के दीदार कर रोमांचित हुए सैलानी
दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र का शुरू हो गया है। बुधवार से सैलानियों के लिए दुधवा के द्वार खोल दिए गए। पहले दिन स्थानीय सैलानियों ने मुफ्त में जंगल की सैर की।
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लखीमपुर खीरी में दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र का बुधवार को आगाज हो गया। इसका शुभारंभ वन एवं पर्यावरण मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने पूजा-अर्चना करने के साथ किया। विधायक रोमी साहनी व विभागाध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा ने फीता काटकर उद्घाटन किया और सैलानियों को हरी झंडी दिखाई। पहले दिन स्थानीय सैलानियों ने मुफ्त में जंगल की सैर की। उन्हें बाघ के दीदार भी हुए।
सुबह करीब साढ़े दस बजे वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, विधायक रोमी साहनी के साथ दुधवा पार्क के पर्यटन परिसर पहुंचे। एफडी ललित कुमार वर्मा और डीडी डॉ. रंगाराजू टी. ने उनका स्वागत किया। वनमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पंडित महेश प्रसाद व सोनू आचार्य ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कराई। इसके बाद वन मंत्री, अपर मुख्य सचिव पर्यावरण मनोज सिंह, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अंजनी कुमार आचार्य, पीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर सुनील चौधरी, पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता व अन्य अधिकारियों ने फीता काटा।
गेट पर नारियल फोड़ने के बाद सभी ने हरी झंडी दिखाकर सैलानियों की जिप्सियों को जंगल भ्रमण के लिए रवाना किया। पहले दिन स्थानीय सैलानियों की भीड़ का तांता लगा रहा। सभी ने पहले दिन निशुल्क पार्क के जंगल का भ्रमण किया।
फोटो प्रदर्शनी भी रही आकर्षण का केंद्र
दुधवा नेशनल पार्क में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों की फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें वन्यजीवों के नाम दर्ज थे। वहीं, विशेनपुरी स्थित कैमना स्कूल के बच्चों ने आकर्षक ढंग से रंगोली की सजावट की थी। दुधवा पार्क प्रशासन की तरफ से इस बार ‘आई लव दुधवा’ का लोगों लगाते हुए सेल्फी प्वाइंट बनवाया गया है।
वन मंत्री के सामने उठा सुहेली नदी का मुद्दा
दुधवा की लाइफलाइन कही जाने वाली सुहेली नदी के सूखने और उसमें जमा सिल्ट को लेकर विधायक रोमी साहनी ने वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना के सामने बात रखी। वन मंत्री ने एक बार फिर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
दुधवा पार्क के राजकीय हथिनी गंगाकली, पाखरी और अमृता को इस बार नए अंदाज में सजा संवारकर पार्क के मुख्य द्वार पर खड़ा किया गया था। फीता कटने के बाद जैसे ही सैलानियों की जिप्सियां पार्क भ्रमण के लिए रवाना हुईं तो तीनों हथिनियों ने सूंड़ उठाकर सैलानियों का इस्तकबाल किया।