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चार हिस्सों में बंटकर टीम ने रेल विद्युतीकरण का वन्यजीवन पर प्रभाव की जांच की
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बांकेगंज- मैलानी के बीच रेल ट्रैक पर जांच करती डब्ल्यूआईआई की टीम।
- फोटो : LAKHIMPUR
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक सुंदरेशा के निर्देशन में बांकेगंज-मैलानी के बीच रेल विद्युतीकरण के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में जांच करने आई टीम ने मंगलवार को चार हिस्सों में बंटकर जांच शुरू की।
डब्ल्यूआईआई (भारतीय वन्यजीव संस्थान) देहरादून की 11 सदस्यीय जांच टीम के एक हिस्सा ने रेलवे ट्रैक के दाईं, दूसरा बाईं और तीसरा ट्रैक पर पैदल चलकर वन्यजीवों के मूवमेंट का अध्ययन किया। इस टीम के साथ स्थानीय वनाधिकार और वन कर्मी भी शामिल रहे। यह टीमें पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बांकेगंज-मैलानी के बीच जंगल से गुजरे रेल ट्रैक चैनेज नंबर 181.400 से 192.185 तक विद्युतीकरण से वन्यजीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
उधर, टीम का एक हिस्सा ड्रोन कैमरे के जरिए जंगल के घनत्व का आंकलन किया। बताते हैं कि इस टीम को बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, चीतल, नीलगाय, बंदर आदि के मूवमेंट के निशान मिले हैं। जांच के अंतिम दिन मंगलवार को डब्ल्यूआईआई देहरादून से आई वैज्ञानिकों की टीम में शामिल एसपी गोयल, बिलाल हबीब और गौतम तालुकदार ने बांकेगंज-मैलानी के बीच 12 किलोमीटर जंगल से गुजरी रेल लाइन के विद्युतीकरण के लिए प्रत्येक बिंदु पर बारीकी से जांच की गई।
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डब्ल्यूआईआई (भारतीय वन्यजीव संस्थान) देहरादून की 11 सदस्यीय जांच टीम के एक हिस्सा ने रेलवे ट्रैक के दाईं, दूसरा बाईं और तीसरा ट्रैक पर पैदल चलकर वन्यजीवों के मूवमेंट का अध्ययन किया। इस टीम के साथ स्थानीय वनाधिकार और वन कर्मी भी शामिल रहे। यह टीमें पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बांकेगंज-मैलानी के बीच जंगल से गुजरे रेल ट्रैक चैनेज नंबर 181.400 से 192.185 तक विद्युतीकरण से वन्यजीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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उधर, टीम का एक हिस्सा ड्रोन कैमरे के जरिए जंगल के घनत्व का आंकलन किया। बताते हैं कि इस टीम को बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, चीतल, नीलगाय, बंदर आदि के मूवमेंट के निशान मिले हैं। जांच के अंतिम दिन मंगलवार को डब्ल्यूआईआई देहरादून से आई वैज्ञानिकों की टीम में शामिल एसपी गोयल, बिलाल हबीब और गौतम तालुकदार ने बांकेगंज-मैलानी के बीच 12 किलोमीटर जंगल से गुजरी रेल लाइन के विद्युतीकरण के लिए प्रत्येक बिंदु पर बारीकी से जांच की गई।
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