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जिन सीटों पर सपा हारी उन पर कांग्रेस का दावा
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:10 PM IST
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- फोटो : DEMO PIC
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पलिया और मोहम्मदी की सीट मिल सकती है कांग्रेस को
लोकसभा चुनाव में पलिया में सपा से आगे रही थी कांग्रेस
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने की स्थिति में पर जिले की आठ सीटों में से दो कांग्रेस को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें एक तो पलिया सीट हैं और दूसरी मोहम्मदी। इन दोनों सीटों पर पिछले चुनाव में बसपा के उम्मीदवार चुनाव जीते थे। सपा दोनों सीटों पर दूसरे और कांग्रेस पलिया में चौथे और मोहम्मदी में तीसरे स्थान पर रही थी।
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पलिया और मोहम्मदी सीट पर पार्टी दावा पेश कर सकती हैं। इसका पहला कारण तो यह है कि सपा इन दोनों सीटों पर पिछला चुनाव हार चुकी है। पलिया से बसपा उम्मीदवार रोमी साहनी चुनाव जीते थे और सपा के कृष्ण गोपाल पटेल दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस के डॉ. विनोद तिवारी चौथे स्थान पर जरूर रहे थे लेकिन उन्हें 20593 वोट मिले थे। मोहम्मदी में बसपा के बालाप्रसाद अवस्थी सपा के उम्मीदवार इमरान खान को हराकर विधायक बने थे। यहां कांग्रेस के अशफाकउल्ला खां तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 22014 वोट मिले थे।
कांग्रेस पलिया सीट पर दावा करने के लिए लोकसभा चुनाव 2014 का भी उदाहरण पेश कर सकती है। लोकसभा चुनाव में पलिया विधानसभा क्षेत्र में सपा को 14.41 फीसदी वोट मिले तो कांग्रेस को 14.57 फीसदी। मोहम्मदी में कांग्रेस को अन्य विधानसभा क्षेत्रों से कम वोट मिले थे। यहां सपा को 26.83 फीसदी वोट मिले तो कांग्रेस को मात्र 16.69 प्रतिशत। लोकसभा में कांग्रेस उम्मीदवार जितिन प्रसाद को सबसे ज्यादा 18.60 फीसदी वोट कस्ता विधानसभा क्षेत्र में मिले थे जबकि सपा के आनंद भदौरिया को यहां महज 17.94 प्रतिशत वोट मिले।
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कांग्रेस जिला अध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हैं कि गठबंधन में कौन-कौन सीटें कांग्रेस के खाते में आएंगी। फिलहाल उच्चस्तर पर वार्ता चल रही है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सपा जिलाध्यक्ष ने भी इस बारे में अनभिज्ञता जताई है। दोनों दलों के नेताओं की नजरें सपा-कांग्रेस गठबंधन की शर्तो पर लगी हुई हैं।
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लोकसभा चुनाव में पलिया में सपा से आगे रही थी कांग्रेस
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने की स्थिति में पर जिले की आठ सीटों में से दो कांग्रेस को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें एक तो पलिया सीट हैं और दूसरी मोहम्मदी। इन दोनों सीटों पर पिछले चुनाव में बसपा के उम्मीदवार चुनाव जीते थे। सपा दोनों सीटों पर दूसरे और कांग्रेस पलिया में चौथे और मोहम्मदी में तीसरे स्थान पर रही थी।
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पलिया और मोहम्मदी सीट पर पार्टी दावा पेश कर सकती हैं। इसका पहला कारण तो यह है कि सपा इन दोनों सीटों पर पिछला चुनाव हार चुकी है। पलिया से बसपा उम्मीदवार रोमी साहनी चुनाव जीते थे और सपा के कृष्ण गोपाल पटेल दूसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस के डॉ. विनोद तिवारी चौथे स्थान पर जरूर रहे थे लेकिन उन्हें 20593 वोट मिले थे। मोहम्मदी में बसपा के बालाप्रसाद अवस्थी सपा के उम्मीदवार इमरान खान को हराकर विधायक बने थे। यहां कांग्रेस के अशफाकउल्ला खां तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 22014 वोट मिले थे।
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कांग्रेस पलिया सीट पर दावा करने के लिए लोकसभा चुनाव 2014 का भी उदाहरण पेश कर सकती है। लोकसभा चुनाव में पलिया विधानसभा क्षेत्र में सपा को 14.41 फीसदी वोट मिले तो कांग्रेस को 14.57 फीसदी। मोहम्मदी में कांग्रेस को अन्य विधानसभा क्षेत्रों से कम वोट मिले थे। यहां सपा को 26.83 फीसदी वोट मिले तो कांग्रेस को मात्र 16.69 प्रतिशत। लोकसभा में कांग्रेस उम्मीदवार जितिन प्रसाद को सबसे ज्यादा 18.60 फीसदी वोट कस्ता विधानसभा क्षेत्र में मिले थे जबकि सपा के आनंद भदौरिया को यहां महज 17.94 प्रतिशत वोट मिले।
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कांग्रेस जिला अध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हैं कि गठबंधन में कौन-कौन सीटें कांग्रेस के खाते में आएंगी। फिलहाल उच्चस्तर पर वार्ता चल रही है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सपा जिलाध्यक्ष ने भी इस बारे में अनभिज्ञता जताई है। दोनों दलों के नेताओं की नजरें सपा-कांग्रेस गठबंधन की शर्तो पर लगी हुई हैं।