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Lakhimpur Kheri News: तप रही तराई, धूल भरी तेज पछुवा हवा ने मुश्किलें बढ़ाईं
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लखीमपुर खीरी। कड़ी धूप, भीषण गर्मी और गर्म लू के थपेड़ों से लोग बेहाल हैं। बिपरजॉय साइक्लोन के चलते खीरी में भी 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चल रही हैं। शुक्रवार को मौसम शुष्क रहने के बावजूद नमी बढ़ी है। तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है। फिर भी गर्मी इतनी है कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो रहा है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान एक डिग्री लुढ़ककर 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बिपरजॉय साइक्लोन की बजह से वायुमंडल में नमी बढ़ी है लेकिन तापमान में यह गिरावट स्थायी नहीं है। तापमान में और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
हीट वेव का हो रहे शिकार
कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते सुबह 11 बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आने लगा। यह हालत शाम पांच बजे तक बनी रही। इसके बाद लोग घरों से बाहर निकले तब जाकर सड़कों पर कुछ चहल पहल दिखाई दी। न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी से रात में भी गर्मी कम नहीं हो पा रही है। इससे लोगों का दिन का चैन और रातों की नींद उड़ी हुई है। लोग न काम कर पा रहे हैं न आराम। लोग हीटवेव का शिकार हो रहे है।
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हवा के साथ उड़ती धूल ने रुलाया
जिले में बिपरजॉय साइक्लोन का मद्धम असर जिले में भी रहा। देर रात से ही तेज हवाएं चलना जारी रहा। सुबह चार बजे मौसम अपेक्षाकृत थोड़ा ठंडा रहा लेकिन चढ़ते सूरज के साथ जिलेवासी पसीने से तरबतर होते रहे। उधर, धूल भरी तेज हवाएं भी पूरा दिन चलीं। सड़क पर फैली मिट्टी हवा के साथ उड़ती दिखी। जिससे लोग परेशान होते रहे। हवा की न्यूनतम गति 25 से 30 और आंधी के समय अधिकतम गति 50 से 55 किलोमीटर तक की रही।
राहत मिलने के आसार नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के पूर्व निदेशक और मौसम विज्ञानी जेपी गुप्ता का कहना है कि बिपरजॉय साइक्लोन भले ही समुद्र के किनारे के राज्यों में ज्यादा प्रभावी हो, लेकिन इसका असर तकरीबन पूरे देश में पड़ रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में तेज रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। गुजरात में चक्रवात के टकराने के बाद वहां तेज बारिश हो रही है। इससे उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भी नमी बढ़ी है। बावजूद इसके अभी गर्मी से निजात मिलने की संभावना नहीं है। मानसून आने में भी देरी हो सकती है।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान एक डिग्री लुढ़ककर 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बिपरजॉय साइक्लोन की बजह से वायुमंडल में नमी बढ़ी है लेकिन तापमान में यह गिरावट स्थायी नहीं है। तापमान में और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
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हीट वेव का हो रहे शिकार
कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते सुबह 11 बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आने लगा। यह हालत शाम पांच बजे तक बनी रही। इसके बाद लोग घरों से बाहर निकले तब जाकर सड़कों पर कुछ चहल पहल दिखाई दी। न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी से रात में भी गर्मी कम नहीं हो पा रही है। इससे लोगों का दिन का चैन और रातों की नींद उड़ी हुई है। लोग न काम कर पा रहे हैं न आराम। लोग हीटवेव का शिकार हो रहे है।
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हवा के साथ उड़ती धूल ने रुलाया
जिले में बिपरजॉय साइक्लोन का मद्धम असर जिले में भी रहा। देर रात से ही तेज हवाएं चलना जारी रहा। सुबह चार बजे मौसम अपेक्षाकृत थोड़ा ठंडा रहा लेकिन चढ़ते सूरज के साथ जिलेवासी पसीने से तरबतर होते रहे। उधर, धूल भरी तेज हवाएं भी पूरा दिन चलीं। सड़क पर फैली मिट्टी हवा के साथ उड़ती दिखी। जिससे लोग परेशान होते रहे। हवा की न्यूनतम गति 25 से 30 और आंधी के समय अधिकतम गति 50 से 55 किलोमीटर तक की रही।
राहत मिलने के आसार नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के पूर्व निदेशक और मौसम विज्ञानी जेपी गुप्ता का कहना है कि बिपरजॉय साइक्लोन भले ही समुद्र के किनारे के राज्यों में ज्यादा प्रभावी हो, लेकिन इसका असर तकरीबन पूरे देश में पड़ रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में तेज रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। गुजरात में चक्रवात के टकराने के बाद वहां तेज बारिश हो रही है। इससे उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भी नमी बढ़ी है। बावजूद इसके अभी गर्मी से निजात मिलने की संभावना नहीं है। मानसून आने में भी देरी हो सकती है।