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हाथियों के झुंड ने रौंदी धान-गन्ने की फसल
अमर उजाला ब्यूरो/बेलरायां।
Updated Fri, 12 Aug 2016 11:51 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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- वन विभाग से किसानों ने की आर्थिक मुआवजे की मांग
दुधवा नेशनल पार्क से बाहर निकले हाथियों के झुंड ने खेतों में लहलहाती धान और गन्ने की करीब 50 बीघा फसल रौंद कर बर्बाद कर दिया। इससे किसानों को हजारों का आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने वन विभाग को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजे की मांग की है।
ग्राम भूलनपुर निवासी सूरत वर्मा ने बताया कि गुरुवार की रात में जंगली हाथियों का झुंड पार्क सीमा से बाहर निकल आया और खेत में घुसकर करीब पांच बीघा धान की फसल तहस-नहस कर दी। गांव के ही रमेश का आठ बीघा, जगमोहन का सात बीघा और गन्ना, आशाराम का चार बीघा धान और धर्मपाल वर्मा का पांच बीघा धान, बेलरायां निवासी भैरव सिंह राना का आठ बीघा धान और प्यारेलाल का सात बीघा धान रौंद कर बर्बाद कर दिया। इससे किसानों का हजारों का नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने वन क्षेत्राधिकारी पार्क को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजा की मांग की है। उधर, ग्राम पंचायत कड़िया के प्रधानपति भीम सिंह ने बताया कि गुरुवार की रात जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों के पड़ोस में आकर चिंघाड़ना शुरू कर दिया। रखवाली कर रहे किसानों ने पटाखा, पीपा बजाकर हाथियों के झुंड को खदेड़ दिया है।
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दुधवा नेशनल पार्क से बाहर निकले हाथियों के झुंड ने खेतों में लहलहाती धान और गन्ने की करीब 50 बीघा फसल रौंद कर बर्बाद कर दिया। इससे किसानों को हजारों का आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने वन विभाग को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजे की मांग की है।
ग्राम भूलनपुर निवासी सूरत वर्मा ने बताया कि गुरुवार की रात में जंगली हाथियों का झुंड पार्क सीमा से बाहर निकल आया और खेत में घुसकर करीब पांच बीघा धान की फसल तहस-नहस कर दी। गांव के ही रमेश का आठ बीघा, जगमोहन का सात बीघा और गन्ना, आशाराम का चार बीघा धान और धर्मपाल वर्मा का पांच बीघा धान, बेलरायां निवासी भैरव सिंह राना का आठ बीघा धान और प्यारेलाल का सात बीघा धान रौंद कर बर्बाद कर दिया। इससे किसानों का हजारों का नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने वन क्षेत्राधिकारी पार्क को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजा की मांग की है। उधर, ग्राम पंचायत कड़िया के प्रधानपति भीम सिंह ने बताया कि गुरुवार की रात जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों के पड़ोस में आकर चिंघाड़ना शुरू कर दिया। रखवाली कर रहे किसानों ने पटाखा, पीपा बजाकर हाथियों के झुंड को खदेड़ दिया है।
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