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Lakhimpur Kheri News: दलिया प्लांट पर लटके ताले, महिलाएं बेरोजगार
Mon, 06 Jul 2026 10:57 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 06 Jul 2026 10:57 PM IST
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बेलरायां। ग्राम चखरा स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के रोशनी प्रेरणा लघु उद्योग दलिया प्लांट में चार माह से ताले लटके हैं। इससे प्लांट में कार्यरत समूह की महिलाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने जिम्मेदारों से प्लांट का संचालन शुरू कराने की मांग की है।
शासन ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए ग्राम चखरा में दलिया प्लांट स्थापित कराया था। ब्लॉक निघासन के 300 समूहों से 90 लाख रुपये तथा सरकार से एक करोड़ रुपये के अनुदान से करीब 24 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर टिनशेड हॉल और गोदाम लेकर दलिया उत्पादन शुरू हुआ था। तैयार दलिया की आपूर्ति ब्लॉक निघासन के आंगनबाड़ी केंद्रों में की जाती थी।
आरोप है कि मार्च में प्लांट के जिम्मेदारों ने लाखों रुपये की दलिया सामग्री प्लांट के गोदाम में रखने के बजाय 10 किलोमीटर दूर गांव प्रीतमपुरवा के एक मकान में रखनी शुरू कर दी। इससे विवाद बढ़ गया। इसके बाद प्लांट में उत्पादन बंद कर जिले के अन्य प्लांटों से दलिया मंगाकर आंगनबाड़ी केंद्रों में आपूर्ति शुरू कर दी गई। इससे नाराज समूह पदाधिकारियों ने प्लांट के गेट पर ताला लगा दिया। इसके चलते महिलाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्लांट में लगी करीब दो करोड़ रुपये की मशीनें भी बेकार पड़ी हैं।
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ग्राम चखरा के ब्लॉक मिशन मैनेजर आशीष ने बताया कि समूह पदाधिकारियों की कार्यशैली ठीक न होने के कारण प्लांट बंद है। फिलहाल जिले के अन्य प्लांटों से दलिया लाकर आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित की जा रही है। जल्द ही प्लांट में उत्पादन शुरू कराया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -ग्राम चखरा में दलिया प्लांट बंद होने की जानकारी मिली है। प्लांट का संचालन शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही दलिया उत्पादन शुरू कराया जाएगा।
-जयेश कुमार, बीडीओ निघासन
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शासन ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए ग्राम चखरा में दलिया प्लांट स्थापित कराया था। ब्लॉक निघासन के 300 समूहों से 90 लाख रुपये तथा सरकार से एक करोड़ रुपये के अनुदान से करीब 24 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर टिनशेड हॉल और गोदाम लेकर दलिया उत्पादन शुरू हुआ था। तैयार दलिया की आपूर्ति ब्लॉक निघासन के आंगनबाड़ी केंद्रों में की जाती थी।
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आरोप है कि मार्च में प्लांट के जिम्मेदारों ने लाखों रुपये की दलिया सामग्री प्लांट के गोदाम में रखने के बजाय 10 किलोमीटर दूर गांव प्रीतमपुरवा के एक मकान में रखनी शुरू कर दी। इससे विवाद बढ़ गया। इसके बाद प्लांट में उत्पादन बंद कर जिले के अन्य प्लांटों से दलिया मंगाकर आंगनबाड़ी केंद्रों में आपूर्ति शुरू कर दी गई। इससे नाराज समूह पदाधिकारियों ने प्लांट के गेट पर ताला लगा दिया। इसके चलते महिलाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्लांट में लगी करीब दो करोड़ रुपये की मशीनें भी बेकार पड़ी हैं।
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ग्राम चखरा के ब्लॉक मिशन मैनेजर आशीष ने बताया कि समूह पदाधिकारियों की कार्यशैली ठीक न होने के कारण प्लांट बंद है। फिलहाल जिले के अन्य प्लांटों से दलिया लाकर आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित की जा रही है। जल्द ही प्लांट में उत्पादन शुरू कराया जाएगा।
-जयेश कुमार, बीडीओ निघासन