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Lakhimpur Kheri News: वादी को थाने पर बिठाया, दरोगा पर पिटाई का आरोप
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लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली के जमकोहना गांव निवासी 28 वर्षीय युवक के कथित अपहरण का मामला सामने आने पर परिजन ने चार लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को नामजद तहरीर दी। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने वादी को ही थाने पर बिठा लिया और उसकी पिटाई कर दी।
हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां शुक्रवार की देर शाम तक उसका इलाज चलता रहा। उधर, पुलिस ने जांच की तो अपहरण का मामला फर्जी निकला। पुलिस फर्जी सूचना देने वाले युवक के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कह रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह अपहरण की सूचना के बाद पुलिस जांच कर रही थी कि तभी दोपहर युवक कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट गया। युवक की बात पर यकीन करें तो उसने ढखेरवा में मामा को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद मामा उसे चौकी लेकर पहुंचे। पुलिस को युवक के अपहरण की कहानी में झोल नजर आया। शक होने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
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युवक ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे वह घर से शौच के लिए खेत की ओर निकला था। रास्ते में छह लोगों ने उसे घसीटकर गाड़ी में डाल लिया। फिर पता नहीं कहां-कहां ले गए। ढखेरवा के पास उसने किसी तरह छूटकर घरवालों को खबर की। पुलिस का कहना है कि हाथ बंधे होने पर भी युवक मोबाइल चलाता रहा, यह बात हजम नहीं हो रही।
आरोप है कि पुलिस हिरासत में शाम को अचानक पीड़ित युवक की हालत बिगड़ गई। यह देख पुलिस के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन पुलिस ने परिजन को बुलाकर युवक को उनके हवाले कर दिया। परिजन ने बताया कि उसकी हालत चौकी पर ही बिगड़ गई थी। उसका किसी मनोचिकित्सक से इलाज भी चलने की बात कही। पूरे मामले में सीओ रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जांच के बाद अपहरण का मामला झूठा निकला। सीडीआर से पूरा मामला खुल सका। जांच जारी है, झूठी खबर देने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां शुक्रवार की देर शाम तक उसका इलाज चलता रहा। उधर, पुलिस ने जांच की तो अपहरण का मामला फर्जी निकला। पुलिस फर्जी सूचना देने वाले युवक के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कह रही है।
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बृहस्पतिवार की सुबह अपहरण की सूचना के बाद पुलिस जांच कर रही थी कि तभी दोपहर युवक कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट गया। युवक की बात पर यकीन करें तो उसने ढखेरवा में मामा को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद मामा उसे चौकी लेकर पहुंचे। पुलिस को युवक के अपहरण की कहानी में झोल नजर आया। शक होने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
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युवक ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे वह घर से शौच के लिए खेत की ओर निकला था। रास्ते में छह लोगों ने उसे घसीटकर गाड़ी में डाल लिया। फिर पता नहीं कहां-कहां ले गए। ढखेरवा के पास उसने किसी तरह छूटकर घरवालों को खबर की। पुलिस का कहना है कि हाथ बंधे होने पर भी युवक मोबाइल चलाता रहा, यह बात हजम नहीं हो रही।
आरोप है कि पुलिस हिरासत में शाम को अचानक पीड़ित युवक की हालत बिगड़ गई। यह देख पुलिस के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन पुलिस ने परिजन को बुलाकर युवक को उनके हवाले कर दिया। परिजन ने बताया कि उसकी हालत चौकी पर ही बिगड़ गई थी। उसका किसी मनोचिकित्सक से इलाज भी चलने की बात कही। पूरे मामले में सीओ रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की जांच के बाद अपहरण का मामला झूठा निकला। सीडीआर से पूरा मामला खुल सका। जांच जारी है, झूठी खबर देने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।